छतरपुर पुलिस ने किया बड़े सायबर फ्रॉड गैंग का खुलासा, 15 राज्यों में फैला था नेटवर्क; 3 ठग गिरफ्तार

छतरपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय सायबर फ्रॉड करने वाले एक बड़े गैंग का खुलासा किया है। आरोपियों के पास से कई एटीएम, पासबुक और 104 सिम कार्ड बरामद हुए हैं, जिनका नेटवर्क 15 राज्यों में फैला था।

Aug 25, 2026 - 15:05
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छतरपुर पुलिस ने किया बड़े सायबर फ्रॉड गैंग का खुलासा, 15 राज्यों में फैला था नेटवर्क; 3 ठग गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की पुलिस ने सायबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय सायबर ठगों के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने शातिर ठगों के कब्जे से भारी मात्रा में विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड, पासबुक, सिम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस गिरोह का जाल देश के कुल 15 राज्यों में फैला हुआ था। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है, जिसके बाद और भी कई बड़े खुलासे होने की संभावना है। इस उत्कृष्ट कार्रवाई पर एसपी ने सफल पुलिस टीम को 8 हजार रुपये का नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

🌐 तमिलनाडु की महिला से 37 लाख की ठगी का खुलासा, 15 राज्यों के सायबर पोर्टल से जुड़े तार

छतरपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) रजत सकलेचा ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस द्वारा बरामद की गई सामग्री और नेशनल सायबर क्राइम पोर्टल पर तकनीकी जाँच करने पर बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोपियों से मिले बैंक खाते, एटीएम और सिम कार्ड बिहार, दिल्ली, राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल और पंजाब सहित देश के 15 राज्यों में दर्ज सायबर धोखाधड़ी की विभिन्न शिकायतों से जुड़े पाए गए हैं। इस दौरान तमिलनाडु की एक महिला के साथ हुई करीब 37 लाख 80 हजार रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी का भी खुलासा हुआ है, जिसमें छतरपुर निवासी सलमान राइन का बैंक खाता इस्तेमाल होना पाया गया है। मुख्य आरोपी सलमान राइन पर पहले से ही सिविल लाइन थाने में वित्तीय धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं और वह फरार चल रहा था।

💳 लालच देकर किराए पर लेते थे बैंक खाते, म्यूल अकाउंट के जरिए खपाते थे ठगी की रकम

कोतवाली टीआई सतीश सिंह ने बताया कि पूछताछ में यह बात सामने आई है कि ये आरोपी भोले-भले या जरूरतमंद लोगों को प्रलोभन देकर उनके बैंक खाते हासिल करते थे। कुछ लोगों से किराए पर बैंक खाते लेकर उन्हें 'म्यूल अकाउंट' (Mule Account) के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। इन खातों के साथ फर्जी या अन्य लोगों के नाम पर जारी सिम कार्ड उपलब्ध कराकर सायबर ठगी की अवैध रकम का ट्रांजेक्शन किया जाता था। इस पूरे नेटवर्क में दूसरा आरोपी उज्जवल अग्रवाल है जो कियोस्क बैंक संचालक है, तथा तीसरा आरोपी राहुल पांडेय भी छतरपुर का ही रहने वाला है, जबकि एक अन्य की तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 20 पासबुक, 23 एटीएम, 104 सिम कार्ड और 2 मोबाइल जब्त किए हैं, जिनका संबंध देश भर के करीब 35 करोड़ रुपये की सायबर ठगी से जुड़ा हो सकता है।

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