पचमढ़ी में दर्दनाक हादसा: बंदरों के आतंक से नागपुर के ग्रुप लीडर की 150 फीट गहरी खाई में गिरने से मौत

पचमढ़ी के प्रियदर्शिनी व्यू पॉइंट पर बंदरों के आतंक से बड़ा हादसा। बैग छीनने के दौरान 150 फीट गहरी खाई में गिरने से नागपुर के ग्रुप लीडर की मौत।

Nov 06, 2026 - 20:57
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पचमढ़ी में दर्दनाक हादसा: बंदरों के आतंक से नागपुर के ग्रुप लीडर की 150 फीट गहरी खाई में गिरने से मौत

मध्य प्रदेश के एकमात्र खूबसूरत हिल स्टेशन पचमढ़ी से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। पचमढ़ी के प्रसिद्ध प्रियदर्शिनी व्यू पॉइंट पर बंदरों के आतंक के कारण नागपुर से आए एक स्कूल टूर के ग्रुप लीडर की जान चली गई। जानकारी के मुताबिक, ग्रुप लीडर के हाथ में रखा पैसों और जरूरी कागजों से भरा बैग एक बंदर अचानक छीनकर भाग गया और रेलिंग के पास बैठ गया। बच्चों और पर्यटकों के शोर मचाने पर जब ग्रुप लीडर ने बंदर से बैग वापस लेने का प्रयास किया, तो दोनों के बीच हुई छीनाझप्ती में उनका संतुलन बिगड़ गया और वह रेलिंग पार कर सीधे गहरी खाई में जा गिरे। करीब 150 फीट नीचे गिरने से ग्रुप लीडर विजय नायक की मौके पर ही मौत हो गई।

👨‍👦 पिता और बच्चों की आंखों के सामने हुआ हादसा; शिक्षिका और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों का बयान:

  • टूर का विवरण: नागपुर से करीब 20 स्कूली बच्चों के दल के साथ पचमढ़ी भ्रमण पर आई एक शिक्षिका ने बताया कि ग्रुप का नेतृत्व विजय नायक कर रहे थे, और इस टूर में उनके वृद्ध पिता भवानी नायक भी उनके साथ मौजूद थे।

  • आंखों देखा हाल: बच्चों के साथ सभी लोग प्रियदर्शिनी व्यू पॉइंट पर घूम रहे थे, तभी बंदर अचानक आया और बैग लेकर भागने लगा। मृतक के पिता भवानी नायक ने बताया कि सब कुछ उनकी आंखों के सामने पलक झपकते ही हुआ, और बैग बचाने के प्रयास में विजय का पैर स्लिप हो गया। इस अचानक हुई दुर्घटना से बच्चों और परिजनों की चीख निकल पड़ी।

⛰️ 3 किलोमीटर पैदल चलकर हुआ रेस्क्यू; 4 घंटे की मशक्कत के बाद खाई से निकाला गया शव

प्रशासनिक कार्रवाई और बचाव कार्य:

  • पुलिस और स्थानीय मदद: भीषण हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और पचमढ़ी के स्थानीय लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुँचे।

  • कठिन रेस्क्यू: पचमढ़ी थाना प्रभारी गोपाल घासले ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम और स्थानीय लोगों को 150 फीट गहरी खाई में उतरने के लिए करीब 3 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। शव को सुरक्षित बाहर निकालने में लगभग 4 घंटे का लंबा समय लगा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जो उसे लेकर नागपुर के लिए रवाना हो चुके हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

⚠️ पर्यटकों के लिए नासूर बनता बंदरों का आतंक; सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और प्रशासन पर उठे सवाल

सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं:

  • रोजाना हो रहे हमले: हिल स्टेशन पचमढ़ी के अधिकांश प्रमुख पर्यटक स्थलों पर बंदरों का उग्र आतंक लंबे समय से सिरदर्द बना हुआ है। स्थानीय आंकड़ों के मुताबिक, पचमढ़ी में प्रतिदिन 5 से 10 पर्यटक बंदरों के काटने या हमलों का शिकार होकर अस्पताल पहुँचते हैं।

  • प्रशासनिक उदासीनता: इसके बावजूद पर्यटन स्थलों से बंदरों को नियंत्रित करने या हटाने के लिए सतपुड़ा टाइगर रिजर्व प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते हैं, जिसके चलते सैलानियों की सुरक्षा पर हर वक्त तलवार लटकी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि व्यूपॉइंट्स पर बनी रेलिंग्स भी कमजोर हैं, जिन्हें तत्काल दुरुस्त किए जाने की जरूरत है।

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