प्रतियोगी परीक्षा के विद्यार्थियों से रूबरू हुए एसपी श्री शुक्ल, डॉ. कलाम का उदाहरण देकर असफलता से न डरने की दी सलाह
बड़वानी के 'दिशा लर्निंग सेंटर' में पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल ने विद्यार्थियों को सफलता के मंत्र दिए। उन्होंने सकारात्मक सोच, आत्म-चिंतन और योग अपनाने की सलाह दी।
"दृढ़ संकल्प, आत्म चिंतन और सकारात्मक सोच ही सफलता की कुंजी" — पुलिस अधीक्षक बड़वानी श्री पद्मविलोचन शुक्ल
दिशा लर्निंग सेंटर बड़वानी में एसपी श्री शुक्ल ने विद्यार्थियों को दिए सफलता के मंत्र; सकारात्मक सोच, आत्म चिंतन और गलत कामों से दूर रहने की दी सलाह।
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन से सीख लेने का किया आह्वान; कहा- "असफलताएं सफलता की पहली सीढ़ी होती हैं।"
विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का किया सरल समाधान; पढ़ाई में ध्यान न लगने पर योग व प्राणायाम अपनाने का दिया सुझाव।
बड़वानी : आज दिनांक 25 अगस्त 2026 को बड़वानी स्थित 'दिशा लर्निंग सेंटर' में एक विशेष प्रेरक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पुलिस अधीक्षक बड़वानी, श्री पद्मविलोचन शुक्ल ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया और सफलता हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।
छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक श्री शुक्ल ने कहा कि जीवन में कभी भी असफलता से निराश या हतोत्साहित नहीं होना चाहिए। सफलता प्राप्त करने के लिए दृढ़ संकल्प, एकाग्रता, कठिन परिश्रम (हार्ड वर्क) और अटूट लगन सबसे आवश्यक हैं। यदि मन में दृढ़ संकल्प हो और लक्ष्य की ओर निरंतर प्रयास किया जाए, तो सफलता अवश्य मिलती है।
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का दिया उदाहरण
विद्यार्थियों को असफलता से न घबराने की प्रेरणा देते हुए एसपी श्री शुक्ल ने मिसाइल मैन और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार डॉ. कलाम अपने शुरुआती प्रयासों और अभियानों में मिली असफलताओं से कभी पीछे नहीं हटे, बल्कि उन असफलताओं से सीख लेकर निरंतर प्रयास करते रहे और अंततः देश के सबसे महान वैज्ञानिकों व सफल राष्ट्रपति के रूप में पहचान बनाई। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि "असफलता केवल यह बताती है कि सफलता का प्रयास पूरे मन से नहीं हुआ; इसलिए असफलता से डरने के बजाय उससे सीख लेकर दोबारा दोगुने उत्साह से प्रयास करें।"
सकारात्मक सोच (Positive Thinking) रखें
एसपी श्री शुक्ल ने विद्यार्थियों को सदैव सकारात्मक सोच बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों और असफलता के समय केवल सकारात्मक सोच ही व्यक्ति को आगे बढ़ने की ऊर्जा देती है। नकारात्मक विचारों को त्यागकर अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखें और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ें।
आत्म चिंतन (Self-Reflection) की आदत डालें
विद्यार्थियों की कार्यशैली और तैयारी के सुधार पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि हर छात्र को नियमित रूप से 'आत्म चिंतन' (Self-Reflection) करना चाहिए। प्रतिदिन यह विश्लेषण करें कि आपने अपनी तैयारी में क्या प्रगति की, कहां गलतियां हुईं और उन्हें कैसे सुधारा जा सकता है। आत्म चिंतन से व्यक्ति को अपनी शक्तियों और कमजोरियों का सही आकलन होता है।
गलत कामों और बुरी संगति से बनाएं दूरी
युवाओं को सजग करते हुए उन्होंने विशेष रूप से कहा कि विद्यार्थी जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए अनुशासन और चरित्र निर्माण अत्यंत आवश्यक है। इसलिए जीवन में कभी भी किसी भी प्रकार के गलत कामों और नकारात्मक संगति से दूर रहें। गलत रास्ते पर जाने से न केवल समय और ऊर्जा नष्ट होती है, बल्कि लक्ष्य से भी ध्यान भटक जाता है।
मानसिक शांति और एकाग्रता के लिए योग-प्राणायाम
पढ़ाई के दौरान ध्यान भटकने या तनाव की समस्या पर मार्गदर्शन देते हुए उन्होंने कहा कि जब भी पढ़ाई में मन न लगे, तो विद्यार्थियों को योग और प्राणायाम का सहारा लेना चाहिए। नियमित योग और प्राणायाम से मन शांत होता है, एकाग्रता बढ़ती है और स्मरण शक्ति मजबूत होती है।
महाकाव्यों के उदाहरणों से दूर की विद्यार्थियों की जिज्ञासाएँ
संवाद सत्र के दौरान विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों और उनकी शंकाओं का उत्तर एसपी श्री शुक्ल ने अत्यंत सरल और सहज तरीके से दिया। उन्होंने विद्यार्थियों की हर जिज्ञासा को शांत करते हुए श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्री कृष्ण के उपदेशों, महाभारत और रामायण जैसे महाकाव्यों के प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किए और छात्रों को कर्तव्यपथ पर डटे रहने की प्रेरणा दी।
सफलता के प्रमुख मार्गदर्शन बिंदु:
सकारात्मक सोच रखें: हर परिस्थिति में दृष्टिकोण सकारात्मक रखें और अपनी क्षमताओं पर भरोसा करें।
नियमित आत्म चिंतन करें: अपनी तैयारियों का स्वयं मूल्यांकन करें और कमजोरियों को पहचानकर सुधार करें।
डॉ. कलाम के जीवन से सीखें: असफलता से घबराएं नहीं, इसे अपनी सफलता का पहला कदम बनाकर निरंतर प्रयास करते रहें।
गलत कामों से रहें दूर: गलत संगति और अनुचित गतिविधियों से दूरी बनाकर लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें।
योग और प्राणायाम अपनाएं: पढ़ाई में मन न लगने पर योग-प्राणायाम करें, इससे एकाग्रता और मानसिक ऊर्जा बढ़ती है।
मार्गदर्शकों का सम्मान: अपने गुरुओं और शुभचिंतकों के मार्गदर्शन पर भरोसा रखकर अनुशासित अध्ययन करें। अंत में विद्यार्थियों ने पुलिस अधीक्षक श्री पद्मविलोचन शुक्ल का इस अमूल्य मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री धीरज बब्बर, डीएसपी श्री चेतन बघेल, नवागत रक्षित निरीक्षक गजेंद्र निगवाल, रक्षित निरीक्षक उषा सिसोदिया, साइबर एक्सपर्ट उप निरीक्षक रितेश खत्री एवं बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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