मध्य प्रदेश रेलवे न्यूज़: धार के लोगों का दशकों पुराना इंतजार खत्म, इंदौर-दाहोद रेल लाइन पर मेमू ट्रेन चलाने की तैयारी
धार की धरती पर पहली बार दौड़ेगी पूरी ट्रायल ट्रेन। इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत टीही-धार 47 किमी रेलमार्ग पर सीआरएस का दो दिवसीय निरीक्षण शुरू।
धार की धरती पर पहली बार पूरी ट्रायल ट्रेन पटरी पर दौड़ने जा रही है। इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत टीही-धार रेलखंड पर करीब 47 किलोमीटर लंबे इस नए रेलमार्ग पर होने वाला यह ट्रायल धार जिले के रेल इतिहास में एक अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा। वर्षों से इंदौर शहर से सीधे रेल संपर्क का इंतजार कर रहे जिले के लाखों लोगों के लिए यह खबर एक बहुत बड़ी उम्मीद लेकर आई है। गुरुवार को रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) ने अपने दो दिवसीय विस्तृत निरीक्षण की औपचारिक शुरुआत कर दी है, जिसके पहले दिन टीही से गुणावद तक पूरे रेलमार्ग का बारीकी से जायजा लिया गया। टीही रेलवे स्टेशन पर विधि-विधान से पूजन-अर्चन के पश्चात निरीक्षण कार्य शुरू किया गया।
🔍 सुरक्षा जांच और टनल का मुआयना; अधिकारियों ने ट्रॉली से पार की 3 किमी लंबी टनल
निरीक्षण टीम और जांच बिंदु:
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उपस्थित उच्चाधिकारी: रेलवे सुरक्षा आयुक्त ई. श्रीनिवासन, पश्चिम रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी विनीत श्रीवास्तव, डीआरएम अश्विनी कुमार, अभियंता धीरज कुमार, तपेश्वर राय सहित रेलवे के अन्य तकनीकी अधिकारी इस निरीक्षण के दौरान विशेष रूप से मौजूद रहे।
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टनल की सुरक्षा पर जोर: जांच टीम ने रेल ट्रॉली के माध्यम से लगभग तीन किलोमीटर लंबी जटिल टनल को पार करते हुए गुणावद तक निरीक्षण किया। टनल के भीतर सुरक्षा से जुड़े प्रत्येक महत्वपूर्ण पहलू की जांच में एक घंटे से अधिक का समय लगा। इस दौरान आपातकालीन स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने, त्वरित राहत कार्यों की व्यवस्था और नियमित रेल परिचालन के दौरान सुरक्षा इंतजामों को गहराई से परखा गया।
🌉 15 बड़े ब्रिज और 25 छोटे पुलों की तकनीकी जांच; चंबल नदी के पुल का हुआ मुआयना
संरचनात्मक मजबूती और मानक:
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पुल-पुलियाओं का परीक्षण: रेल पटरी, टनल की संरचना और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं के साथ-साथ इस रेलमार्ग पर बने लगभग 15 बड़े ब्रिज और 25 छोटे पुल-पुलियाओं की मजबूती भी परखी गई।
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चंबल नदी पर बना पुल: चंबल नदी सहित अन्य प्रमुख जल निकायों पर बने पुलों का विशेष निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया गया कि तेज गति से ट्रेन गुजरने के दौरान ये सभी संरचनाएं रेलवे के सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह खरी उतरती हैं या नहीं। पहले दिन का पूरा ध्यान निर्माण की गुणवत्ता और संरचनात्मक मजबूती को परखने पर केंद्रित रहा।
⚡ शुक्रवार को होगा हाई-स्पीड इंजन से गति परीक्षण; 25 KV इलेक्ट्रिक लाइन की होगी जांच
स्पीड ट्रायल और अलाइनमेंट:
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विद्युत इंजन से स्पीड टेस्ट: शुक्रवार को निरीक्षण के दूसरे दिन विद्युत (इलेक्ट्रिक) इंजन के जरिए टीही से धार तक हाई-स्पीड गति परीक्षण किया जाएगा। इस दौरान इंजन में विशेष सेंसिंग उपकरण लगाए जाएंगे, जिनकी मदद से पटरियों पर होने वाले कंपन, झटकों और अन्य तकनीकी बदलावों का सटीक डेटा मिलेगा।
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ट्रैक की स्थिरता: अलग-अलग स्पीड पर इंजन चलाकर ट्रैक की स्थिरता, तीखे मोड़ों, अलाइनमेंट और ओवरहेड 25 केवी एसी (25 KV AC) विद्युतीकरण व्यवस्था की सुरक्षा और कार्यक्षमता को जांचा जाएगा।
🚉 सीआरएस रिपोर्ट के बाद खुलेगा यात्री ट्रेनों का रास्ता; मेमू ट्रेन चलाने की योजना
अनुमति और भविष्य की संभावनाएं:
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सुरक्षा रिपोर्ट का इंतजार: इस दो दिवसीय निरीक्षण और स्पीड ट्रायल के पूरा होने के बाद रेलवे सुरक्षा आयुक्त अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे। सीआरएस से सुरक्षा मानकों पर पूर्ण संतुष्टि और आधिकारिक अनुमति (Safety Clearance) मिलने के बाद धार-इंदौर के बीच नियमित रेल सेवा शुरू करने का मार्ग प्रशस्त होगा।
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शुरुआती योजना: रेलवे की शुरुआती योजना के तहत इस मार्ग पर पहले चरण में मेमू (MEMU) ट्रेन चलाने की तैयारी है। भविष्य में महू से सीधा रेल संपर्क स्थापित होने पर इस रूट से अन्य लंबी दूरी की यात्री ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं भी कई गुना बढ़ जाएंगी।
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