मध्य प्रदेश वन विभाग लॉन्च करने जा रहा है 'शिवा ऐप', अब जीपीएस से तुरंत मिलेगा स्नेक रेस्क्यूअर
मध्य प्रदेश वन विभाग वन्यजीव सप्ताह के दौरान 'शिवा ऐप' लॉन्च करने जा रहा है। इस ऐप के जरिए जीपीएस से नजदीकी स्नेक रेस्क्यूअर और सर्पदंश के इलाज की जानकारी मिलेगी।
मध्य प्रदेश वन विभाग अब एक ऐसा आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार करने जा रहा है, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिलने वाली है। अब घर, खेत या सड़क पर सांप दिखाई देने पर लोगों को उसे खुद पकड़ने या भगाने का जोखिम उठाने की बिल्कुल जरूरत नहीं होगी। इसके लिए वन विभाग 'शिवा ऐप' (Shiva App) लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। इस ऐप की मदद से जीपीएस (GPS) तकनीक के जरिए यूजर के सबसे नजदीक मौजूद प्रमाणित और प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यूअर की जानकारी तुरंत मिल जाएगी। इसके अलावा, सर्पदंश (सांप के काटने) की आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार की जानकारी और एंटी-स्नेक वेनम (Anti-Snake Venom) उपलब्ध कराने वाले नजदीकी अस्पतालों की लोकेशन भी इस ऐप पर आसानी से मिल सकेगी। वन विभाग इसे आगामी वन्यजीव सप्ताह के दौरान 2 से 8 अक्टूबर के बीच लॉन्च करने की योजना बना रहा है।
📍 जीपीएस बताएगा सबसे पास का रेस्क्यूअर, रेस्क्यूअर्स को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग और लाइसेंस
वन विभाग प्रदेशभर के सभी अधिकृत स्नेक रेस्क्यूअर्स का एक डिजिटल डेटाबेस तैयार कर रहा है। सांप दिखने पर कोई भी व्यक्ति इस ऐप पर अपनी लाइव लोकेशन साझा कर सकेगा, जिसके आधार पर आसपास मौजूद ट्रेंड रेस्क्यूअर से तुरंत संपर्क हो जाएगा। इससे बिना प्रशिक्षण के सांप पकड़ने वाले लोगों पर निर्भरता कम होगी और आम नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी। वन विभाग इन रेस्क्यूअर्स को सुरक्षित तरीके से सांप पकड़ने और उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में सकुशल छोड़ने का विशेष प्रशिक्षण देगा। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उन्हें एक साल की वैधता वाला लाइसेंस प्रदान किया जाएगा, जिसे हर साल नवीनीकृत (Renew) कराना अनिवार्य होगा। इससे विभाग के पास पूरा रिकॉर्ड रहेगा कि प्रदेश में कौन-कौन लोग अधिकृत रूप से यह कार्य कर रहे हैं।
🏥 सर्पदंश के इलाज में मिलेगी मदद, उद्देश्य सिर्फ सांप पकड़ना नहीं बल्कि संरक्षण भी है
यह 'शिवा ऐप' केवल रेस्क्यू तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि किसी को सांप काटने पर यह ऐप प्राथमिक उपचार (First Aid) के चरण, क्या करें और किन बातों से बचें, इसकी पूरी जानकारी देगा। साथ ही, एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध कराने वाले अस्पतालों की सटीक लोकेशन भी बताएगा। ऐप के माध्यम से रेस्क्यू की गई लोकेशन, सांप की प्रजाति और उसे कहाँ सुरक्षित छोड़ा गया है, इसका पूरा डिजिटल रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (PCCF) वन्यजीव समीता राजौरा के अनुसार, "शिवा ऐप सार्वजनिक सुरक्षा, सांपों के वैज्ञानिक संरक्षण, त्वरित रेस्क्यू और सर्पदंश प्रबंधन के बीच बेहतरीन तालमेल स्थापित करेगा।" इसके लिए विभाग पुलिस, होमगार्ड, मैदानी वनकर्मियों और स्वयंसेवकों को भी विशेष प्रशिक्षण देने जा रहा है।
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