दमोह के दूधिया गांव की दहला देने वाली घटना, सियार के हमले में मां और 6 महीने की बच्ची गंभीर रूप से घायल
दमोह के रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र में एक सियार 6 महीने की मासूम को जबड़े में दबाकर ले जाने लगा। मां ने अदम्य साहस दिखाते हुए सियार से संघर्ष कर बच्ची की जान बचाई।
दमोह । कहते हैं कि मां की ममता के आगे ईश्वर को भी हार मानना पड़ जाती है, फिर किसी जंगली जानवर की तो औकात ही क्या है। ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला और अदम्य साहस से भरा मामला रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के सर्रा रेंज के अंतर्गत आने वाले दूधिया गांव से सामने आया है। यहाँ एक खूंखार सियार घर में सो रही 6 महीने की मासूम बच्ची को अपने जबड़े में दबाकर ले जा रहा था, तभी मां की ममता ने ऐसा चमत्कार दिखाया कि सियार को भी उल्टे पांव भागना पड़ा। अपनी बच्ची की रक्षा के लिए मां ने सियार से भीषण संघर्ष किया, जिसमें वह खुद गंभीर रूप से घायल हो गई, लेकिन अंततः उसने अपनी जिगर के टुकड़े को बचा ही लिया।
🚪 दबे पांव कमरे में घुसा सियार; सुबह 5 बजे खुली रह गई थी दरवाजे की कुंडी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दमोह के दूधिया ग्राम निवासी सुनील पारदी सुबह करीब 5:00 बजे शौच क्रिया के लिए घर से बाहर गए थे, लेकिन जल्दबाजी में वह बाहर से दरवाजा बंद करना भूल गए।
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घटनाक्रम: इसी खुले दरवाजे का फायदा उठाकर एक खूंखार सियार दबे पांव घर के भीतर दाखिल हो गया।
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मासूम पर हमला: कमरे में चारपाई पर सो रही 6 महीने की मासूम बच्ची प्रियंका को सियार ने अपने नुकीले जबड़े में दबोचा और दबे पांव बाहर भागने लगा।
👩👧 सियार के दांत चुभते ही चीख पड़ी बच्ची; मां ने बिना डरे सियार पर बोल दिया धावा
सियार के दांत चुभते ही मासूम बच्ची जोर-जोर से रोने लगी। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर उसके ठीक बगल में सो रही 29 वर्षीय मां सपना की आंख तुरंत खुल गई और उसने बिना एक पल गंवाए सियार पर धावा बोल दिया।
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जानलेवा संघर्ष: सियार ने बच्ची को छोड़ने के बजाय मां पर भी हमला कर दिया, लेकिन ममता के आगे मां ने हार नहीं मानी। सियार के तीखे पंजों और दांतों से मां के शरीर में कई जगह गंभीर जख्म हो गए।
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बच्ची की रक्षा: आखिरकार मां के कड़े संघर्ष के आगे सियार घबरा गया और बच्ची को छोड़कर वहां से भाग निकला। इस भयानक संघर्ष में मां और बेटी दोनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
🏥 तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र से मां-बेटी जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर
घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। उन्होंने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए दोनों मां-बेटी को स्थानीय तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए दोनों को जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
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प्रशासनिक मुस्तैदी: घटना की सूचना मिलते ही तेंदूखेड़ा अनुविभागीय अधिकारी (SDM) सीजी गोस्वामी तुरंत अस्पताल पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर मां-बेटी का हाल-चाल जाना। इसके साथ ही वन विभाग के अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी ली।
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मुआवजा और स्वास्थ्य अपडेट: सर्रा रेंज के रेंजर संजीव रंजन ने बताया कि घायल मां-बेटी का इलाज जबलपुर में जारी है और नियमानुसार राहत व मुआवजा राशि का प्रकरण तैयार किया जा रहा है। एसडीएम सीजी गोस्वामी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन को दोनों के बेहतर और नि:शुल्क उपचार के निर्देश दे दिए गए हैं। फिलहाल मां और बेटी की हालत स्थिर बनी हुई है।
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