धार, झाबुआ, रतलाम समेत 12 जिलों में 80% कम बारिश, केंद्र के मापदंडों पर शुरू हुआ आकलन
मध्य प्रदेश सरकार कम बारिश से प्रभावित 12 जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने का आकलन कर रही है। कैबिनेट बैठक में कैम्पा योजना, EOW और नए जिलों के लिए बड़े फैसले लिए गए।
मध्य प्रदेश में इस बार कम बारिश की वजह से प्रभावित 12 जिलों को राज्य सरकार सूखाग्रस्त घोषित करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। प्रदेश के अलीराजपुर, धार, झाबुआ, रतलाम, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, शाजापुर, पांढुर्णा और खरगोन में बारिश 80 फीसदी तक कम दर्ज की गई है। एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार के मापदंडों (80% कम बारिश और कम बोवनी का रकबा) के आधार पर स्थानीय स्तर पर सर्वे कराया जा रहा है, ताकि प्रभावित जिलों को केंद्र से अतिरिक्त वित्तीय सहायता दिलाई जा सके। इसके अलावा कैबिनेट में दिसंबर में सरकार की 3 साल की उपलब्धियों और आगामी रणनीति पर 'सेवा चिंतन शिविर' आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया है।
💼 मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: कैम्पा योजना और EOW के लिए बजट मंजूर, नए जिलों में खुलेंगे शिक्षा कार्यालय
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। वन विभाग की कैम्पा योजना 2026-27 के लिए 2,050 करोड़ रुपये और EOW के प्रशासनिक तंत्र को मजबूत करने के लिए 347 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति दी गई है। साथ ही नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की 4 चालू परियोजनाओं के लिए 3,378 करोड़ और सामाजिक कल्याण विभाग की 7 योजनाओं के लिए 651 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। नवगठित जिलों निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में नए शिक्षा कार्यालयों के निर्माण को प्रशासकीय मंजूरी दी गई। बैठक में नगरीय निकायों में हुई गड़बड़ियों का जिक्र करते हुए सीएम ने एआई (AI) तकनीक की मदद से भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)