सरस्वती शिशु मंदिर के आचार्य के बेटे ने किया कमाल, रोजाना 8 घंटे की पढ़ाई कर क्रैक की एमपीपीएससी परीक्षा

पन्ना के पवई के युवा अखिलेश सेन ने एमपीपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त कर आंतरिक लेखा परीक्षण अधिकारी का पद हासिल किया है। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने यह मुकाम पाया है।

Oct 03, 2026 - 19:08
0
सरस्वती शिशु मंदिर के आचार्य के बेटे ने किया कमाल, रोजाना 8 घंटे की पढ़ाई कर क्रैक की एमपीपीएससी परीक्षा

अगर पूरी लगन, कड़ी मेहनत और पक्के जज्बे के साथ प्रयास किया जाए, तो कोई भी बाधा किसी इंसान को कामयाब होने से नहीं रोक सकती। इस बात को एक बार फिर पन्ना जिले के पवई के होनहार युवा अखिलेश सेन ने सच साबित कर दिखाया है। अखिलेश सेन ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की परीक्षा में शानदार सफलता हासिल करते हुए 'आंतरिक लेखा परीक्षण अधिकारी' के पद पर अपना चयन सुनिश्चित किया है। उनकी इस बड़ी उपलब्धि से न सिर्फ उनके परिवार में जश्न का माहौल है, बल्कि पूरे पवई क्षेत्र में गर्व की लहर दौड़ गई है।

📚 संघ कार्यालय और सेवा भारती के मार्गदर्शन से मिला संबल: तंगी के बावजूद रोजाना 8 घंटे की निरंतर पढ़ाई ने दिलाई मंजिल

अखिलेश सेन सरस्वती शिशु मंदिर पवई के आचार्य सुरेश सेन के सुपुत्र हैं। आर्थिक रूप से कमजोर पारिवारिक परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और विपरीत हालातों में भी अपनी पढ़ाई जारी रखी। संघ कार्यालय में रहकर और सेवा भारती के माध्यम से मिले निशुल्क मार्गदर्शन ने उनकी तैयारी में बेहद अहम भूमिका निभाई। अखिलेश बताते हैं कि वे रोजाना 8 घंटे नियमित रूप से पढ़ाई करते थे। उनका मानना है कि संसाधनों की कमी सफलता के रास्ते में बाधा बन सकती है, लेकिन यदि आपकी मेहनत और लगन सच्ची हो, तो हर कमी कमजोर पड़ जाती है।

🎯 डिप्टी कलेक्टर बनने का है अगला लक्ष्य: बचपन से ही पढ़ाई के प्रति बेहद गंभीर और समर्पित रहे हैं अखिलेश

अखिलेश के स्कूल के दिनों के साथियों का कहना है कि वह बचपन से ही पढ़ाई के प्रति बेहद संजीदा और अनुशासित थे। जब शाम के वक्त अन्य बच्चे खेलने-कूदने मैदान में जाते थे, तब भी अखिलेश अपनी किताबों में तल्लीन रहते थे। हालांकि आंतरिक लेखा परीक्षण अधिकारी के पद पर चयनित होने के बावजूद उनका मुख्य सपना 'डिप्टी कलेक्टर' बनना है, जिसके लिए वे आगे भी अपनी तैयारी पूरी ऊर्जा के साथ जारी रखेंगे। उनकी यह प्रेरणादायक कहानी उन तमाम युवाओं के लिए एक मिसाल है जो सीमित संसाधनों में बड़े सपने देखते हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User