कूनो में चीता सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल, एनटीसीए (NTCA) और डब्ल्यूसीसीबी (WCCB) की जांच तेज
श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में नर चीते KNG-22 की गोली लगने से मौत हो गई है। पीठ से 5 छर्रे मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे, वहीं डायरेक्टर के भावुक ट्वीट पर विवाद छिड़ गया है।
श्योपुर । मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) में 19 महीने के नर चीते KNG-22 की मौत के बाद देश भर में चीता संरक्षण और उसकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गत 25 अक्टूबर को गोली लगने से गंभीर रूप से घायल मिले इस चीते ने अगले दिन इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। पोस्टमार्टम के दौरान चीते की पीठ से पांच गोलियों के छर्रे मिलने से वन विभाग और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।
इस हाई-प्रोफाइल घटना के बाद जहाँ पुलिस और वन्यजीव एजेंसियां आरोपियों की तलाश में जुटी हैं, वहीं कूनो नेशनल पार्क के डायरेक्टर उत्तम शर्मा के एक भावुक सोशल मीडिया पोस्ट ने नई राजनीतिक और प्रशासनिक बहस छेड़ दी है।
📱 डायरेक्टर उत्तम शर्मा का भावुक ट्वीट; लोगों से चीतों पर गर्व करने की अपील
कूनो डायरेक्टर उत्तम शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर चीता KNG-22 की मौत पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए लिखा कि इतनी दुखद परिस्थितियों में एक चीते को खोना बेहद पीड़ादायक है और इस सदमे को स्वीकार करना बेहद कठिन है।
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संरक्षण में सहयोग की अपील: उन्होंने कूनो क्षेत्र के स्थानीय नागरिकों से चीतों पर गर्व करने और इस महत्वाकांक्षी संरक्षण अभियान का हिस्सा बनने की अपील की।
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गुजरात में एशियाई शेरों के प्रति जनता के जुड़ाव का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भारत चीता संरक्षण के मामले में इतिहास रच रहा है, और इस समय आपसी मतभेदों को भुलाकर आगे बढ़ने की जरूरत है।
🎯 चीते को किसने मारी गोली? नितनवास गांव के पास मिला था घायल चीता
वन विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, घायल चीता नितनवास गांव के पास जंगल में लावारिस हालत में मिला था।
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जांच एजेंसियां सक्रिय: घटना की सूचना मिलते ही केंद्र और राज्य के वरिष्ठ वन अधिकारियों के साथ पुलिस बल ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि संरक्षित वन क्षेत्र के भीतर चीते पर गोली किसने चलाई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
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केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका: राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) जैसी शीर्ष एजेंसियों द्वारा इस सुरक्षा चूक की गहन जांच की जा रही है।
🔍 वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने उठाए सवाल—'कथित जवाबदेही से बचने की कोशिश'
कूनो डायरेक्टर के भावुक ट्वीट और पार्क की सुरक्षा व्यवस्था पर जाने-माने वन्यजीव कार्यकर्ता (Wildlife Activist) अजय दुबे ने तीखा हमला बोला है।
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जवाबदेही पर सवाल: अजय दुबे ने कूनो डायरेक्टर के ट्वीट को कानूनी कार्रवाई और संभावित निलंबन से बचने के लिए एक 'अनुभवी राजनेता की तरह भावुकता प्रदर्शित करने की कोशिश' करार दिया है।
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मौतों के आंकड़े: दुबे ने आरोप लगाया कि जिन अधिकारियों के कार्यकाल में कूनो में करीब 17 चीतों की संदिग्ध मौतें हो चुकी हैं, वे अपनी प्रशासनिक विफलताओं को छिपाने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं। उन्होंने कूनो प्रबंधन से चीता संरक्षण व्यवस्था पर पूर्ण पारदर्शिता और कड़ी जवाबदेही तय करने की मांग की है।
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