श्रीलंका में भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा ने बाग प्रिंट को सराहा, पत्नी तनुजा झा ने खरीदीं पारंपरिक साड़ियां

श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित 'सीलोन क्राफ्ट वीक 2026' में धार के शिल्पकार डॉ. मोहम्मद आरिफ खत्री ने मध्य प्रदेश की प्रसिद्ध 'बाग प्रिंट' कला का शानदार प्रदर्शन किया।

Oct 31, 2026 - 18:39
0
श्रीलंका में भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा ने बाग प्रिंट को सराहा, पत्नी तनुजा झा ने खरीदीं पारंपरिक साड़ियां

हाथों से तराशे गए लकड़ी के खूबसूरत ब्लॉक, प्राकृतिक रंगों की गहराई और सदियों से संजोई गई हस्तनिर्मित छपाई की समृद्ध परंपरा—मध्य प्रदेश की विश्वप्रसिद्ध 'बाग प्रिंट' कला ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का परचम फहराया है।

श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में 29 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक आयोजित ‘इंडो-श्रीलंका सीलोन क्राफ्ट वीक 2026’ के दौरान धार जिले के बाग कस्बे के प्रसिद्ध शिल्पकार डॉ. मोहम्मद आरिफ खत्री ने अपनी पारंपरिक कला का स्टॉल लगाकर प्रदर्शन किया और भारतीय हस्तशिल्प की विशिष्टता को वैश्विक दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया।

🏛️ भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा ने किया अवलोकन; बाग प्रिंट की इतिहास व तकनीक को समझा

इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन के दौरान कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग के उच्चायुक्त संतोष झा की गरिमामयी उपस्थिति ने इस प्रदर्शनी को विशेष महत्व प्रदान किया।

शिल्पकार डॉ. मोहम्मद आरिफ खत्री ने उच्चायुक्त, भारतीय उच्चायोग के वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य गणमान्य अतिथियों को बाग प्रिंट की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, पारंपरिक हस्तनिर्मित ब्लॉक छपाई की जटिल तकनीकों, विशुद्ध प्राकृतिक रंगों के प्रयोग और पीढ़ियों से चली आ रही इस समृद्ध शिल्प विरासत के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

👗 उच्चायुक्त की पत्नी तनुजा झा ने दिखाई विशेष रुचि, खरीदीं बाग प्रिंट की साड़ियां

भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा की पत्नी श्रीमती तनुजा झा ने भी बाग प्रिंट की पारंपरिक कला और इसके हस्तनिर्मित कपड़ों व वस्त्रों में काफी गहरी रुचि दिखाई।

उन्होंने छपाई की बारीकियों और प्राकृतिक कपड़ों की विशेषताओं को समझा। बाग प्रिंट से तैयार साड़ियों के अनोखे डिजाइन और प्राकृतिक रंगों को पसंद करते हुए उन्होंने उनकी खरीदारी भी की। यह भारतीय पारंपरिक हस्तशिल्प के प्रति उनके जुड़ाव और बाग प्रिंट की अनूठी कलात्मकता को दर्शाता है।

🏆 विश्व मंच पर पहचान: यूनेस्को और वर्ल्ड क्राफ्ट्स काउंसिल से सम्मानित हैं डॉ. आरिफ खत्री

बाग प्रिंट कला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में डॉ. मोहम्मद आरिफ खत्री का ऐतिहासिक योगदान रहा है।

  • अंतरराष्ट्रीय सम्मान: वे यूनेस्को (UNESCO) और विश्व शिल्प परिषद (World Crafts Council) के प्रतिष्ठित 'अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस' से सम्मानित हो चुके हैं।

  • वैश्विक प्रदर्शन: इससे पूर्व वे थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी अपनी पारंपरिक बाग प्रिंट कला की सफल प्रदर्शनी लगा चुके हैं।

डॉ. आरिफ खत्री ने बताया, "बाग प्रिंट की साड़ियों और वस्त्रों की असल खासियत उनके पारंपरिक डिजाइन, प्राकृतिक रंगों की स्थायित्वता और धैर्यपूर्वक हाथ से की जाने वाली छपाई है। हर कपड़े में कारीगर का कौशल और ज्ञान झलकता है।"

🤝 भारत-श्रीलंका सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की अनूठी पहल

'सीलोन क्राफ्ट वीक 2026' का संयुक्त आयोजन श्रीलंका सरकार के उद्योग एवं उद्यमिता विकास मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय शिल्प परिषद तथा कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग के स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र द्वारा किया जा रहा है।

इस आयोजन का मुख्य ध्येय भारत और श्रीलंका के बीच पारंपरिक शिल्पकला, हस्तनिर्मित उत्पादों, कारीगरों के कौशल और सांस्कृतिक विरासत के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना तथा सदियों पुरानी कलाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User