बांधवगढ़ में हाथियों का तांडव! पारसी-महामन में 3 एकड़ फसल रौंदी, ग्रामीणों ने जागकर काटी रात
उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लगे गांवों में हाथियों के झुंड ने 3 एकड़ फसल तबाह कर दी। वन विभाग ने मिर्ची के धुएं और शोर से हाथियों को जंगल खदेड़ा।
उमरिया। विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (BTR) से लगे ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली हाथियों और अन्य वन्यजीवों की लगातार सक्रियता ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। मंगलवार रात हाथियों का एक विशाल झुंड पारसी और महामन गांव की सीमा में आ घुसा। अचानक बड़ी संख्या में हाथियों के खेतों में उतरने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। देखते ही देखते हाथियों के झुंड ने खेतों में लहलहा रही फसलों को बेरहमी से रौंदना शुरू कर दिया, जिससे करीब 3 एकड़ में लगी फसल पूरी तरह चौपट हो गई।
📢 मिर्ची के धुएं और तेज शोर से खदेड़ा गया: वन विभाग और ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू
स्थानीय ग्रामीण मोहन बैगा ने बताया कि रात के समय जैसे ही हाथियों की मौजूदगी का अहसास हुआ, ग्रामीणों ने तुरंत एक-दूसरे को सतर्क किया और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की गश्ती टीम को सूचना दी।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंची। चूंकि हाथियों का झुंड आबादी के बेहद करीब था, इसलिए उन्हें बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित जंगल की ओर मोड़ना बड़ी चुनौती था। वन कर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से मिर्ची का धुआं किया और पटाखे फोड़कर व शोर मचाकर हाथियों का रुख जंगल की ओर मोड़ा। घंटों की भारी मशक्कत के बाद झुंड धीरे-धीरे खेतों से निकलकर जंगल में वापस लौट गया।
🌾 किसानों पर टूटा मुसीबतों का पहाड़: बृजभूषण और रामनरेश के खेतों में भारी तबाही
हाथियों के इस उत्पाद के कारण पारसी निवासी बृजभूषण सिंह और महामन निवासी रामनरेश सिंह के खेतों में सबसे अधिक तबाही हुई है।
प्राथमिक आकलन के अनुसार, करीब 3 एकड़ में खड़ी तैयार फसल हाथियों के पैरों तले रौंदकर बर्बाद हो चुकी है। पूरी तरह खेती पर निर्भर इन गरीब किसानों के लिए यह आर्थिक नुकसान चिंता का विषय बन गया है। घटना के बाद से ग्रामीण इतने दहशत में हैं कि कई किसानों ने पूरी रात जागकर बिताई। ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग करते हुए सुरक्षा के स्थायी प्रबंध करने की गुहार लगाई है।
🌲 वन अमला अलर्ट मोड पर: फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय ने दिए सतत निगरानी के निर्देश
मामले की पुष्टि करते हुए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर (क्षेत्रीय संचालक) अनुपम सहाय ने बताया कि, "जंगली हाथियों के ग्रामीण इलाके में मूवमेंट की सूचना मिलते ही तत्काल वन कर्मियों को मौके पर भेजा गया था।
कर्मचारियों ने सूझबूझ से हाथियों को सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ दिया है और उनकी हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।" हाथियों के वापस जंगल में लौटने के बाद भी वन विभाग की स्पेशल टीम गश्त कर रही है, ताकि झुंड दोबारा रिहायशी इलाकों का रुख न करे। प्रशासन ने ग्रामीणों को भी रात के समय खेतों में न जाने और हाथियों के दिखने पर तुरंत सूचना देने की चेतावनी जारी की है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)