खौफ के साये में जीने को मजबूर ग्रामीण, छत से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से मंडरा रहा बड़ा खतरा

शहडोल जिले में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। एक ग्रामीण के घर की छत के बीचों-बीच 11 हजार वोल्ट का खंभा लगा दिया गया है, जिससे बड़ा खतरा बना हुआ है।

Aug 24, 2026 - 19:06
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खौफ के साये में जीने को मजबूर ग्रामीण, छत से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से मंडरा रहा बड़ा खतरा

क्या आपने कभी यह देखा या सुना है कि बिजली का खंभा किसी मकान की छत के ठीक ऊपर लगा हुआ हो? और उस पर भी सोने पर सुहागा यह कि उसी खंभे के ऊपर से 11 हजार वोल्ट (11 KV) की हाईटेंशन लाइन भी गुजार दी जाए। सुनने में भले ही यह किसी मजाक या अकल्पनीय बात जैसा लगे, लेकिन यह शत-प्रतिशत सच है। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के अंतिम छोर पर स्थित पपौंध क्षेत्र की ग्राम पंचायत सकंदी से एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ बिजली विभाग के इंजीनियरों ने सुरक्षा के सभी नियमों को ताक पर रखकर एक ग्रामीण के घर की पक्की छत के बीचों-बीच बिजली का खंभा खड़ा कर दिया है।

🏠 छत पर पैर रखते ही सताता है करंट का डर, हर वक्त मंडरा रहा बड़े हादसे का खतरा

छत के ठीक बीचों-बीच खड़े किए गए इस पोल से गुजर रही 11 हजार केवी की हाईटेंशन बिजली लाइन मकानों के बेहद करीब से निकलती है, जिसके कारण पूरे साकेत मोहल्ले में 24 घंटे किसी अनहोनी और बड़े हादसे का गंभीर खतरा बना रहता है। जिस ग्रामीण के मकान की छत पर यह खंभा लगाया गया है, उसका दर्द है कि छत पर पैर रखते ही उसे हर पल करंट लगने का डर सताता रहता है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि पूर्व में भी कई लोग इस हाई वोल्टेज तार की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं और लोग अपने ही घरों में खौफ के साये में जीने को मजबूर हैं।

🗣️ शिकायतों के बाद भी नहीं हुई सुनवाई, बिजली विभाग के EE ने दिए जांच के आदेश

परेशान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस जानलेवा समस्या को लेकर उन्होंने कई बार बिजली कंपनी के दफ्तर के चक्कर काटे हैं और अधिकारियों को लिखित ज्ञापन भी सौंपा है, लेकिन इसके बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और विद्युत वितरण कंपनी से पुरजोर मांग की है कि इस खतरनाक खंभे और हाईटेंशन लाइन को तुरंत सुरक्षित दूरी पर शिफ्ट किया जाए। इस पूरे मामले पर जब बिजली कंपनी के कार्यपालन अभियंता (EE) डी.के. गुप्ता से बात की गई, तो उनका कहना था कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था और इस तरह की लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जल्द ही मामले की तकनीकी जांच करवाकर दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

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