नवरात्रि नहीं अब गणेशोत्सव में जले मनोकामना कलश; छिंदवाड़ा के बिछुआ में स्थापित हुए 41 अखंड दीप
छिंदवाड़ा के बिछुआ स्थित सिद्ध गणेश मठ में गणेशोत्सव पर स्थापित किए गए 41 मनोकामना कलश। दावा है कि यह विश्व का ऐसा इकलौता मंदिर है।
छिंदवाड़ा। आमतौर पर दुर्गा पूजा के पंडालों या चैत्र व शारदीय नवरात्रि के दौरान ही मनोकामना ज्योति कलश की स्थापना की परंपरा देखी जाती है। हालांकि, छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ स्थित ऐतिहासिक 'श्री सिद्ध गणेश मठ' में गणेश उत्सव के पावन पर्व पर मनोकामना कलश स्थापित किए गए हैं। गणेश मठ के महामंडलेश्वर का दावा है कि विश्व के किसी भी गणेश मंदिर में गणेशोत्सव के दौरान मनोकामना कलश स्थापित नहीं किए जाते हैं और यह मठ पूरी दुनिया में ऐसा पहला स्थान बन गया है, जहां यह धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ है।
🪔 नवरात्रि की तर्ज पर जले अखंड दीप: देश ही नहीं विदेश से भी भक्तों ने कराई कलश की बुकिंग
श्री सिद्ध गणेश मठ बिछुआ के महामंडलेश्वर डॉ. वैभव आलोनी ने बताया, "मनोकामना कलश की स्थापना गणेश उत्सव के दौरान पूरी दुनिया में कहीं भी नहीं होती है।
यह एकमात्र सिद्ध गणेश मठ है, जहां पहली बार देश और विदेश के श्रद्धालुओं की ओर से 41 मनोकामना कलश ऑनलाइन बुकिंग के जरिए स्थापित किए गए हैं।" उन्होंने बताया कि गणेश मठ से देश-विदेश के हजारों श्रद्धालु जुड़े हुए हैं, जो नियमित रूप से यहां आते हैं। यह मनोकामना कलश गणेश चतुर्थी से त्रयोदशी (अनंत चतुर्दशी के पूर्व) तक निरंतर अखंड रूप से प्रज्वलित रहेंगे।
🥥 कभी सुपारी के आकार की थी प्रतिमा: अब धीरे-धीरे बढ़ रहा है भगवान गणेश का स्वरूप
मठ की प्राचीनता और चमत्कारों के बारे में जानकारी देते हुए महामंडलेश्वर डॉ. वैभव अलोनी ने बताया, "यह अति प्राचीन और सिद्ध गणेश मठ है।
दशक पूर्व यहां भगवान श्री गणेश की प्रतिमा एक छोटी सी सुपारी के आकार में विराजित थी। समय के साथ-साथ भगवान की इस प्रतिमा का आकार लगातार स्वतः ही बढ़ रहा है।" क्षेत्र में यह गहरी मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से गणेश जी के दरबार में अपनी मन्नत लेकर आता है, भगवान उसकी हर मनोकामना अवश्य पूर्ण करते हैं।
📜 मंदिर में बना 'विश्व का पहला श्री गणेश नाम मंत्र जाप बैंक': श्रद्धालु लिख रहे हैं नाम-मंत्र
स्थानीय भक्त उमेश साहू ने बताया कि श्री अलोणी महाराज सेवा संस्थान के गणेश मठ में गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर 41 अखंड मनोकामना कलशों की स्थापना की गई है।
इसके साथ ही, समिति द्वारा मंदिर परिसर में विश्व का पहला 'श्री गणेश नाम मंत्र जाप बैंक' स्थापित किया गया है। यहां श्रद्धालु 'श्री गणेशाय नमः' नाम-मंत्र का लेखन करते हैं। मनोकामनाएं पूरी होने पर कई श्रद्धालु एक से अधिक पुस्तकों में मंत्र लेखन कर रहे हैं। गणेशोत्सव के समापन अवसर पर मंदिर में विशेष हवन-पूजन और महाप्रसाद का आयोजन किया जाएगा।
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