लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज आएंगे मध्य प्रदेश, बालाघाट के जागला गांव में मृत बैगा आदिवासी बच्चों के परिजनों से करेंगे मुलाकात
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज मध्य प्रदेश के बालाघाट दौरे पर रहेंगे। वे जागला गांव में मृत बैगा आदिवासी बच्चों के स्वजन से मुलाकात करेंगे।
मध्य प्रदेश में हालांकि अगले विधानसभा चुनाव 2028 में होने हैं और चुनाव में अभी दो साल से अधिक का समय शेष है, लेकिन मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने अभी से अपनी चुनावी तैयारियां और जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक पखवाड़े के भीतर दूसरी बार मध्य प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं। अपने इस तय कार्यक्रम के तहत वे गुरुवार को बालाघाट जिले के बैहर विकासखंड स्थित जागला गांव का दौरा करेंगे, जहां वे कुपोषण, मलेरिया और खसरा जैसी गंभीर बीमारियों से जान गंवाने वाले बैगा आदिवासी (विशेष पिछड़ी जनजाति) बच्चों के शोक संतप्त परिजनों से भेंट करेंगे। उनका यह प्रवास करीब एक घंटे का रहेगा।
📉 सरकारी रिकॉर्ड में 26 तो कांग्रेस का दावा 41 से अधिक बच्चों की हुई मौत, बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं पर गरमाई सियासत
इस महत्वपूर्ण यात्रा के माध्यम से कांग्रेस पार्टी प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाओं की बदहाल स्थिति को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है। बैहर क्षेत्र में सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले महीने विभिन्न कारणों से 26 बच्चों की मौत हुई थी, जिनमें से अधिकांश परिवार विशेष पिछड़ी 'बैगा जनजाति' से ताल्लुक रखते थे। इस संवेदनशील मामले के तूल पकड़ने पर सबसे पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार मौके पर पहुंचे थे, जिसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी प्रभावित गांवों का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की थी। कांग्रेस का लगातार आरोप है कि सरकार मौतों के असली आंकड़ों को छिपा रही है और बदहाल व्यवस्था के कारण 41 से अधिक बच्चों की जान गई है।
🎯 मध्य प्रदेश की 21 प्रतिशत आदिवासी आबादी और 47 आरक्षित सीटें तय करती हैं राजनीतिक दलों का भविष्य
मध्य प्रदेश की राजनीति में आदिवासी वर्ग हमेशा से सभी दलों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है, क्योंकि राज्य की कुल आबादी का लगभग 21 प्रतिशत हिस्सा आदिवासी समुदाय से आता है। प्रदेश की कुल 230 विधानसभा सीटों में से 47 सीटें अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित हैं, जो राज्य में सरकार बनाने के पूरे समीकरण को तय करती हैं। कांग्रेस पार्टी जल, जंगल, जमीन के अधिकारों, पेसा एक्ट के कड़ाई से पालन और स्थानीय मुद्दों को आधार बनाकर आदिवासी वर्ग को अपने पाले में लाने का प्रयास कर रही है। पिछले विधानसभा चुनावों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2018 में कांग्रेस ने इन 47 आरक्षित सीटों में से 30 पर जीत दर्ज कर सत्ता हासिल की थी, जबकि वर्तमान में भाजपा के पास 24, कांग्रेस के पास 22 और एक सीट पर भारत आदिवासी पार्टी का कब्जा है।
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