लापरवाही पर निगमायुक्त सख्त; अतिक्रमण और अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई न करने वाले अधिकारियों को नोटिस
ग्वालियर निगमायुक्त ने अतिक्रमण और अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई न करने वाले अधिकारियों को नोटिस जारी किए। जलभराव और जर्जर भवनों की समीक्षा के दिए कड़े निर्देश।
ग्वालियर। नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने शहर में अतिक्रमण और अवैध कॉलोनियों के खिलाफ चल रहे अभियान में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों के प्रति कड़ी नाराजगी जताई है। सोमवार को आयोजित समय-सीमा समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जल निकासी में बाधा बन रहे नालों के अतिक्रमणों को तत्काल हटाया जाए। जो अधिकारी इस अभियान में लापरवाही बरत रहे हैं, उन्हें नोटिस जारी किया जा रहा है।
🚧 जर्जर भवन छिपाने पर होगी बड़ी कार्रवाई
निगमायुक्त ने जर्जर भवनों की मॉनिटरिंग पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने सिटी प्लानर को निर्देश दिए हैं कि वे उन क्षेत्रों का पुनः निरीक्षण करें, जहाँ के क्षेत्राधिकारियों ने 'कोई जर्जर भवन नहीं' होने की रिपोर्ट दी थी। यदि औचक निरीक्षण के दौरान वहां कोई जर्जर भवन पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
💧 जल संरक्षण और अव्यवस्था पर नकेल
शहर में जल संकट और बर्बादी को देखते हुए निगमायुक्त ने वाहन धुलाई केंद्रों को तत्काल बंद कराने, पाइपलाइन लीकेज दुरुस्त करने और जल अपव्यय रोकने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, उन्होंने सहायक यंत्री ब्रजबिहारी चंसोलिया और अजय शाक्यवार को नोटिस का जवाब न देने के कारण एकपक्षीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जो अधिकारियों के प्रति निगम प्रशासन की सख्त कार्यशैली को दर्शाता है।
📋 अन्य प्रमुख निर्देश
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सड़कें: वर्षा ऋतु में प्रमुख मार्गों पर यातायात बाधित न हो, इसके लिए विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
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सीएम हेल्पलाइन: 50 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण सुनिश्चित करना।
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वाटर हार्वेस्टिंग: शहर में 55 स्थानों पर चल रहे कार्यों को गति देना।
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प्रधानमंत्री आवास: 10 जुलाई तक हितग्राहियों को गृह प्रवेश कराना।
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स्वच्छ ग्वालियर एप: प्राप्त शिकायतों का त्वरित समाधान करना।
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