पन्ना की महिला ने बस में दिया बेटी को जन्म, ड्राइवर ने बिना देर किए सीधे जिला अस्पताल के अंदर पहुंचाई बस
छतरपुर में एम्बुलेंस न मिलने पर चलती बस के भीतर ही गर्भवती महिला की डिलीवरी हो गई। बस ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को सीधे जिला अस्पताल के अंदर पहुंचा दिया।
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से मानवता और सूझबूझ की एक अनूठी और प्रेरणादायक घटना सामने आई है। यहाँ मंगलवार की रात ग्वालियर से पन्ना लौट रही एक गर्भवती महिला को चलती बस में अचानक असहनीय प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। समय पर एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध न हो पाने के कारण बस के अंदर ही महिला का प्रसव हो गया। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बस चालक ने बिना एक पल गंवाए बस को सीधे जिला अस्पताल के मुख्य परिसर के अंदर घुसा दिया, जिससे समय पर इलाज मिलने पर मां और नवजात दोनों की जान सुरक्षित बच गई।
📞 एम्बुलेंस न मिलने पर बस में तड़पती रही महिला, यात्रियों और स्टाफ ने की मदद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पन्ना जिले के ग्राम करकरिया (थाना सलेहा) की रहने वाली रेखा चौधरी अपने पति देशराज चौधरी के साथ बस में सवार होकर ग्वालियर से अपने गांव लौट रही थी। झांसी से छतरपुर के रास्ते में महिला को अचानक प्रसव पीड़ा होने लगी। पति की गुहार पर कंडक्टर मनोज कुमार तिवारी ने तुरंत एम्बुलेंस के लिए कॉल किया, लेकिन मदद नहीं पहुँच सकी। इस बीच, बस में सफर कर रही अन्य महिलाओं ने आगे आकर प्रसव में सहायता की, जबकि ड्राइवर अशोक मिश्रा और कंडक्टर ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए बस को सीधे जिला अस्पताल के अंदर पहुँचाने का निर्णय लिया।
🏥 अस्पताल स्टाफ ने तुरंत संभाला मोर्चा, SNCU में भर्ती है नवजात शिशु
अस्पताल परिसर में बस पहुँचते ही प्रसूति वार्ड की नर्सों और चिकित्सा कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत बस के भीतर पहुंचकर जच्चा-बच्चा को संभाला और उन्हें सुरक्षित रूप से वार्ड में शिफ्ट किया। नवजात शिशु को विशेष देखरेख के लिए एसएनसीयू (SNCU) वार्ड में भर्ती कराया गया है, जबकि महिला का भी डॉक्टर की देखरेख में इलाज जारी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. आरपी गुप्ता ने बताया कि दोनों की स्थिति पूरी तरह से स्वस्थ है। ड्राइवर अशोक मिश्रा और पति देशराज चौधरी ने बताया कि समय रहते सही कदम उठाने से बड़ा हादसा टल गया।
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