छतरपुर में शराब ठेकेदारों पर बड़ी कार्रवाई; 20 दुकानों के लाइसेंस निरस्त, मचा हड़कंप
छतरपुर में शराब ठेकेदारों पर आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई। फीस जमा न करने पर 20 दुकानों के लाइसेंस रद्द। विभाग अब खुद संचालित करेगा दुकानें, जल्द होगी नीलामी।
छतरपुर। जिले में आबकारी विभाग ने बड़े शराब ठेकेदारों के खिलाफ एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। विभाग ने समय पर ड्यूटी फीस जमा न करने के चलते जिले की 20 प्रमुख शराब दुकानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं। इस कार्रवाई से स्थानीय शराब कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति है। विभाग ने अब इन दुकानों को खुद संचालित करने की तैयारी कर ली है और जल्द ही नए सिरे से इनकी नीलामी (ऑक्शन) प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
📉 राजस्व बकाया बना कार्रवाई का कारण
आबकारी अधिकारी अमृता जैन ने बताया कि संबंधित ठेकेदारों को बकाया राजस्व जमा करने के लिए कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन बार-बार चेतावनियों के बावजूद भुगतान नहीं किया गया। इस लापरवाही को देखते हुए विभाग ने दुकानों पर ताला लगाने का सख्त निर्णय लिया है। इस कार्रवाई के दायरे में राजनगर, खजुराहो, बमीठा, गंज बसारी, चंद्रनगर, टौरिया टेक, गठेवरा-सारंगपुर और हरपालपुर की दुकानें शामिल हैं। इन दुकानों पर कुल करीब 120 करोड़ रुपये का राजस्व बकाया था।
🏢 किन कारोबारियों पर गिरी गाज?
विभाग की जानकारी के अनुसार, निरस्त की गई दुकानें मुख्य रूप से 'छत्रसाल बेवरेज' और 'भोले विश्वनाथ एसोसिएट' के नाम पर संचालित थीं, जो शहर के चर्चित कारोबारी नवीन पांडेय और प्रवीण पांडेय से संबंधित हैं। इसके अलावा, हरपालपुर क्षेत्र में ठेकेदार राजेश कुमार दुबे की 2 दुकानों का लाइसेंस भी फीस न जमा करने के कारण रद्द किया गया है।
⚡ पहली बार बनी तीन माह में दोबारा ऑक्शन की स्थिति
छतरपुर जिले के आबकारी इतिहास में यह पहली बार है जब टेंडर प्रक्रिया के महज तीन माह के भीतर ही दुकानों के दोबारा ऑक्शन की नौबत आई है। कारोबार में घाटे और समय पर ड्यूटी फीस न चुका पाने के कारण ठेकेदारों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। विभाग अब वैकल्पिक व्यवस्था के तहत इन दुकानों का संचालन कर रहा है, ताकि सरकारी राजस्व को नुकसान न हो और जिले में शराब की बिक्री व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
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