खातेगांव टीआई दिलीप पुरी शहादत मामला: 48 घंटे में मुख्य आरोपी और उसका साथी शॉर्ट एनकाउंटर में ढेर, दोनों के पैर में लगी गोली
खातेगांव TI दिलीप पुरी शहादत मामले में 48 घंटे के भीतर बड़ी कार्रवाई। अलीराजपुर से पकड़े गए मुख्य आरोपी और उसके साथी का शॉर्ट एनकाउंटर, पैर में लगी गोली।
मध्य प्रदेश के चर्चित खातेगांव थाना प्रभारी (TI) दिलीप पुरी की शहादत के मामले में पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर बेहद तेज और सख्त कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और उसके सहयोगी को धर दबोचा। पुलिस के अनुसार, अवैध शराब से भरे आयशर ट्रक के चालक गजेंद्र उर्फ अक्कू रावत और उसके सहयोगी धीरज को अलीराजपुर जिले से गिरफ्तार किया गया था। दोनों आरोपियों को अलीराजपुर से देवास लाते समय अलग-अलग स्थानों पर पुलिस हिरासत से भागने और पुलिस दल पर हमला करने का प्रयास किया गया। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई (Short Encounter) की, जिसमें दोनों आरोपियों के दाहिने पैर में गोली लगी है।
⏱️ 48 घंटे के भीतर पुलिस की बड़ी सफलता; एसआईटी (SIT) और कई जिलों की टीमों ने चलाया था सर्च ऑपरेशन
गिरफ्तारी और जांच का घटनाक्रम:
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शहादत की दर्दनाक घटना: गत रविवार और सोमवार की रात खातेगांव थाना क्षेत्र में अवैध शराब से भरे एक तेज रफ्तार आयशर ट्रक को रोकने का प्रयास करने के दौरान थाना प्रभारी दिलीप पुरी को कुचलकर बेरहमी से मार डाला गया था।
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विशेष जांच दल का गठन: इस जघन्य हत्याकांड के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया था। शासन के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया और कई जिलों की पुलिस टीमों को अपराधियों की सुरागकशी में लगाया गया था। आखिरकार सघन सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को अलीराजपुर से दबोच लिया।
⚡ बरोठा थाना क्षेत्र में मुख्य आरोपी अक्कू रावत ने छीनी थी बंदूक; पुलिस ने सेल्फ डिफेंस में की कार्रवाई
पहला एनकाउंटर और विवरण:
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भागने का प्रयास: मुख्य आरोपी गजेंद्र उर्फ अक्कू रावत को पुलिस जब अलीराजपुर से खातेगांव लेकर आ रही थी, तो देवास जिले के बरोठा थाना क्षेत्र के पास पुलिस वाहन का टायर पंचर होने पर गाड़ी रोकी गई थी।
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फायरिंग की कोशिश: मौका पाकर आरोपी ने एक पुलिसकर्मी की सर्विस रिवॉल्वर छीन ली और पुलिस दल पर ताबड़तोड़ फायरिंग करने की कोशिश की।
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जवाबी एक्शन: पुलिस अधिकारियों (SDOP कन्नोद आदित्य तिवारी) के अनुसार, पुलिस ने पूरी तरह आत्मरक्षा (Self Defense) में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के दाहिने पैर के निचले हिस्से में गोली लगी। घायल आरोपी को तुरंत जिला अस्पताल और फिर इंदौर रेफर किया गया।
🚗 दूसरे रास्ते पर साथी धीरज ने भी किया भागने का प्रयास; भोपाल बायपास के पास हुई कार्रवाई
दूसरे आरोपी का एनकाउंटर:
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साथी की हरकत: मुख्य आरोपी के बाद उसके साथी धीरज को पुलिस एक अन्य रूट से देवास ला रही थी।
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बायपास पर मुठभेड़: बैंक नोट प्रेस थाना क्षेत्र के भोपाल बायपास के पास उसने भी पुलिस अभिरक्षा से भागने की कोशिश की और हमलावर हुआ। इस दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके भी दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे भी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
🏥 जिला अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात; एसपी और सीएम ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और अस्पताल की स्थिति:
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अधिकारियों के बयान: पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बताया कि TI दिलीप पुरी की शहादत के बाद मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के तहत मानक प्रोटोकॉल के अनुसार यह कार्रवाई की गई है। CSP सुमित अग्रवाल ने भी एसआईटी की पूरी कार्रवाई की जानकारी दी।
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अस्पताल में अफरा-तफरी: महात्मा गांधी जिला अस्पताल के RMO डॉ. अजय पटेल ने बताया कि गोली लगने के बाद दोनों आरोपियों को इलाज के लिए लाया गया था, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया। आरोपियों के अस्पताल पहुंचने पर भारी पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी।
💰 राज्य सरकार का बड़ा कदम: शहीद TI की पत्नी को एक करोड़ रुपये और एसआई पद पर अनुकंपा नियुक्ति
आर्थिक व प्रशासनिक सहायता:
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सरकार की घोषणा: इस बीच राज्य सरकार ने शहीद TI दिलीप पुरी के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए बड़ी आर्थिक और रोजगार संबंधी सहायता की घोषणा की है।
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मुख्यमंत्री के निर्देश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहीद दिलीप पुरी की पत्नी को उपनिरीक्षक (SI) के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने और उनके परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिलीप पुरी ने अपने कर्तव्य पालन के दौरान अनुकरणीय साहस और सर्वोच्च समर्पण का परिचय दिया है।
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