सागर कलेक्टर की जनसुनवाई में बड़ा हंगामा: दबंगों से परेशान आदिवासी दंपती ने बच्चों संग की आत्मदाह की कोशिश
सागर में कलेक्टर की जनसुनवाई के दौरान दबंगों से परेशान एक आदिवासी दंपती ने बच्चों के साथ आत्मदाह की कोशिश की। कलेक्टर ने एसडीओपी को जांच के आदेश दिए हैं।
मध्य प्रदेश के सागर जिले में नवागत कलेक्टर दिलीप यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित पहली ही जनसुनवाई में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक पीड़ित दंपती अपने मासूम बच्चों के साथ रस्सी और पेट्रोल की बोतल लेकर पहुंच गया। कलेक्ट्रेट परिसर में पति-पत्नी ने आत्मदाह करने का प्रयास किया, लेकिन वहां मौजूद एक सतर्क महिला पुलिसकर्मी ने थैले से पेट्रोल की बोतल निकालते हुए देख लिया और तुरंत अन्य कर्मियों को इसकी सूचना दी। पुलिस बल ने तत्परता दिखाते हुए बड़ी मशक्कत के बाद दोनों को काबू में किया और एक बड़ा हादसा टल गया।
👫 कलेक्टर के सामने बच्चों संग पहुंचे पति-पत्नी; मारपीट से महिला का हाथ टूटने का आरोप
घटना का आंखों देखा हाल और प्रताड़ना की दास्तान:
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कलेक्टर परिसर में हंगामा: दोपहर करीब एक बजे जनसुनवाई कक्ष में जब कलेक्टर शिकायतें सुन रहे थे, तभी पीड़ित परिवार अचानक सामने आ गया। महिला ने थैले से पेट्रोल की बोतल निकालकर खुद पर छिड़कने का प्रयास किया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
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दबंगों का आतंक: पीड़ित परिवार गढ़ाकोटा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली माधवकुटी का निवासी है। पीड़ित सीताराम सौर आदिवासी ने उजियार सिंह लोधी, रविंद्र लोधी, जित्तू लोधी, मीनारानी लोधी और उमारानी लोधी सहित मारपानी गांव के तीन अज्ञात व्यक्तियों पर पिछले 5 साल से लगातार प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है।
⚖️ "9 बार थाने में शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई": पीड़िता का छलका दर्द
पीड़ित महिला की आपबीती और पुलिस की उदासीनता:
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मारपीट और जातिसूचक प्रताड़ना: महिला ने बताया कि गत 30 अक्टूबर को खूंटा गाड़ने को लेकर हुए विवाद के दौरान आरोपियों ने उनके घर में घुसकर लाठी-डंडों से मारपीट की। आरोपियों ने उसके बाल पकड़कर घसीटे, जिससे उसका बायां हाथ फ्रैक्चर हो गया और शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आईं।
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बच्चों पर हमला और धमकियां: इस दौरान बीच-बचाव करने आए उनके तीनों बच्चों को भी पीटा गया। पीड़िता का कहना है कि वह न्याय के लिए पुलिस में अब तक 9 बार लिखित शिकायत दर्ज करा चुकी है, लेकिन दबंगों के रसूख के चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई। डर और धमकियों के कारण उनके बच्चे स्कूल तक नहीं जा पा रहे हैं।
🔍 कलेक्टर दिलीप यादव ने रहली एसडीओपी को दिए जांच के आदेश; प्रशासनिक अमला हुआ अलर्ट
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई:
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अधिकारियों का बयान: नायब तहसीलदार प्रतिक रजक ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि महिला ने पूर्व में मारपीट की शिकायत दी थी। पुलिस से न्याय न मिलने और लगातार प्रताड़ित होने के कारण वह अपने पति व बच्चों के साथ जनसुनवाई में आत्मदाह जैसा कदम उठाने पहुंच गई थी। मौके पर मौजूद पुलिस ने महिला और उसके परिवार को समझा-बुझाकर शांत किया।
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जांच के निर्देश: मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर दिलीप यादव ने रहली के एसडीओपी (SDOP) को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर तत्काल सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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