महाराष्ट्र न्यूज़: क्या दोनों एनसीपी का होगा विलय? प्रफुल्ल पटेल और सुनेत्रा पवार के रुख पर फंसा पेंच

अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी में बैठकों का दौर जारी है। अमित शाह से मुलाकात और कोर कमेटी की बैठक में पार्टी के नेतृत्व और विलय पर चर्चा हुई है।

Nov 03, 2026 - 18:58
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महाराष्ट्र न्यूज़: क्या दोनों एनसीपी का होगा विलय? प्रफुल्ल पटेल और सुनेत्रा पवार के रुख पर फंसा पेंच

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद पार्टी के भीतर और बाहर कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। पार्टी का भविष्य क्या होगा, इसके नीतिगत फैसले कौन लेगा और शरद पवार गुट के साथ पार्टी के रिश्ते किस दिशा में आगे बढ़ेंगे, इन तमाम मुद्दों को लेकर पार्टी नेताओं के बीच मंथन जारी है। इसी सिलसिले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ एनसीपी के शीर्ष नेताओं की उच्चस्तरीय मुलाकात और उसके तुरंत बाद हुई कोर कमेटी की बैठक को वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में बेहद अहम माना जा रहा है।

📋 कोर कमेटी की बैठक में पार्थ और जय पवार के काम करने के तरीके पर जताई गई नाराजगी

नेतृत्व और नियुक्तियों को लेकर अंदरूनी कलह:

  • बिना चर्चा के नियुक्तियां: मुंबई में संपन्न हुई कोर कमेटी की बैठक के दौरान कुछ वरिष्ठ नेताओं ने पार्थ पवार के कार्य करने के तरीके और लिए जा रहे निर्णयों पर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

  • नाराज नेताओं का तर्क: नेताओं का कहना था कि मुंबई अध्यक्ष पद पर जीशान सिद्दीकी और राष्ट्रीय प्रवक्ता पद पर उमेश पाटील की नियुक्ति करने से पहले पार्टी के वरिष्ठ कोर कमेटी के सदस्यों के साथ व्यापक चर्चा होनी चाहिए थी, लेकिन यह निर्णय बिना सलाह-मशविरा के लिए गए।

  • भरोसा: बैठक में नेताओं ने दो टूक कहा कि भविष्य में पार्टी के सभी बड़े और नीतिगत फैसले वरिष्ठ नेताओं की सहमति से ही लिए जाएंगे। इस पर पार्थ पवार और जय पवार ने सभी को साथ लेकर चलने का पूरा भरोसा दिलाया।

💼 अमित शाह के सामने रखा गया वित्त मंत्रालय का मुद्दा; दोनों गुटों के विलय पर अलग-अलग राय

मंत्रालय और पार्टी के अस्तित्व की जंग:

  • वित्त मंत्रालय की मांग: सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई बैठक में एनसीपी नेताओं ने सरकार के भीतर जल्द से जल्द वित्त मंत्रालय पार्टी को दिए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई। साथ ही, दोनों एनसीपी (पवार गुट और अजित गुट) के विलय के पक्ष में न होने की बात भी स्पष्ट की गई, क्योंकि पार्टी अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखना चाहती है।

  • विलय पर मतभेद: पार्टी के भीतर विलय को लेकर नेताओं के विचार बंटे हुए हैं। प्रफुल्ल पटेल दोनों गुटों को फिर से एक करने के पक्षधर बताए जा रहे हैं, जबकि सुनेत्रा पवार अपनी पार्टी को अलग रखकर स्वतंत्र नेतृत्व में आगे बढ़ाने के पक्ष में हैं। अजित पवार के निधन से पहले इस संबंध में चार दौर की बैठकें हो चुकी थीं।

📉 बीजेपी की भूमिका और आज बुलाई गई सभी विधायकों की संयुक्त बैठक

आगामी रणनीतिक कदम:

  • बीजेपी का रुख: दोनों गुटों के संभावित विलय में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की रजामंदी भी बहुत मायने रखती है। यदि विलय होता है, तो क्या शरद पवार एनडीए (NDA) का हिस्सा बनेंगे? इन तमाम कयासों पर अमित शाह के साथ हुई बैठक के बाद चर्चाएं तेज हो गई हैं।

  • विधायकों की बैठक: कोर कमेटी की बैठक में यह तय किया गया कि पार्टी के सभी विधायकों की एक संयुक्त बैठक बुलाई जाए, ताकि पिछले कुछ समय से नेताओं और विधायकों के बीच कमजोर पड़ी संवादहीनता के सिलसिले को फिर से मजबूत किया जा सके। इसके अलावा सूखा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के लिए मंत्रियों व विधायकों को निर्देश दिए गए हैं।

🗣️ संजय राऊत का एनसीपी पर तीखा हमला; विरोधियों ने साधा निशाना

विपक्ष की प्रतिक्रिया:

  • सोशल मीडिया पर वार: इस पूरी उठापटक के बीच शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता संजय राऊत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर तीखी टिप्पणी करते हुए एनसीपी पर जोरदार निशाना साधा।

  • बयान: उन्होंने लिखा, "महाराष्ट्र के स्वाभिमान की कब्र! एक बुलंद मराठी नेता द्वारा बनाई गई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को गुजरात के व्यापारियों के चरणों में सौंप दिया गया। सब के सब लाचार और गुलाम!"

  • कुल मिलाकर, अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी के सामने आंतरिक कलह को थामने, विलय के फैसले को अंतिम रूप देने और राज्य की राजनीति में अपना प्रभाव बनाए रखने की बड़ी चुनौतियां खड़ी हैं।

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