अगले हफ्ते आएंगे 6 मेनबोर्ड समेत 19 आईपीओ, एलिवेट कैंपसेस और वर्मोरा ग्रैनिटो पर रहेगी निवेशकों की नजर
अगले सप्ताह 6 मेनबोर्ड समेत 19 आईपीओ होंगे ओपन। एलिवेट कैंपसेस, वर्मोरा ग्रैनिटो और एनएसई की लिस्टिंग पर निवेशकों की खास नजर।
प्राइमरी मार्केट में अगले सप्ताह भी निवेशकों के लिए जबरदस्त गतिविधियां देखने को मिलेंगी. इस सप्ताह के दौरान छह मेनबोर्ड आईपीओ समेत कुल 19 आईपीओ बाजार में उतरने वाले हैं, जिनका कुल साइज लगभग 4,169 करोड़ रुपए होगा. इनमें से 3,825 करोड़ रुपए अकेले मेनबोर्ड आईपीओ के जरिए जुटाए जाएंगे. एलिवेट कैंपसेस और वर्मोरा ग्रैनिटो जैसे बड़े नाम इसमें प्रमुख रूप से शामिल हैं. ये सभी आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 22 से 28 सितंबर के बीच खुलेंगे, जबकि ज्यादातर इश्यू 23 सितंबर को बाजार में आएंगे. नई ओपनिंग के अलावा, मार्केट में एनएसई (NSE) समेत 12 बड़ी लिस्टिंग भी देखने को मिलेंगी.
🚀 2. हिलहाउस समर्थित एलिवेट कैंपसेस और वर्मोरा ग्रैनिटो के आईपीओ पर निवेशकों की नजर, 2,100 करोड़ तक का आएगा बड़ा इश्यू
मेनबोर्ड सेगमेंट में हिलहाउस इन्वेस्टमेंट समर्थित एलिवेट कैंपसेस 23 सितंबर को 2,100 करोड़ रुपए का भारी-भरकम आईपीओ लेकर आ रही है, जिसके लिए प्राइस बैंड 343-362 रुपए तय किया गया है. वहीं, वर्मोरा ग्रैनिटो का 708 करोड़ रुपए का आईपीओ 22 से 24 सितंबर तक खुलेगा. इसके अलावा ए-वन स्टील्स इंडिया, अरमी इन्फोटेक, स्वस्तिका इन्फ्रा और एड्रॉयट इंडस्ट्रीज (इंडिया) के आईपीओ भी निवेशकों के लिए खुलेंगे. दूसरी ओर, SME सेगमेंट में भी विवेकानंद कॉटस्पिन, एफएक्स मल्टीटेक, रोबोकिड्ज़ एडुवेंचर्स, हिमालय न्यूट्रावेदिक्स और आनंद सीमलेस सहित कई अन्य कंपनियों के इश्यू दस्तक देंगे, जो निवेशकों की पसंद की परीक्षा लेंगे.
📊 3. एनएसई की लिस्टिंग और ग्रे मार्केट के रुझान पर निवेशकों का फोकस, इस साल 87 तक पहुंच सकती है आईपीओ लाने वाली कंपनियों की संख्या
इस हफ्ते लिस्टिंग के मोर्चे पर देश के सबसे बड़े एक्सचेंज यानी एनएसई (NSE) की लिस्टिंग पर सबकी खास नजर रहेगी, हालांकि इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) घटकर करीब 3 फीसदी रह गया है, जो सुस्त शुरुआत के संकेत देता है. इसके अलावा स्पेक्ट्रा टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस और एसएस रिटेल का जीएमपी शानदार चल रहा है. पैंटोमैथ कैपिटल के एमडी एवं सीईओ कामराज सिंह नेगी के अनुसार, इस साल 2026 में आईपीओ लाने वाली कंपनियों की कुल संख्या बढ़कर 87 तक पहुंचने की उम्मीद है, क्योंकि सेबी के पास और पाइपलाइन में ढेरों कंपनियां मंजूरी का इंतजार कर रही हैं.
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