47 किमी लंबे टीही–धार रेलखंड का संरक्षा आयुक्त ने किया निरीक्षण, 3 किमी लंबी टनल का भी ट्रायल पूरा

इंदौर-दाहोद परियोजना के तहत टीही-धार रेलखंड पर स्पीड ट्रायल सफल। पीथमपुर और धार को मिलेगी नई रेल कनेक्टिविटी। पूरी खबर पढ़ें।

Nov 07, 2026 - 19:29
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47 किमी लंबे टीही–धार रेलखंड का संरक्षा आयुक्त ने किया निरीक्षण, 3 किमी लंबी टनल का भी ट्रायल पूरा

इंदौर: इंदौर–दाहोद रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत नवनिर्मित टीही–धार रेलखंड पर बड़ी रेल लाइन का सुरक्षा एवं गति परीक्षण (Speed Trial) सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस परीक्षण के पूरे होते ही अब प्रदेश के सुदूर आदिवासी अंचल में जल्द ही रेल गाड़ियाँ दौड़ती हुई नज़र आएंगी। दीपावली के शुभ अवसर पर 47 किलोमीटर लंबे इस नए ट्रैक पर ट्रेन का परीक्षण किया गया, जहाँ आजादी के बाद से अब तक रेलवे की कोई सीधी सुविधा उपलब्ध नहीं थी।

🚛 टीही–धार कनेक्टिविटी से पीथमपुर औद्योगिक हब को पंख; गुजरात और महाराष्ट्र से कच्चे माल की आपूर्ति होगी सुगम

औद्योगिक एवं आर्थिक लाभ:

  • नई रेल कनेक्टिविटी: इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत टीही–धार रेलखंड के शुरू होने से इंदौर, पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र और धार जिले के बीच रेल संपर्क को एक नई और मजबूत दिशा मिलेगी।

  • पीथमपुर को बड़ा फायदा: मध्य प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र पीथमपुर, जहाँ ऑटोमोबाइल, वाणिज्यिक वाहन निर्माण, इंजीनियरिंग, फार्मास्युटिकल, केमिकल और प्लास्टिक उद्योग बड़े पैमाने पर स्थापित हैं, इस रेल लाइन से सीधे लाभान्वित होगा।

  • लागत और समय में कमी: नई रेल लाइन के माध्यम से इन निर्माण इकाइयों को गुजरात और महाराष्ट्र के बंदरगाहों व शहरों से कच्चा माल लाने तथा तैयार उत्पादों को भेजने में आसानी होगी। इससे माल ढुलाई के समय और परिवहन लागत में भारी कमी आएगी, साथ ही नए निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

🏔️ आदिवासी अंचलों का सामाजिक-आर्थिक विकास; पर्यटन और धार्मिक स्थलों तक पहुँचना हुआ आसान

क्षेत्रीय विकास और पर्यटन को बढ़ावा:

  • मालवा अंचल का विकास: इंदौर–दाहोद रेल लाइन न केवल मालवा क्षेत्र बल्कि आसपास के आदिवासी इलाकों के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

  • सुगम यातायात व पर्यटन: टीही–धार ट्रैक चालू होने से धार के प्रसिद्ध ऐतिहासिक, धार्मिक और पर्यटन स्थलों (जैसे मांडव, धार किला आदि) तक देशभर से पर्यटकों की पहुँच आसान होगी। इससे स्थानीय व्यापार और पर्यटन उद्योग को नया जीवन मिलेगा।

  • पश्चिम रेलवे की उपलब्धि: पश्चिम रेलवे इस परियोजना को आधुनिक बुनियादी ढांचे के विस्तार और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मान रहा है।

🔍 पश्चिम परिमंडल के रेल संरक्षा आयुक्त ने किया 2 दिवसीय निरीक्षण; 3 किमी लंबी टीही टनल की भी हुई जांच

सीआरएस निरीक्षण का विवरण:

  • सुरक्षा परीक्षण: पश्चिम परिमंडल के रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) ई. श्रीनिवास ने 05 और 06 नवंबर 2026 को दो दिवसीय विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने 05 नवंबर को टीही से गुणावद और 06 नवंबर को गुणावद से धार तक मोटर ट्रॉली के माध्यम से ट्रैक की सुरक्षा परखी।

  • मुख्य विशेषताएं: इस दौरान नवनिर्मित रेल लाइन के प्रमुख पुलों, ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE), सिग्नलिंग सिस्टम और संरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से परीक्षण किया गया। परियोजना की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही लगभग 3 किलोमीटर लंबी टीही सुरंग (Tunnel) का भी गहन संरक्षा निरीक्षण किया गया।

📜 पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल का आधिकारिक बयान; स्वीकृति मिलते ही शुरू होगा यात्री ट्रेनों का परिचालन

प्रशासनिक प्रतिक्रिया और आगे की योजना:

  • पीआरओ का वक्तव्य: पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) मुकेश कुमार ने बताया कि "टीही–धार रेलखंड का सफलतापूर्वक सीआरएस निरीक्षण और स्पीड ट्रायल पूरा होना इंदौर–दाहोद रेल परियोजना की एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।"

  • परिचालन का मार्ग प्रशस्त: उन्होंने बताया कि केंद्रीय रेल संरक्षा आयुक्त से औपचारिक हरी झंडी (स्वीकृति) प्राप्त होते ही इस रेलखंड पर नियमित यात्री और मालगाड़ियों के संचालन का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो जाएगा, जो क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक ताने-बाने को नई ऊर्जा देगा।

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