टीआई दिलीप पुरी की मौत और अवैध शराब मामलों के बाद जागा प्रशासन, जल्द होगी तबादला सूची जारी

देवास आबकारी विभाग में जल्द होगा बड़ा प्रशासनिक फेरबदल। कलेक्टर नेहा मीना ने दिए संकेत, वर्षों से एक ही जगह जमे अधिकारी और कर्मचारी होंगे ट्रांसफर।

Nov 06, 2026 - 20:29
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टीआई दिलीप पुरी की मौत और अवैध शराब मामलों के बाद जागा प्रशासन, जल्द होगी तबादला सूची जारी

मध्य प्रदेश के देवास जिले के आबकारी विभाग से एक बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। जिले के आबकारी महकमे में जल्द ही एक व्यापक प्रशासनिक फेरबदल (Reshuffling) देखने को मिल सकता है। जिला कलेक्टर नेहा मीना ने स्पष्ट और कड़े संकेत दिए हैं कि जो अधिकारी और कर्मचारी पिछले लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं, उनके अब प्रशासनिक स्तर पर तबादले किए जाएंगे। कलेक्टर के इस दोटूक बयान के बाद से आबकारी विभाग के भीतर आंतरिक हलचल और सुगबुगाहट काफी तेज हो गई है।

🚫 तीन मुख्य आरक्षकों का निलंबन और टीआई दिलीप पुरी की शहादत बनी फेरबदल की बड़ी वजह

प्रशासनिक सख्ती के मुख्य कारण:

  • अवैध शराब पर नियंत्रण की विफलता: जिले में अवैध शराब के अवैध निर्माण, भंडारण और उसकी बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण रख पाने में आबकारी विभाग की नाकामी लगातार सामने आ रही थी, जिसके चलते कुछ दिन पहले ही कलेक्टर नेहा मीना ने सख्त एक्शन लेते हुए विभाग के तीन मुख्य आरक्षकों (Head Constables) को निलंबित कर दिया था।

  • टीआई दिलीप पुरी की दर्दनाक मौत: इसके अलावा, कुछ समय पूर्व खातेगांव क्षेत्र में अवैध शराब के परिवहन की चेकिंग के दौरान एक तेज रफ्तार ट्रक से कुचलकर आबकारी निरीक्षक (TI) दिलीप पुरी की गंभीर और असमय मौत का मामला भी पूरे महकमे में चर्चा का केंद्र रहा था।

📋 जवाबदेही तय करने की तैयारी; प्रशासनिक फेरबदल से सुधरेगी महकमे की कार्यप्रणाली

कार्रवाई और संभावनाओं का दौर:

  • सख्त निगरानी: लगातार सामने आ रहे इन गंभीर मामलों और प्रशासनिक लापरवाहियों के बीच अब जिला प्रशासन आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है।

  • तबादलों की तलवार: कलेक्टर के रिशफलिंग संबंधी स्पष्ट बयानों के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि लंबे समय से अपने मनमुताबिक ठिकानों पर जमे अमले पर जल्द ही तबादले की गाज गिरेगी।

⏱️ अब देखना होगा कि कब जारी होती है तबादला सूची और कौन-कौन आता है जद में

आगे की सुगबुगाहट: आम जनता और प्रशासनिक गलियारों में अब इस बात की चर्चा जोरों पर है कि प्रशासन आखिरकार कब तक इस दिशा में कोई ठोस और अंतिम कदम उठाता है। यह देखना भी दिलचस्प होगा कि इस आगामी रिशफलिंग की जद में कौन-कौन से दागदार या लंबे समय से जमे अधिकारी और कर्मचारी आते हैं। इस कार्रवाई से जिले में अवैध शराब के अवैध कारोबार पर लगाम कसने की उम्मीद जताई जा रही है।

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