पैसा डबल करने के नाम पर 492 करोड़ की ठगी, 17 राज्यों में फैला था फर्जी कंपनियों का नेटवर्क

पैसा डबल करने का झांसा देकर निवेशकों से करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। मध्य प्रदेश में 492 करोड़ और देशभर में 10,000 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।

Aug 25, 2026 - 16:11
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पैसा डबल करने के नाम पर 492 करोड़ की ठगी, 17 राज्यों में फैला था फर्जी कंपनियों का नेटवर्क

पैसा डबल करने वाली स्कीमों के लालच में आकर लोगों के ठगे जाने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। तमाम जागरूकता अभियानों के बावजूद लोग आसानी से ऐसे जालसाजों के झांसे में आ जाते हैं। ऐसा ही एक बेहद चौंकाने वाला मामला मध्य प्रदेश में सामने आया है, जहाँ निवेशकों के लगभग 492 करोड़ रुपये लेकर फर्जी कंपनियां रफूचक्कर हो गईं। इस मामले में जबलपुर सीआईडी को फिलहाल 4 जिलों की 11 पुलिस डायरियाँ सौंपी गई हैं, जिसमें करीब 1600 निवेशक अपने 42 करोड़ रुपये गंवाने की गुहार लगा रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस जालसाजी का नेटवर्क देश के 17 राज्यों में फैला हुआ था और कुल मिलाकर पूरे देश से लगभग 10,000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम लूटकर आरोपी फरार हो गए हैं।

👥 एमपी के 4 जिलों में 42 करोड़ का फ्रॉड, अशोकनगर, टीकमगढ़, दमोह और विदिशा के निवेशक बने शिकार

ताजा मामले की जानकारी देते हुए जबलपुर के एआईजी सीआईडी राज्यवर्धन माहेश्वरी ने बताया कि फिलहाल उनके पास चार जिलों से शिकायतें पहुँची हैं, जिनमें अशोकनगर, टीकमगढ़, दमोह और विदिशा के निवेशक शामिल हैं। इन 1600 निवेशकों के साथ कुल 42 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है। इस पूरे काले कारोबार का मास्टरमाइंड समीर अग्रवाल बताया जा रहा है, जो मुंबई का रहने वाला है। इसके अलावा रवि तिवारी, आलोक कुमार जैन और सुतीक्ष्ण सक्सेना जैसे कई अन्य आरोपी भी इस नेटवर्क में शामिल हैं, जिनकी पुलिस सरगर्मी से जाँच कर रही है।

📋 समिति का पंजीयन कराकर करते थे धोखाधड़ी, हवाला के जरिए विदेशों में पहुंचाई रकम

सीआईडी अधिकारियों के मुताबिक, इन ठगों का तरीका बेहद शातिर था। ये लोग अलग-अलग नाम से समितियों का पंजीयन करवाते थे और लोगों को लुभावनी निवेश स्कीमें बताकर पैसा डबल करने का झांसा देते थे। शुरुआत में कुछ लोगों का पैसा सचमुच दोगुना कर दिया जाता था ताकि लोगों का भरोसा जीत सके, और जब बड़ा अमाउंट जमा हो जाता था तो कंपनियां बंद कर भाग जाते थे। आरोपी हर जिले में नई समिति रजिस्टर कर वहाँ एक मैनेजर रखते थे, जिन्हें भारी सैलरी और इंसेंटिव का लालच देकर ज्यादा से ज्यादा लोगों से निवेश करवाया जाता था। गजब की बात यह है कि इसमें ज्यादातर पैसा हवाला के जरिए मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल तक पहुँचाया गया। केवल मध्य प्रदेश में 492 करोड़ और पूरे देश में 10,000 करोड़ से अधिक का चूना लगाने वाले ये आरोपी देश छोड़कर भाग चुके हैं और उनके द्वारा यूरोप के आइसलैंड की नागरिकता ले लिए जाने की बात सामने आ रही है।

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