राजगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 30 हजार किमी पीछा कर दबोचे शातिर ठग, 1.73 करोड़ नगद बरामद
राजगढ़ पुलिस ने 'ऑपरेशन मनी ट्रैप' के तहत 2 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। 10 राज्यों में कार्रवाई कर 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की पुलिस ने ठगी के एक बड़े और शातिर नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए अंतर्राज्यीय गिरोह के 14 आरोपियों को धर दबोचा है। निवेश की रकम को कुछ ही दिनों में दोगुना करने का झांसा देकर 2 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले इस गिरोह के खिलाफ पुलिस ने 'ऑपरेशन मनी ट्रैप' चलाया। इस पूरी कार्रवाई के तहत पुलिस टीमों ने 10 अलग-अलग राज्यों में करीब 30,000 किलोमीटर तक पीछा कर आरोपियों को दबोचा। पुलिस कंट्रोल रूम में एसपी अमित तोलानी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों के पास से 1 करोड़ 73 लाख रुपये नकद, 4 लग्जरी वाहन और 19 एंड्रॉयड मोबाइल सहित कुल 2 करोड़ 92 लाख 91 हजार रुपये का माल जब्त किया गया है।
🪝 निवेश का लालच और फर्जी आरटीजीएस: भोपाल के कूरियर ऑफिस में हुई थी वारदात
घटना की शुरुआत 24 जुलाई 2026 को हुई, जब ब्यावरा निवासी फरियादी देवेंद्र पालीवाल ने थाना ब्यावरा शहर में रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोपियों ने खुद को बड़ी कंपनियों से जुड़ा बताकर और फर्जी ई-मेल व दस्तावेज दिखाकर फरियादी को 2 करोड़ रुपये के निवेश पर भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया था। साजिश के तहत 22 जुलाई 2026 को भोपाल के जहांगीराबाद स्थित बाबूलाल कांतीलाल कूरियर ऑफिस में फरियादी से 2 करोड़ रुपये नकद ले लिए गए और हवाला-आंगड़िया के जरिए राशि भेजने की बात कही गई। इसके बाद विश्वास में लेने के लिए 4 करोड़ के फर्जी आरटीजीएस का स्क्रीनशॉट थमाकर आरोपी फरार हो गए। जब तय समय पर राशि वापस नहीं मिली, तब ठगी का अहसास होने पर पुलिस में शिकायत की गई।
🌐 50 पुलिसकर्मी, 30,000 किलोमीटर और 10 राज्यों में दबिश: ऐसे बिछाया गया जाल
आरोपियों की धरपकड़ के लिए राजगढ़ पुलिस ने 10 विशेष टीमों का गठन किया, जिसमें करीब 50 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे। आरोपियों के मूवमेंट को ट्रैक करने के लिए पुलिस टीमों ने विभिन्न राज्यों के 3,000 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। लगातार 35 दिनों तक महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, केरल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा जैसे 10 राज्यों में दबिश देकर पुलिस ने कुल 14 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह 6 स्तरों पर बंटा हुआ था, जिसमें पीड़ित को चिन्हित करने से लेकर हवाला के जरिए पैसे ठिकाने लगाने तक का पूरा नेटवर्क शामिल था।
👥 गिरफ्त में आए मुख्य आरोपी और उनसे बरामदगी का पूरा ब्योरा
पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपियों में ठाणे (महाराष्ट्र) के आरिफ हुसैन (पास से 46 लाख नकद व 2 कार), मुंबई के अशोक चौधरी (42 लाख नकद व 1 कार), जोधपुर के नवीन जैन (30 लाख नकद), मुर्शिदाबाद के सन्नी उर्फ शमीम मंडल (25 लाख नकद), मुस्कीम मंडल (4 लाख नकद), हैदराबाद के कांतीलाल (3 लाख नकद), बोनी यामीन (2.5 लाख नकद), पुणे के वासुदेव गाडेकर (2 लाख नकद), नागपुर के दिनेश वीरानी, प्रफुल्ल गजभिये, सचित कामले, गोंदिया के सुजीत टेंबेकर, नांदेड़ के माधव असोरे और साहिल नीसवाडे शामिल हैं। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि यह गिरोह इससे पहले पश्चिम बंगाल में 50 लाख और दिल्ली में एक पुलिस अधिकारी से भी ठगी कर चुका है, तथा इंदौर में भी बड़ी वारदात की योजना बना रहा था।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)