मध्य प्रदेश न्यूज़: विदिशा के कारीगरों का हुनर; सांची से लेकर भोपाल तक बिखरी खाई मोहल्ला की माटी कला की चमक
विदिशा के खाई मोहल्ला में मूर्तिकार सतीश व सोनम प्रजापति गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमाएं बना रहे हैं। जानिए बढ़ती महंगाई के बीच उनकी कला और मूर्तियों की भारी मांग।
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में दीपावली पर्व का उल्लास बाजारों और गली-मोहल्लों में साफ तौर पर दिखने लगा है। विदिशा के प्रसिद्ध खाई मोहल्ला क्षेत्र में स्थानीय मूर्तिकार पूरे परिवार के साथ मिलकर बेहद निष्ठा और लगन के साथ मां लक्ष्मी और भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में रात-दिन जुटे हुए हैं। घरों के आंगनों और फर्श पर करीने से सजाकर रखी गई रंग-बिरंगी व चमकती मूर्तियां इस बात की साक्षात गवाही दे रही हैं कि इन पारंपरिक कारीगरों के हाथों में कितना अद्भुत हुनर छुपा है।
🎨 पीढ़ियों से चली आ रही है मूर्तिकला की पुश्तैनी परंपरा
पारंपरिक और पुश्तैनी काम को आगे बढ़ा रहे मूर्तिकार सतीश प्रजापति बताते हैं:
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पुश्तैनी हुनर: मूर्तिकला का यह काम उनके परिवार में कई पीढ़ियों से चला आ रहा है। उनके बुजुर्ग भी इसी पावन कला से जुड़े हुए थे और आज वे खुद पूरी निष्ठा के साथ इस विरासत को संभाल रहे हैं।
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मूर्तियों का मूल्य: उन्होंने इस बार ₹1700 से ₹2000 तक की कीमत की विशेष और आकर्षक मूर्तियां तैयार की हैं, जो अपनी सुंदरता और नक्काशी के कारण लोगों को खूब भा रही हैं।
🐘 ग्राहकों की बदलती पसंद का रखा गया विशेष ध्यान; दीए से लेकर गणगौर तक सब तैयार
मूर्तिकार सोनम प्रजापति अपनी तैयारियों का ब्योरा देती हैं:
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विविध प्रतिमाएं: उनके यहाँ दीपावली के दीए, डोबलियां, लक्ष्मी जी, गणेश जी, हाथी, मोर, कमल का फूल और गणगौर समेत हर प्रकार के देवी-देवताओं की सुंदर प्रतिमाएं बनाई जाती हैं।
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फिनिशिंग का दौर: मूर्तियों का मुख्य ढांचा पहले ही तैयार हो चुका है और अब अंतिम रंग-रोगन और फिनिशिंग का कार्य तेजी से चल रहा है।
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आधुनिकता का समावेश: समय के साथ ग्राहकों की मांग में भी बदलाव आया है। अब लोग बाहरी बाजारों की तर्ज पर आधुनिक डेकोरेशन, गोटे-जरी और सुंदर वस्त्रों से सजी प्रतिमाएं पसंद कर रहे हैं। कारीगरों ने भी ग्राहकों की इस मांग को समझते हुए अपनी पारंपरिक कला में नयापन लाना शुरू कर दिया है।
📏 2 फीट तक की मूर्तियों की सबसे ज्यादा डिमांड, कमल पर विराजमान मां लक्ष्मी की मनभावन छवि
बाजार का मौजूदा ट्रेंड और ग्राहकों की पसंद:
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जोड़े में मांग: बाजार में 6 इंच से लेकर दो से ढाई फीट तक की प्रतिमाओं की सबसे अधिक डिमांड देखी जा रही है। लोग विशेष तौर पर भगवान गणेश और मां लक्ष्मी का एक साथ का जोड़ा खरीदना ज्यादा पसंद करते हैं।
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मनमोहक रूप: कहीं माता लक्ष्मी कमल के फूल पर विराजमान दिखाई दे रही हैं, तो कहीं कुबेर महाराज, हाथी और मोर की आकृतियों के साथ उनका जोड़ा अत्यंत मनभावन लग रहा है।
📈 कच्चे माल और महंगाई की मार के बावजूद किफायती दरों पर मूर्तियां दे रहे कारीगर
महंगाई की चुनौतियों के बीच कलाकारों का जज्बा:
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बढ़ती लागत: मूर्तिकारों के अनुसार बढ़ती महंगाई के कारण कच्चे माल जैसे कि रंग, जरी, चमक, धागे और जूट की बोरियों के दामों में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिससे उनकी लागत बढ़ गई है।
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सस्ती दरें: इन तमाम चुनौतियों के बावजूद कलाकारों की यही कोशिश रहती है कि स्थानीय और आसपास के ग्राहकों को उचित व किफायती दरों पर प्रतिमाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
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दूर-दूर तक मांग: विदिशा के खाई मोहल्ला के इन हुनरमंद कलाकारों की मेहनत से तैयार की गई मूर्तियां न केवल विदिशा के स्थानीय बाजारों में धूम मचा रही हैं, बल्कि भोपाल, राजगढ़ और सांची तक अपनी अमिट चमक बिखेर रही हैं।
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