मुसलमानों से सीखो, वे अपने धर्मगुरुओं का अपमान नहीं करते; सनातनियों को दी एकजुट रहने की सलाह
तिरुपति में पंडित धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान। हिंदू एकता का आह्वान करते हुए कहा, संतों का मजाक बनाकर सनातन को कमजोर न करें। जानें पूरी खबर।
छतरपुर। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने तिरुपति में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सनातन धर्म की एकता और संतों के सम्मान पर जोर दिया है। हाल ही में कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर के बेटे देवांश को सोशल मीडिया पर ट्रोल किए जाने की घटना पर बाबा बागेश्वर ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने हिंदू समाज से अपील की कि वे आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट रहें।
⚖️ 'कथा वाचक का बेटा कथा करे तो आपत्ति क्यों?'
धीरेंद्र शास्त्री ने प्रश्न उठाते हुए कहा कि यदि डॉक्टर, किसान, नेता और अभिनेता के बच्चे अपने पिता का पेशा अपनाते हैं, तो समाज को कोई आपत्ति नहीं होती। फिर कथा वाचक का बेटा यदि कथा का मार्ग चुने, तो उसे ट्रोल क्यों किया जाता है? उन्होंने कहा कि यह व्यवहार सनातन संस्कृति के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सलाह दी कि यदि किसी की कथा पसंद न हो, तो उसे न सुनें, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर संतों का उपहास न उड़ाएं।
🕌 'मुस्लिम समाज से सीखें एकता का पाठ'
अपने संबोधन में धीरेंद्र शास्त्री ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि हिंदू समाज को अन्य समुदायों से एकता का पाठ सीखना चाहिए। उन्होंने कहा, "मुस्लिम समाज कभी अपने धर्मगुरुओं का अपमान नहीं करता, जबकि सनातन धर्म में कुछ लोग अपने ही संतों और महात्माओं का मजाक बनाने में लगे हैं, जिससे अंततः धर्म की ही छवि धूमिल होती है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि अपने धर्मगुरुओं का सम्मान करना धर्म की मजबूती के लिए आवश्यक है।
🤝 'जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई'
बाबा बागेश्वर ने जाति-पाति के बंधनों को तोड़कर संगठित होने का संदेश दिया। उन्होंने कहा, "जब हिंदू समाज संगठित होगा, तभी राष्ट्र और सनातन परंपरा सशक्त होगी।" उन्होंने सभी सनातनी हिंदुओं से आग्रह किया कि आपसी खींचतान छोड़कर एक-दूसरे का सम्मान करें। कार्यक्रम के समापन पर उन्होंने 'जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई' का नारा देते हुए एकता का संकल्प दोहराया।
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