वैश्विक तनाव के बीच सोने-चांदी की कीमतों में लगी आग! इंदौर के सर्राफा व्यापारियों की बढ़ी चिंता
ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण इंदौर सर्राफा बाजार में सोने-चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचीं। सोना ₹1.41 लाख और चांदी ₹2.22 लाख होने से ग्राहकी 30% घटी।
इंदौर। ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर युद्ध शुरू होने के कारण कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की वैश्विक कीमतों के अलावा मध्य प्रदेश के सर्राफा बाजार पर भी मंदी के संकट के बादल गहरे हो गए हैं। स्थिति यह है कि पिछले साल की समान अवधि की तुलना में अब बाजार में आम ग्राहकों की आवाजाही और खरीदी 30% तक कम हो चुकी है। मध्य प्रदेश में सर्वाधिक व्यापार और ग्राहकी वाला इंदौर का सर्राफा बाजार इस वैश्विक उथल-पुथल से उबर नहीं पा रहा है। करीब दो सप्ताह पहले जब ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम पर अस्थायी सुलह हुई थी, तब कच्चे तेल के दाम घटने से स्थानीय ज्वेलरी बाजार ने राहत की सांस ली थी। लेकिन अब दोबारा संघर्ष शुरू होने से बाजार पूरी तरह आर्थिक मंदी की चपेट में आ गया है।
💰 आसमान छूती कीमतें: सोना ₹1.41 लाख और चांदी ₹2.22 लाख के पार; आने वाले दिनों में और तेजी के आसार
इंदौर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकुम सोनी ने बाजार की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया, "वैश्विक स्तर पर युद्ध के हालात बनते ही सुरक्षित निवेश के रूप में सोना और चांदी की कीमतों में पुनः भारी तेजी का दौर देखने को मिल रहा है। इससे पहले भी जब युद्ध चरम पर था, तब कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं। हालांकि युद्धविराम की घोषणा के साथ ही क्रूड ऑयल के साथ-साथ सोने-चांदी के दाम में भी बड़ी गिरावट आई थी, लेकिन यह राहत अस्थायी रही।" वर्तमान में इंदौर के बाजार में 10 ग्राम सोने का भाव लगभग 1 लाख 41 हजार रुपये और चांदी 2 लाख 22 हजार रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास चल रही है। इसके अलावा, सोने और चांदी के आयात पर 15% एक्साइज ड्यूटी होने के कारण भी शुद्ध बिक्री में 25 से 30% की गिरावट आई है। रही-सही कसर प्रधानमंत्री की उस अपील ने पूरी कर दी, जिसमें उन्होंने नागरिकों से सोने में अत्यधिक निवेश न करने की बात कही थी। सर्राफा अध्यक्ष का अनुमान है कि यदि युद्ध लंबा खिंचा, तो आने वाले दिनों में सोना 10 से 15 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 25 से 50 हजार रुपये प्रति किलो तक और महंगी हो सकती है।
🪔 त्योहारी सीजन से आस: शादियों का बाजार रहा फीका, अब गणेश चतुर्थी और दीपावली पर टिकी व्यापारियों की उम्मीदें
एक अनुमान के मुताबिक, हर साल लगभग 60 से 70 करोड़ रुपये का भारी-भरकम व्यापार करने वाले इंदौर सर्राफा बाजार को अब आगामी त्योहारी सीजन से ही आखिरी उम्मीद बची है। व्यापारियों को भरोसा है कि मानसून (बारिश) की विदाई के बाद शुरू होने वाले प्रमुख त्योहारों जैसे गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, रक्षाबंधन, धनतेरस और दीपावली के दौरान बाजार में रौनक लौटेगी और अच्छी खरीदी होगी। बाजार में इस वक्त लिक्विडिटी (नकदी का प्रवाह) बेहद कम है, क्योंकि आम उपभोक्ताओं द्वारा सोने और चांदी की नियमित खरीदी लगभग बंद हो चुकी है। ऐसे में वे निवेशक (इन्वेस्टर) जिन्होंने पहले से ही बढ़ी हुई कीमतों पर सोना-चांदी खरीद रखा है, वे कीमतों के और बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं ताकि सही समय पर अपना स्टॉक बाजार में निकालकर मुनाफा कमा सकें।
📦 वैवाहिक सीजन पड़ा फीका: युवाओं का घटा क्रेज; इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से देश में बढ़ी सोने की तस्करी
बदलते दौर में युवाओं के बीच भारी-भरकम सोने-चांदी की ज्वेलरी को लेकर घट रहा क्रेज भी इस मंदी का एक बड़ा कारण है। सोना अत्यधिक महंगा होने के कारण शादियों का पारंपरिक सीजन भी बेहद फीका रहा। जो मध्यवर्गीय परिवार पहले शादियों में 10 लाख रुपये तक की ज्वेलरी खरीदते थे, वे अब बजट सीमित होने के कारण केवल 10 ग्राम सोना ही खरीद पा रहे हैं। शादियों में दिए जाने वाले सोने-चांदी के गिफ्ट आइटम्स की ग्राहकी भी अब लगभग ठप हो चुकी है। सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष ने यह भी रेखांकित किया कि भारत सरकार द्वारा सोने के आयात को नियंत्रित करने के लिए जो भारी इंपोर्ट ड्यूटी लगाई गई है, उसका विपरीत असर वैध व्यापार पर पड़ रहा है। इस भारी टैक्स के कारण बाजार प्रभावित हुआ है और देश में सोने की अवैध तस्करी की घटनाएं भी तेजी से बढ़ी हैं। लिहाजा, सर्राफा संगठनों की ओर से केंद्र सरकार से सोने के आयात पर लगी इंपोर्ट ड्यूटी को तुरंत कम करने या वापस लेने की मांग की जा रही है।
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