विश्व बाघ दिवस पर बांधवगढ़ में कार्यक्रमों की धूम; चित्रकला प्रतियोगिता में लक्ष्मी भूमिया प्रथम
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 29 जुलाई 2026 को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस की तैयारियां शुरू हो गई हैं। 9 दिनों तक चलने वाले इस भव्य उत्सव में चित्रकला प्रतियोगिताएं और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
उमरिया। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (Bandhavgarh Tiger Reserve) में 29 जुलाई 2026 को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के आयोजन को लेकर तैयारियां काफी तेज हो गई हैं. अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस को ऐतिहासिक और भव्य स्वरूप देने के उद्देश्य से मंगलवार से ही विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रमों की शुरुआत हो चुकी है. यह भव्य उत्सव लगातार 9 दिनों तक चलेगा.
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि बाघ दिवस के अवसर पर 9 दिनों तक लगातार बांधवगढ़ में विभिन्न सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों के आयोजन होंगे, जिसकी शुरुआत मंगलवार से हो चुकी है.
क्षेत्र संचालक ने बताया कि बांधवगढ़ संपूर्ण विश्व में बाघों के घनत्व और अपनी अनूठी पहचान के लिए जाना जाता है. यहां बाघों की समृद्ध संख्या ही इस जंगल की मुख्य विशेषता है, इसलिए बाघ दिवस के अवसर पर कई दिन पूर्व से ही बाघ संरक्षण को समर्पित विविध गतिविधियां शुरू की जाती हैं.
विश्व बाघ दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित 9 दिवसीय कार्यक्रमों की श्रृंखला में 21 जुलाई को शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय में 'जंगल का रखवाला बाघ' विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. इस प्रतियोगिता में कक्षा 6वीं से 8वीं तक की छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया.
प्रतियोगिता में प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए कक्षा 8वीं की लक्ष्मी भूमिया ने प्रथम, शुभांजली रघुवंशी ने द्वितीय और राधिका सिंह ने तृतीय स्थान हासिल किया. इन सभी विजेता छात्राओं को 29 जुलाई को विश्व बाघ दिवस के मुख्य अवसर पर ताला में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय भव्य समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा.
9 दिनों तक चलने वाले इस अभियान के तहत कला श्रेणी में कुल 27 विद्यालयों को सम्मिलित किया जा रहा है. इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं को चित्रकला के जरिए वन और वन्यजीवों, विशेष रूप से बाघों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा.
क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय का संदेश:
"इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों के मन में प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति प्रेम का भाव जगाना है. बाघ एक 'अंब्रेला प्रजाति' (Umbrella Species) है. यदि हम बाघ और उसके आवास को सुरक्षित कर लेते हैं, तो पूरे जंगल का पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) और अन्य वन्यजीव स्वतः ही संरक्षित हो जाते हैं."
आयोजन और प्रतियोगिता से जुड़ी मुख्य जानकारियों का विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| विवरण / मापदंड | आधिकारिक आयोजन व प्रतियोगिता ब्योरा |
| आयोजनकर्ता संस्था | बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, उमरिया (मध्य प्रदेश) |
| मुख्य आयोजन तिथि | 29 जुलाई 2026 (विश्व बाघ दिवस) |
| कार्यक्रम अवधि | 9 दिवसीय (21 जुलाई से 29 जुलाई तक) |
| चित्रकला थीम | 'जंगल का रखवाला बाघ' (27 स्कूल शामिल) |
| प्रतियोगिता विजेता | प्रथम: लक्ष्मी भूमिया, द्वितीय: शुभांजली, तृतीय: राधिका |
| पुरस्कार वितरण स्थल | ताला (बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व) |
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व विश्व में एक ऐसा प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहां पर्यटकों को बाघों की साइटिंग (दीदार) आसानी से होती है. यही वजह है कि देश-विदेश से पर्यटक काफी बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं, जिससे यह टाइगर रिजर्व हर साल पर्यटकों की आवाजाही का नया रिकॉर्ड बनाता है.
यहाँ के बाघों की अपनी अलग पहचान और नाम हैं. अतीत में 'पुजारी' और 'डी-1' (D-1) बाघ के बीच हुई प्रादेशिक लड़ाई (Territorial Fight) पूरे वाइल्डलाइफ प्रेमियों के बीच चर्चा में रही थी. वहीं वर्तमान में 'बजरंग' बाघ बांधवगढ़ का सबसे प्रभावशाली मेल टाइगर बना हुआ है. इसके अतिरिक्त कई अन्य बाघ और बाघिनें वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर्स के बीच बेहद लोकप्रिय हैं.
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