जान जोखिम में डालकर नाला पार करने को मजबूर ग्रामीण; बल्लियों और रस्सी के सहारे चल रही जिंदगी

छतरपुर के ग्राम पंचायत खैरी के चंदन पुरवा में पुलिया न होने से ग्रामीण जान जोखिम में डालकर रस्सी और बल्लियों के सहारे नाला पार करने को मजबूर हैं।

Sep 16, 2026 - 14:48
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जान जोखिम में डालकर नाला पार करने को मजबूर ग्रामीण; बल्लियों और रस्सी के सहारे चल रही जिंदगी

छतरपुर। जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर राजनगर तहसील की ग्राम पंचायत खैरी के चंदन पुरवा से प्रशासनिक दावों की पोल खोलती भयावह तस्वीर सामने आई है। गांव में पक्का पुल या पुलिया न होने के कारण ग्रामीण हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर बल्लियों और रस्सी से बने अस्थाई पुल के सहारे उफनता नाला पार करने को मजबूर हैं। जरा सी चूक किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

🪵 चंदन पुरवा में 60 से ज्यादा आबादी: बरसात में संपर्क कटा, ग्रामीणों ने बनाया 'देसी जुगाड़'

चंदन पुरवा तक पहुंचने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं है, और ग्रामीणों को खेतों की पगडंडियों से होकर ही नाला पार करना पड़ता है।

बरसात के दिनों में जब नाले का जलस्तर बढ़ जाता है, तो यह रास्ता जानलेवा साबित होता है। 60 से अधिक आबादी वाले इस पुरवे में जब आने-जाने का संपर्क पूरी तरह टूट गया, तो ग्रामीणों ने नाले के दोनों तरफ मजबूत रस्सियां बांधकर और लकड़ियों की बल्लियां बिछाकर नाला पार करने का देसी जुगाड़ तैयार किया।

🚶‍♂️ बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों पर मंडरा रहा खतरा: पढ़ाई ठप, खेती-किसानी भी प्रभावित

नाले को इस खतरनाक तरीके से पार करने में सबसे ज्यादा दिक्कतें स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही हैं।

गांव में रास्ता न होने से बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही किसानों को खेतों तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। आपात स्थिति में किसी मरीज या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना ग्रामीणों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होता।

📜 जनसुनवाई में गुहार और आश्वासन: वर्षों से नहीं हुई कोई ठोस कार्रवाई

ग्रामीण कैलाश रैकवार के अनुसार, वे सालों से इसी तरह नाला पार कर रहे हैं।

पुलिया निर्माण को लेकर कई बार आवेदन दिए जा चुके हैं। पिछले वर्ष जिला पंचायत सीईओ ने खुद चंदन पुरवा पहुंचकर जल्द पुलिया बनवाने का भरोसा दिया था, लेकिन धरातल पर अब तक कुछ नहीं बदला। थक-हारकर ग्रामीण मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे और आवेदन सौंपा। मामले में तहसीलदार पीयूष दीक्षित ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है, वहीं जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया ने बताया कि मणि सागर डैम का पानी आने से यह स्थिति बनी है और जल्द ही उचित समाधान निकाला जाएगा।

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