मध्य प्रदेश में बस ऑपरेटर्स की अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान, 8 अगस्त से थम जाएंगे बसों के पहिए

मध्य प्रदेश में बस किराया बढ़ाने सहित 8 सूत्रीय मांगों को लेकर बस ऑपरेटर्स ने 8 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया है।

Jul 27, 2026 - 14:15
0
मध्य प्रदेश में बस ऑपरेटर्स की अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान, 8 अगस्त से थम जाएंगे बसों के पहिए

सागर: पिछले दो महीनों से बस किराया बढ़ाने सहित विभिन्न 8 सूत्रीय मांगों को लेकर मध्य प्रदेश बस ऑपरेटर्स यूनियन और राज्य सरकार के बीच लगातार बातचीत का दौर चल रहा है। हालांकि, सरकार द्वारा अब तक बस किराया बढ़ाने को लेकर कोई ठोस फैसला न लेने और ऑपरेटरों की अन्य प्रमुख मांगों पर भी कोई निर्णय न किए जाने के कारण, अब बस ऑपरेटर्स ने आगामी 8 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का कड़ा फैसला ले लिया है। मध्य प्रदेश बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने साफ शब्दों में कहा है कि सरकार के पास अभी लगभग 10 दिन का समय शेष है और वह चाहें तो इस अवधि में उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर सकती है। यदि 7 अगस्त की रात तक सरकार उनकी मांगों का समाधान नहीं करती है, तो उन्हें मजबूरन प्रदेशभर में बसों के पहिए थामने पड़ेंगे।

🚍 सागर में हुई बस ऑपरेटर एसोसिएशन की अहम बैठक

डॉ. मोहन यादव सरकार की कथित बेरुखी के चलते मध्य प्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन ने एक बार फिर एकजुट होकर हड़ताल पर जाने की हुंकार भरी है। रविवार को सागर जिले में आयोजित मप्र बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन की विशेष बैठक में यह सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 7 अगस्त की रात 12 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में मध्य प्रदेश के लगभग सभी जिलों के बस ऑपरेटर शामिल हुए थे। बैठक के दौरान ऑपरेटर यूनियन ने बसों का किराया बढ़ाने समेत अन्य मांगों पर सरकार के उदासीन रवैये को लेकर गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त की।

बस ऑपरेटरों का कहना है कि वे ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाना चाहते जिससे प्रदेश की आम जनता या यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़े, लेकिन पिछले दो महीनों से लगातार चर्चा और पत्राचार के बावजूद सरकार की ओर से कोई सकारात्मक परिणाम न आने के कारण उन्हें गहन विचार-विमर्श के बाद यह कड़ा कदम उठाना पड़ रहा है।

📋 क्या हैं बस ऑपरेटर्स की मुख्य मांगें?

वैसे तो बस ऑपरेटर्स अपनी कुल 8 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर जा रहे हैं, लेकिन उनकी सबसे प्रमुख मांग बसों के किराए में वृद्धि करना है। बस ऑपरेटर्स का तर्क है कि आखिरी बार साल 2021 में बसों का किराया बढ़ाया गया था, उस समय डीजल की कीमत लगभग 69 रुपये प्रति लीटर हुआ करती थी, जो अब बढ़कर करीब 100 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुकी है। वे लंबे समय से किराया बढ़ाने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन सरकार लगातार आश्वासन देने के बावजूद कोई फैसला नहीं ले रही है।

इसके अलावा, बस ऑपरेटर एसोसिएशन ने 7 जुलाई 2026 को सरकार द्वारा जारी किए गए उस राजपत्र (गेजेट) का भी कड़ा विरोध किया है, जिसमें प्रदेश में बस परिवहन के राष्ट्रीयकरण की योजना का जिक्र किया गया है। एसोसिएशन का कहना है कि इस नीति से प्राइवेट बस व्यवसाय से जुड़े लाखों परिवारों और लोगों के सामने गंभीर रोजगार का संकट पैदा हो जाएगा। इसके साथ ही, बस ऑपरेटरों ने टेंडर के माध्यम से भारी रॉयल्टी वसूली का विरोध किया है और पुरानी बसों की 15 साल की आयुसीमा को समाप्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक कोई बस फिटनेस के मानकों पर खरी उतरती है और वैध फिटनेस रखती है, तब तक उसका संचालन होना चाहिए।

⏳ सरकार के पास 7 अगस्त तक का समय

एसोसिएशन के सचिव जय कुमार जैन ने दो टूक शब्दों में कहा है कि, ''सरकार को हमारी ये मांगें हर हाल में पूरी करनी ही होंगी। इसके लिए सरकार के पास 7 अगस्त तक का पूरा समय है। यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 8 अगस्त से हम बसों के पहिए जाम कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।''

रविवार को हुई इस बैठक में यह भी तय किया गया कि आगामी 1 अगस्त को जिला स्तर पर सरकार को चेतावनी देने के लिए बस ऑपरेटर्स अपनी मांगों का एक ज्ञापन मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री के नाम पर संबंधित जिलों के कलेक्टर्स को सौंपेंगे।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User