खजराना गणेश मंदिर के गर्भगृह का द्वार होगा चौड़ा; अब प्रांगण से ही होंगे 80% साफ दर्शन
इंदौर के श्री खजराना गणेश मंदिर में वीआईपी कल्चर और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गर्भगृह का द्वार चौड़ा किया जा रहा है। अब श्रद्धालु मंदिर प्रांगण से ही भगवान गणेश के 80% स्पष्ट दर्शन कर सकेंगे।
इंदौर। किसी भी प्रसिद्ध मंदिर के गर्भगृह में जाकर भगवान की पूजा-अर्चना करने का क्रेज श्रद्धालुओं में हमेशा से रहा है. गर्भगृह में पनपने वाले 'वीआईपी (VIP) कल्चर' के कारण आए दिन विवाद की स्थितियां सामने आती हैं. इसके अलावा, गर्भगृह में जगह कम होने और अचानक भीड़ बढ़ने के कारण कई बार भगदड़ जैसी घटनाएं भी हो चुकी हैं. इन्हीं तमाम समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इंदौर के प्रसिद्ध श्री खजराना गणेश मंदिर (Khajrana Ganesh Mandir) के गर्भगृह के द्वार को चौड़ा करने का निर्णय लिया गया है. इस दिशा में तेजी से काम भी शुरू हो गया है.
खजराना गणेश मंदिर की प्रबंध समिति ने मंदिर के 'मास्टर प्लान' (Master Plan) में बड़ा बदलाव करते हुए गर्भगृह का द्वार इतना चौड़ा करने का फैसला किया है कि श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन के लिए गर्भगृह के अंदर जाने की आवश्यकता ही न पड़े.
मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस बदलाव से मंदिर के बाहरी प्रांगण से भगवान गणेश की मूर्ति की विजिबिलिटी (Visibility) यानी दृश्यता वर्तमान के 20% की तुलना में बढ़कर 80% तक हो जाएगी. यह काम पूरा होने के बाद श्रद्धालु बड़े आराम से प्रांगण से ही दर्शन कर सकेंगे, जिससे मंदिर परिसर में भीड़ का उचित प्रबंधन भी आसानी से हो सकेगा.
खजराना मंदिर के प्रबंधक गौरी शंकर मिश्र ने इस मास्टर प्लान की जानकारी देते हुए बताया कि पहले चरण में सौंदर्यीकरण (Beautification) के साथ-साथ मुख्य द्वार को चौड़ा किया जा रहा है.
प्रबंधक गौरी शंकर मिश्र का वक्तव्य:
"मूर्ति के समक्ष स्थित प्रांगण और गर्भगृह के फर्श के लेवल (Level) को नए सिरे से डेवलप किया जा रहा है. इससे गर्भगृह का तल थोड़ा नीचे रहेगा और प्रांगण का क्षेत्र ऊंचा हो जाएगा. इस वैज्ञानिक डिजाइन से पीछे खड़े श्रद्धालु भी भगवान गणेश के दर्शन आसानी से कर सकेंगे. कुछ ही दिनों में यह निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्य पूर्ण होने के बाद मंदिर की दर्शन व्यवस्था एक नए और सुगम रूप में नजर आएगी."
खजराना गणेश मंदिर में किए जा रहे बदलावों और दर्शन व्यवस्था का ब्योरा नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| मुख्य विषय / सुधार | वर्तमान स्थिति व भविष्य की योजना |
| गर्भगृह का द्वार | चौड़ा किया जा रहा है |
| मूर्ति की दृश्यता (Visibility) | प्रांगण से 20% से बढ़कर 80% होगी |
| फर्श का लेवल (Level) | गर्भगृह नीचे और प्रांगण का स्तर ऊंचा होगा |
| प्रमुख उद्देश्य | VIP कल्चर खत्म करना और भीड़/भगदड़ रोकना |
| वर्तमान चरण | प्रथम चरण का सौंदर्यीकरण एवं निर्माण कार्य जारी |
यह कदम इसलिए भी जरूरी हो गया था क्योंकि गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित होने के बावजूद खजराना गणेश मंदिर में वीआईपी कल्चर और अवैध तरीके से दर्शन का खेल जारी है. हाल ही के दिनों में गर्भगृह में रील बनाने (Reel Making) के कई मामले सामने आए हैं.
बीते दिनों एक महिला पुलिस अधिकारी के बंदूक के साथ मंदिर में प्रवेश करने और एक रीलबाज के वीडियो का मामला काफी चर्चा में रहा था. इससे पूर्व एक विधायक के पुत्र और नवविवाहित जोड़े ने भी नियमों को ताक पर रखकर मंदिर के गर्भगृह में रील बनाई थी. आरोप है कि अभी भी कुछ पुजारी अपनी सुविधा और वीआईपी प्रभाव के अनुसार चुनिंदा लोगों को मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश दे रहे हैं. उम्मीद है कि नए बदलावों के बाद इस मनमानी पर पूरी तरह से रोक लग सकेगी.
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