बिजली विभाग समाचार: दीपावली पर आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल की चेतावनी, न्यूनतम वेतन और 20 लाख बीमा की मांग
एमपी में 45 हजार बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों ने दीपावली पर काम बंद की चेतावनी दी। गोविंदपुरा में 34 मांगों को लेकर प्रबंधन और संगठन के बीच बैठक।
मध्य प्रदेश की 6 बिजली वितरण कंपनियों में कार्यरत लगभग 45 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों ने दीपावली के ऐन मौके पर 7 और 8 नवंबर को काम पूरी तरह बंद रखने की कड़ी चेतावनी दी है। इस चेतावनी के बाद हरकत में आए प्रशासन और मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के निष्ठा परिसर (गोविंदपुरा, भोपाल) में कर्मचारियों की 34 सूत्रीय मांगों को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक (HR) राकेश शर्मा, बिजली आउटसोर्स कर्मचारी संगठन के प्रांतीय संयोजक मनोज भार्गव, महासचिव दिनेश सिसोदिया और जनता यूनियन के उपाध्यक्ष ओपी सक्सेना मुख्य रूप से शामिल हुए।
⚠️ 20 वर्षों से नियमों की अनदेखी का आरोप; ठेका प्रथा खत्म करने की पुरजोर मांग
कर्मचारियों के आरोप और मुख्य मांगें:
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त्योहारों का पारिश्रमिक न मिलना: बैठक के दौरान कर्मचारियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 20 वर्षों से दीपावली और अन्य राष्ट्रीय पर्वों पर लगातार काम करने के बावजूद लगभग 90 प्रतिशत आउटसोर्स कर्मचारियों को श्रम कानूनों व प्रावधानों के अनुसार अतिरिक्त पारिश्रमिक या भत्ता प्रदान नहीं किया गया है।
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पंजाब की तर्ज पर विधेयक: कर्मचारियों की सबसे प्रमुख मांग है कि प्रदेश में ठेका प्रथा को पूरी तरह समाप्त कर पंजाब राज्य की तर्ज पर 'आउटसोर्स कर्मचारी विधेयक' लागू किया जाए।
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सीधा वेतन और नियमितीकरण: ठेकेदारों के बजाय सीधे बिजली कंपनियों के खाते से वेतन भुगतान करने और कर्मचारियों को उनकी वरिष्ठता व योग्यता के आधार पर रिक्त पदों पर नियमित करने की मांग रखी गई। इसके अलावा न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी, जोखिम भत्ता, रात्रिकालीन भत्ता, चिकित्सा अवकाश, बोनस में एकरूपता और लीव एनकैशमेंट की मांग भी उठाई गई।
🛡️ दुर्घटना बीमा राशि 20 लाख रुपये करने और बायोमेट्रिक हाजिरी की मांग
सुरक्षा और पारदर्शी व्यवस्था के बिंदु:
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मुआवजा और बीमा में बढ़ोतरी: संगठन ने मांग उठाई कि विद्युत दुर्घटना में असमय मृत्यु के शिकार होने वाले कर्मचारियों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि (मुआवजा) 4 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये की जाए। साथ ही मैदान में कार्यरत सभी तकनीकी कर्मचारियों का कम से कम 20 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कराया जाए।
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पारदर्शिता और रिकॉर्ड: कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर माह अनिवार्य रूप से वेतन पर्ची (Pay Slip) देने, स्थायी सेवा पुस्तिका (Service Book) तैयार करने और ई-हाजिरी (E-Attendance) सुनिश्चित करने के लिए सभी कार्यालयों में बायोमेट्रिक मशीनें लगाने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।
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