Bhopal Power Cut News: पहली ही बारिश में बिजली व्यवस्था बेहाल; निगम के दावों की खुली पोल, 100 से अधिक इलाकों में अंधेरा
भोपाल में पहली बारिश के साथ ही बिजली व्यवस्था चरमराई। 100 से अधिक इलाकों में घंटों अंधेरा, 1912 पर शिकायतों के बाद भी नहीं मिला समाधान।
भोपाल। राजधानी में मानसून के आगमन के साथ ही बिजली व्यवस्था का धराशायी होना अब केवल एक तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का प्रतीक बन चुका है। शनिवार रात हुई तेज हवा और बारिश ने शहर के बिजली तंत्र की तैयारियों की पोल खोल दी है। आलम यह रहा कि बावड़ियाकलां, कोलार, होशंगाबाद रोड और रायसेन रोड सहित शहर के 100 से अधिक इलाकों में बिजली घंटों गुल रही।
📋 छह महीने पहले मिले थे निर्देश, पर हुआ क्या?
नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने स्पष्ट किया कि 1 जनवरी 2026 को ही बिजली कंपनी को एक पत्र लिखकर पेड़ों की छंटाई और बिजली लाइनों के रखरखाव के कड़े निर्देश दिए गए थे। निगम ने समय रहते पेड़ों की शाखाओं को बिजली लाइनों से दूर करने के लिए कहा था, ताकि मानसून में फॉल्ट न हो। बावजूद इसके, कई इलाकों में यह काम अधूरा रहा, जिसका खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
☎️ 1912 पर शिकायत के बाद भी घंटों अंधेरे में रहे उपभोक्ता
उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली जाने के बाद हेल्पलाइन नंबर 1912 पर शिकायतें तो दर्ज की गईं, लेकिन समाधान नहीं मिला। ऋद्धि इन्क्लेव निवासी आदित्य मीणा ने बताया कि उन्होंने रात 10:30 बजे से लेकर 2:30 बजे तक दो बार शिकायत दर्ज की, लेकिन बिजली रविवार सुबह 11 बजे बहाल हुई। इसी तरह कोलार निवासी दीपांकर गुप्ता ने बताया कि बिजली लौटने के बाद भी वोल्टेज इतना कम था कि घर के उपकरण ठीक से नहीं चल सके।
⚖️ क्या है बिजली कंपनी की जवाबदेही?
हर साल मानसून से पहले बिजली कंपनी बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन पहली बारिश में ही पूरा सिस्टम जवाब दे देता है। अब बड़ा सवाल यह है कि यदि समय पर बजट और निर्देश दिए गए थे, तो रखरखाव के दावे कागजों तक ही क्यों सीमित रहे? उपभोक्ताओं में इस लचर व्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश है और अब देखना यह होगा कि क्या बिजली कंपनी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाएगी या आने वाली बारिश में भी शहर को ऐसे ही अंधेरे का सामना करना पड़ेगा।
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