जलाऊ लकड़ी का केस बनाने का डर दिखाकर मांग रहा था रिश्वत, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
रतलाम के जावरा में लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने वन विभाग के डिप्टी रेंजर कमल सिंह देवड़ा को 20 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।
रतलाम । मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के जावरा से भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। लोकायुक्त पुलिस उज्जैन की टीम ने कार्रवाई करते हुए जावरा स्थित वन विभाग के कार्यालय में पदस्थ डिप्टी रेंजर कमल सिंह देवड़ा को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों दबोच लिया है। आरोपी डिप्टी रेंजर ने पिपलोदा तहसील के शक्करखेड़ी गांव के एक किसान से जलाऊ लकड़ियों से भरी ट्रैक्टर-ट्राली को पकड़ने के बाद केस रफा-दफा करने और वाहन राजसात न करने की एवज में कुल 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी, जो बाद में बातचीत के बाद 65 हजार रुपये में तय हुई थी। लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की है।
🪵 जलाऊ लकड़ी को 'वन संपदा' बताकर किसान पर बनाया जा रहा था बड़ा केस बनाने का दबाव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शक्करखेड़ी गांव के रहने वाले किसान रईस शाह ने करीब 10 हजार रुपये की जलाऊ लकड़ी टिंबर व्यापारी अश्फाक खान को बेची थी:
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रास्ते में पकड़ा गया ट्रैक्टर: जब लकड़ी ले जा रही ट्रैक्टर-ट्राली रास्ते में थी, तब वन विभाग के कर्मचारियों ने उसे रोककर पकड़ लिया।
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डिप्टी रेंजर का खौफ: फरियादी रईस शाह ने बताया कि विभाग के एक कर्मचारी जितेंद्र ने उसे डराते हुए कहा कि पकड़ी गई लकड़ी बेशकीमती 'वन संपदा' है, जिससे उस पर गंभीर केस बन जाएगा और उसका वाहन भी हमेशा के लिए जब्त हो जाएगा।
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डील तय: इस मामले को रफा-दफा करने के लिए डिप्टी रेंजर कमल सिंह देवड़ा ने 2 लाख रुपये की मांग की, जिसे बाद में घटाकर 65 हजार रुपये तय किया गया। इस अवैध वसूली से परेशान होकर किसान ने उज्जैन लोकायुक्त पुलिस से इसकी आधिकारिक शिकायत कर दी।
🚨 लोकायुक्त टीम ने बिछाया जाल; कार्यालय में पहली किस्त लेते धरा गया आरोपी
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने पूरी योजना के तहत मामले की तस्दीक की और जावरा वन विभाग कार्यालय में ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया:
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रंगेहाथ गिरफ्तारी: लोकायुक्त डीएसपी दिनेश चंद्र पटेल ने बताया कि आरोपी डिप्टी रेंजर द्वारा लगातार अवैध लकड़ी परिवहन का केस बनाने का दबाव बनाया जा रहा था। रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 20 हजार रुपये लेने के लिए उसने किसान रईस शाह को अपने कार्यालय बुलाया था, जहां टीम ने उसे रंगेहाथों धर दबोचा।
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आगे की कार्रवाई: लोकायुक्त पुलिस उज्जैन ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के अंतर्गत आरोपी कमल सिंह देवड़ा के विरुद्ध औपचारिक प्रकरण दर्ज कर लिया है। नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के बाद आरोपी को मुचलके पर रिहा कर दिया गया है, साथ ही वन विभाग के उच्चाधिकारियों को भी इस पूरी घटना से अवगत करा दिया गया है।
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