समृद्ध मध्य प्रदेश-2047 विजन को लेकर भोपाल में कान्क्लेव आयोजित, शिक्षा और अनुसंधान के लिए हुए 13 एमओयू

भोपाल में 'समृद्ध मध्य प्रदेश-2047' केंद्रीय संस्थाओं के सम्मेलन का आयोजन किया गया। सीएम मोहन यादव ने कहा कि स्किल नई करेंसी है और इनोवेशन नई इकोनॉमी है।

Aug 25, 2026 - 11:03
0
समृद्ध मध्य प्रदेश-2047 विजन को लेकर भोपाल में कान्क्लेव आयोजित, शिक्षा और अनुसंधान के लिए हुए 13 एमओयू

राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में ‘कंट्रीब्यूशन ऑफ सेंट्रली फंडेड इंस्टीट्यूशंस फॉर समृद्ध मध्य प्रदेश-2047’ विषय पर राज्य स्तरीय कान्क्लेव का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में 'स्किल' (कौशल) नई करेंसी है और 'इनवेसन' (नवाचार) नई इकोनॉमी बन चुकी है। हमारी शिक्षण और शोध संस्थाओं को कौशल, शोध, नवाचार और उद्यमिता का प्रमुख केंद्र बनना होगा। पब्लिकेशन से लेकर पेटेंट तक, पेटेंट से प्रोटोटाइप तक और प्रोटोटाइप से एंटरप्राइज की इकोनॉमिक व नॉलेज वैल्यू चेन स्थापित करनी होगी।

🤝 राज्यों के बीच परस्पर सहयोग जरूरी, 'वन इंस्टीट्यूट–वन प्र promesa' (एक संस्थान–एक संकल्प) पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की प्रगति के लिए राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ परस्पर सहयोग भी बेहद आवश्यक है। हर राज्य आगे बढ़ेगा, तभी देश एक विकसित राष्ट्र बनेगा। जिस प्रकार रामायण में जामवंत ने हनुमान जी को उनकी शक्ति से परिचित कराया था, उसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को उसके वास्तविक सामर्थ्य से अवगत कराया है। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान द्वारा आयोजित इस कान्क्लेव का मुख्य उद्देश्य “वन इंस्टीट्यूट–वन प्रॉमिस” की थीम पर प्रदेश की केंद्रीय संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 'समृद्ध मध्य प्रदेश-2047' केंद्रीय संस्थाओं के सम्मेलन की स्मारिका का भी विमोचन किया।

🤖 एआई की चुनौतियों से निपटने के लिए ह्यूमन कैपिटल विकसित करना जरूरी : मुख्य सचिव

कार्यक्रम में मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आज एक बड़ा बदलाव लाने जा रहा है और इसके भविष्य को लेकर अधिकांश लोग अभी स्पष्ट स्थिति में नहीं हैं। इस पूरी चुनौती के बीच प्रदेश के लिए सबसे महत्वपूर्ण 'ह्यूमन कैपिटल' (मानव पूंजी) है। हमें युवाओं को एआई की चुनौतियों का सामना करने के योग्य और कुशल बनाना होगा। कान्क्लेव के अंत में प्रदेश में शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आईआईटी इंदौर, आईआईएसईआर भोपाल, एनआईटीटीटीआर भोपाल, एनआईडी भोपाल, एनएफएसयू भोपाल और प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट सहित विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के बीच कुल 13 महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User