सागर में हावड़ा-इंदौर एक्सप्रेस के नीचे आने से बची महिला, यात्रियों ने चेन पुलिंग कर बचाया
मध्य प्रदेश के बैतूल और सागर रेलवे स्टेशनों पर आरपीएफ जवान की जांबाजी और यात्रियों की सतर्कता से दो बड़े हादसे टल गए। चलती ट्रेन से गिर रहे दो यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
बैतूल । मध्य प्रदेश के बैतूल और सागर रेलवे स्टेशनों पर पिछले 24 घंटों के भीतर दो बेहद रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले सामने आए हैं. हालांकि, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों और आम यात्रियों की त्वरित सूझबूझ के चलते समय रहते दो बड़े हादसे टल गए. इन दोनों ही घटनाओं में चलती ट्रेनों में चढ़ने के प्रयास के दौरान यात्री असंतुलित होकर प्लेटफॉर्म के गैप में चले गए थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है.
पहली घटना बैतूल रेलवे स्टेशन की है, जहां आरपीएफ के एक जांबाज जवान ने अपनी जान की परवाह न करते हुए चलती ट्रेन से गिरते हुए एक यात्री को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया. यह पूरी घटना 17 और 18 जुलाई की दरम्यानी रात करीब 1 बजे की बताई जा रही है.
जानकारी के अनुसार, यशवंतपुर-गोरखपुर एक्सप्रेस ट्रेन (Yashwantpur-Gorakhpur Express) जैसे ही प्लेटफॉर्म से रवाना हो रही थी, तभी कुछ यात्रियों ने चलती गाड़ी में ही सवार होने का जोखिम भरा प्रयास किया. इसी दौरान एक यात्री का पैर अचानक फिसल गया और वह ट्रेन तथा प्लेटफॉर्म के बीच बने संकरे खतरनाक गैप में फंसकर घिसटता चला गया.
यात्री को इस तरह जिंदगी और मौत के बीच झूलता देख प्लेटफॉर्म ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ के प्रधान आरक्षक कुलवंत ने अद्भुत तत्परता दिखाई. वे बिना एक पल गंवाए तेजी से दौड़ पड़े और ट्रेन के साथ घिसट रहे यात्री को अपनी ओर पूरी ताकत से खींचकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया. इस बेहद साहसिक रेस्क्यू में यात्री को मामूली खरोंचें जरूर आईं, लेकिन उसकी जान बच गई.
गार्ड ने लिया तुरंत एक्शन:
घटना को भांपते ही ट्रेन के सजग गार्ड उमेश कुमार (नागपुर मंडल) ने तुरंत वैक्यूम/प्रेशर ड्रॉप कर दिया, जिससे चलती ट्रेन तत्काल रुक गई. प्रधान आरक्षक कुलवंत ने इसके बाद यात्री से तत्काल मेडिकल सहायता (Medical Aid) लेने का आग्रह किया, परंतु यात्री ने आगे जाने की इच्छा जताते हुए मना कर दिया. पूछताछ में यात्री ने अपना नाम आकाश जाटव, निवासी ग्राम बैरागढ़, जिला भोपाल बताया. कुलवंत की इस बहादुरी को आरपीएफ के "ऑपरेशन जीवन रक्षा" के तहत एक बड़ी सफलता माना जा रहा है.
इसी तरह का एक और दूसरा बड़ा हादसा सागर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर टल गया. यहाँ ट्रेन नंबर 22912 हावड़ा-इंदौर एक्सप्रेस ट्रेन (Howrah-Indore Express) में चढ़ने का प्रयास कर रही एक महिला यात्री का संतुलन बिगड़ गया. पैर फिसलने के कारण वह भी गति पकड़ रही ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच के हिस्से में सीधे पटरियों की तरफ गिर गई.
महिला को इस तरह गिरते देख प्लेटफॉर्म पर मौजूद अन्य यात्रियों ने बिना देरी किए चिल्लाना शुरू किया और तुरंत ट्रेन की आपातकालीन 'चेन पुलिंग' (Chain Pulling) कर दी, जिससे ट्रेन कुछ ही दूरी पर रुक गई.
इन दोनों घटनाओं के मुख्य बिंदु, ट्रेन और रेस्क्यू करने वाले जांबाजों का विवरण नीचे दी गई तालिका में संकलित किया गया है:
| घटना का स्थान (स्टेशन) | प्रभावित ट्रेन का नाम व नंबर | पीड़ित यात्री का विवरण | जीवन बचाने वाले मुख्य सूत्रधार |
| बैतूल रेलवे स्टेशन | यशवंतपुर-गोरखपुर एक्सप्रेस | आकाश जाटव (निवासी बैरागढ़, भोपाल) | आरपीएफ प्रधान आरक्षक कुलवंत एवं सजग गार्ड उमेश कुमार. |
| सागर रेलवे स्टेशन | 22912 हावड़ा-इंदौर एक्सप्रेस | महिला यात्री (स्थानीय निवासी) | जागरूक सह-यात्री (चेन पुलिंग द्वारा) व जीआरपी-आरपीएफ अमला. |
घटना की सूचना मिलते ही सागर रेलवे स्टेशन पर तैनात जीआरपी (GRP) और आरपीएफ का सुरक्षा अमला तुरंत मौके पर पहुंचा. यात्रियों और रेलवे स्टाफ के संयुक्त प्रयासों से महिला को सुरक्षित और सकुशल बाहर निकाल लिया गया. इस पूरी अफरा-तफरी के कारण ट्रेन स्टेशन पर करीब 10 से 15 मिनट तक रुकी रही. इसके बाद महिला को पूरी तरह आश्वस्त कर सुरक्षित कोच में बैठाया गया और ट्रेन को आगे के सफर के लिए रवाना किया गया.
भारतीय रेलवे और आरपीएफ प्रशासन ने इस अवसर पर एक बार फिर आम यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी जान जोखिम में डालकर कभी भी चलती हुई ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें, क्योंकि पलक झपकते ही ऐसी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है.
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