केन-बेतवा प्रोजेक्ट से प्रभावित आबादी और विस्थापन पर सरकार ने स्पष्ट किए आंकड़े, 96% मुआवजा वितरित

मध्य प्रदेश सरकार ने केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर राहुल गांधी के आरोपों का जवाब दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित परिवारों को मुआवजा और पुनर्वास का लाभ दिया जा रहा है।

Aug 21, 2026 - 11:32
0
केन-बेतवा प्रोजेक्ट से प्रभावित आबादी और विस्थापन पर सरकार ने स्पष्ट किए आंकड़े, 96% मुआवजा वितरित

मध्य प्रदेश की महत्वाकांक्षी केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर इन दिनों राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर विस्थापन और पर्यावरण को लेकर कई तीखे सवाल खड़े किए गए थे। इन तमाम आरोपों पर अब राज्य सरकार ने पूरी स्थिति स्पष्ट करते हुए सिलसिलेवार तरीके से अपना जवाब पेश किया है। सरकार ने साफ किया है कि इस योजना में वर्ष 2024 तक बालिग हो चुके सभी युवाओं को प्रभावित मानकर मुआवजे का लाभ दिया जा रहा है, और वन्यजीव स्वीकृतियों की सभी शर्तों का पूरी कड़ाई से पालन किया जा रहा है।

📊 विस्थापन और प्रभावित आबादी के दावों पर सरकार का स्पष्टीकरण

राहुल गांधी द्वारा परियोजना से करीब 50 हजार लोगों के प्रभावित होने का दावा किया गया था, जिस पर प्रशासन ने आंकड़े रखते हुए बताया कि चारों परियोजनाओं (मझगवां, रूंझ, केन-बेतवा और नेगुंवा) से प्रभावित होने वाली कुल आबादी लगभग 23 हजार है, न कि 50 हजार।

  • मझगवां परियोजना: डूब क्षेत्र से 1 पूर्ण और 7 आंशिक गांव प्रभावित हैं, जिससे 1450 परिवारों की 5640 आबादी प्रभावित हो रही है।

  • रूंझ परियोजना: सिर्फ 1 पूर्ण और 1 आंशिक गांव के 730 परिवारों की 1906 आबादी प्रभावित है।

  • केन-बेतवा लिंक परियोजना: पन्ना और छतरपुर के डूब क्षेत्र में 7 गांव पूरी तरह और 2 गांव आंशिक रूप से प्रभावित हैं। क्षतिपूर्ति वनीकरण के लिए 14 गांवों की भूमि ली गई है, जिससे 5039 परिवारों सहित कुल 15661 लोग प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रभावित 22 गांवों के 5039 विस्थापित परिवारों के लिए 12.50 लाख रुपये प्रति परिवार के हिसाब से 604.745 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज स्वीकृत किया गया है, जिसमें से 96 फीसदी का भुगतान डेढ़ साल पहले ही किया जा चुका है। छतरपुर के करीदिया गांव में पुनर्वास के लिए प्लॉट भी आवंटित किए गए हैं।

🌲 पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और नए सर्वे के आदेश

आदिवासी बहुल गांवों और पेड़ों को नुकसान पहुंचने के दावों पर सरकार ने जवाब दिया है कि परियोजना शुरू करने से पहले ही एनवायरनमेंट इंपैक्ट असेसमेंट के तहत पर्यावरण मंजूरी ली गई थी। पन्ना टाइगर रिजर्व के संरक्षण के लिए इंटीग्रेटेड लैंडस्केप मैनेजमेंट प्लान तैयार किया गया है और कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट प्लान के तहत काम हो रहा है। इसके साथ ही, किसी भी पात्र व्यक्ति को मुआवजे से वंचित न रखने के लिए छतरपुर कलेक्टर मृणाल मीणा ने 14 गांवों का फिर से सर्वे करने के आदेश दिए हैं। मार्च 2024 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके 313 नए बालिगों को भी मुआवजे के दायरे में शामिल किया गया है। सरकार का यह भी कहना है कि कुछ राजनीतिक लोग जनता को भ्रमित कर इस आंदोलन को हवा दे रहे हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User