गल्फ ऑयल लुब्रिकेंट्स के शेयर में 48% तेजी का अनुमान, ब्रोकरेज ने दिया ₹1,525 का नया टार्गेट प्राइस

चॉइस इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज ने गल्फ ऑयल लुब्रिकेंट्स पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹1,525 का टार्गेट प्राइस दिया है। शेयर में 48 फीसदी की तेजी का अनुमान है।

Nov 03, 2026 - 19:56
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गल्फ ऑयल लुब्रिकेंट्स के शेयर में 48% तेजी का अनुमान, ब्रोकरेज ने दिया ₹1,525 का नया टार्गेट प्राइस

शेयर बाजार में तिमाही नतीजों के दौर के बीच लुब्रिकेंट्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी गल्फ ऑयल लुब्रिकेंट्स इंडिया लिमिटेड (Gulf Oil Lubricants India Ltd) के शेयर निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। घरेलू ब्रोकरेज फर्म चॉइस इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज (Choice Institutional Equities) ने कंपनी के मजबूत कामकाजी प्रदर्शन और सुदृढ़ वित्तीय स्थिति को देखते हुए इस स्टॉक पर अपनी ‘Buy’ (खरीदने की) रेटिंग को कायम रखा है।

ब्रोकरेज रिपोर्ट जारी होने के बाद से ही इस शेयर में लिवाली का रुझान देखा जा रहा है। शुक्रवार को ₹1,030 के स्तर पर बंद हुआ यह शेयर लगातार दो कारोबारी दिनों से हरे निशान में बना हुआ है। सोमवार (2 नवंबर) को 4.27 फीसदी की छलांग लगाने के बाद मंगलवार (3 नवंबर) को भी शेयर में 3.19 फीसदी की मजबूती दर्ज की गई, जिससे इसका भाव बढ़कर ₹1,093.80 पर पहुंच गया। ब्रोकरेज फर्म ने मौजूदा स्तरों से शेयर में 48 फीसदी की बड़ी तेजी का अनुमान लगाते हुए ₹1,525 प्रति शेयर का नया टार्गेट तय किया है।

📊 ब्रोकरेज ने क्यों बढ़ाया टार्गेट प्राइस? FY27 के लिए EPS अनुमान 14.5% तक बढ़ा

वित्तीय प्रदर्शन और वैल्यूएशन का आधार:

  • EPS अनुमान में बढ़ोतरी: चॉइस इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज ने कंपनी की मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ और बेहतर होते नतीजों को देखते हुए वित्त वर्ष 2027 (FY27) के लिए अर्निंग पर शेयर (EPS) के अनुमान को 14.5 फीसदी तक बढ़ा दिया है।

  • वैल्यूएशन मल्टीपल: डिस्काउंटेड कैश फ्लो (DCF) फ्रेमवर्क के आधार पर तय किया गया ₹1,525 का यह टार्गेट प्राइस वित्त वर्ष 2028 के अनुमानित ईपीएस पर 12.0x और वित्त वर्ष 2029 के हिसाब से 9.9x के पीई (P/E) मल्टीपल को दर्शाता है।

  • आकर्षक वैल्यूएशन: बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा वैल्यूएशन के लिहाज से यह शेयर लंबी अवधि के निवेशकों के लिए जोखिम-प्रतिफल (Risk-Reward) के मामले में काफी अनुकूल है।

🏬 कंपनी के कारोबार में कितनी मजबूती है? प्राइसिंग पावर और मार्जिन मैनेजमेंट में आगे

ऑटोमोटिव व इंडस्ट्रियल सेगमेंट में पकड़:

  • मार्केट शेयर में इजाफा: कड़े प्रतिस्पर्धी माहौल के बावजूद गल्फ ऑयल ने ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल दोनों सेगमेंट में अपनी बाजार हिस्सेदारी में बढ़ोतरी की है।

  • कच्चे माल की लागत पर नियंत्रण: बेस ऑयल (कच्चे माल) की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव को कंपनी ने बेहद कुशलता से संभाला है।

  • प्राइसिंग पावर: अपनी मजबूत ब्रांड वैल्यू के दम पर कंपनी ने बाजार में कीमतें तय करने की क्षमता (Pricing Power) को बनाए रखा है, जिससे इसके ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव नहीं पड़ा और मुख्य मुनाफा मजबूत बना रहा।

⚡ ईवी (EV) चार्जिंग सेक्टर से खुलेंगे वृद्धि के नए रास्ते; भविष्य की तकनीक पर निवेश

इलेक्ट्रिक व्हीकल इकोसिस्टम में रणनीतिक कदम:

  • ईवी चार्जिंग में विस्तार: गल्फ ऑयल अब केवल पारंपरिक इंजन ऑयल तक सीमित न रहकर भविष्य के इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग स्पेस में अपना कारोबार तेजी से बढ़ा रही है।

  • रणनीतिक साझेदारियां: ईवी चार्जिंग इकोसिस्टम में किए गए रणनीतिक निवेश और साझेदारियां आने वाले सालों में कंपनी की शेयरधारक वैल्यू (Shareholder Value) को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगी।

📜 शेयर का अब तक का प्रदर्शन कैसा रहा? 5 सालों में दिया 80% का शानदार रिटर्न

स्टॉक के ऐतिहासिक रिटर्न के आंकड़े:

  • शॉर्ट-टर्म प्रदर्शन: पिछले 1 महीने में शेयर में महज 0.5% की बढ़त रही है, जबकि पिछले 6 महीनों में इसने निवेशकों को 9.8% से अधिक का रिटर्न दिया है।

  • साल 2026 में ट्रेंड: 2026 में अब तक (YTD) शेयर में करीब 11% का दबाव देखा गया है, वहीं 1 साल की अवधि में यह 14% नीचे कारोबार कर रहा है।

  • लॉन्ग-टर्म वेल्थ क्रिएशन: लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह शेयर मल्टीबैगर साबित हुआ है, जिसने पिछले 5 वर्षों की अवधि में निवेशकों की पूंजी पर 80 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया है।

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