थाटीपुर में वरिष्ठ नागरिक को बेदखली से राहत दिलाने की कार्रवाई के दौरान हंगामा, शासकीय कार्य में बाधा का केस दर्ज
ग्वालियर में हाईकोर्ट के आदेश पर रिटायर्ड सैनिक को उनके मकान का कब्जा दिलाने पहुंचे राजस्व अधिकारियों और पुलिस बल पर पथराव किया गया। बेटे और बहू पर मामला दर्ज।
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां बेटे और बहू से बुजुर्ग पिता को उनके ही मकान का कब्जा दिलाने पहुंचे राजस्व अधिकारियों और पुलिस टीम पर अचानक पथराव कर दिया गया। यह सनसनीखेज घटना सोमवार की है। सबसे खास और गंभीर बात यह है कि यह पूरी प्रशासनिक कार्रवाई सीधे तौर पर माननीय उच्च न्यायालय (High Court) के सख्त आदेशों के क्रम में की जा रही थी। ग्वालियर के थाटीपुर स्थित यमुना नगर में सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) सैनिक भारत सिंह गुर्जर का मकान है, जिसमें से उनके अपने बेटे और बहू ने उन्हें बेदखल कर दिया था। इस मामले में जिला कलेक्टर व एडीएम कोर्ट के आदेश के बाद भी जब बेटे ने मकान खाली नहीं किया, तो मजबूरन हाई कोर्ट में याचिका दायर करनी पड़ी थी।
⚖️ हाईकोर्ट का सख्त आदेश: एक सप्ताह में कब्जा दिलाएं, जरूरत पड़ने पर लें पुलिस सहायता
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने वरिष्ठ नागरिक और सेवानिवृत्त सैनिक भारत सिंह गुर्जर के पक्ष में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और कड़ा आदेश पारित करते हुए जिला प्रशासन को यह निर्देश दिए थे कि उन्हें उनके ही मकान के चार कमरों का शांतिपूर्ण और वैध कब्जा एक सप्ताह के भीतर हर हाल में दिलाया जाए।
कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया था कि यदि कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न होती है, तो पुलिस बल की सहायता लेकर इस आदेश का सख्ती से पालन कराया जाए। साथ ही, निर्धारित एक सप्ताह की अवधि पूरी होने के बाद अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) सीधे हाईकोर्ट के प्रधान रजिस्ट्रार के समक्ष प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए थे। यह ऐतिहासिक आदेश भारत सिंह गुर्जर द्वारा दायर की गई याचिका पर लंबी सुनवाई के बाद पारित किया गया था। याचिका में उन्होंने बताया था कि वे 59 वर्षीय सेवानिवृत्त सैनिक हैं और ग्वालियर के थाटीपुर स्थित यमुना नगर, दर्पण कॉलोनी में स्थित मकान नंबर-62 के असली मालिक हैं। उनका मुख्य आरोप था कि उनके बेटे और बहू ने मिलकर उन्हें उनके ही अपने घर से जबरन बाहर निकाल दिया है, जिसके बाद उन्होंने 'माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007' के तहत कानूनी लड़ाई शुरू की थी।
🪨 मौके पर भारी हंगामा, फेंके गए ईंट-पत्थर और बिगाड़ी कानून व्यवस्था
जब एसडीएम मुरार द्वारा गठित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों का विशेष दल मौके पर पहुंचा, तो स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि मौके पर मौजूद हमीर सिंह (पुत्र भारत सिंह गुर्जर) और सीमा (पत्नी हमीर सिंह गुर्जर) ने प्रशासनिक टीम पर ईंट-पत्थरों से पथराव कर दिया।
इतना ही नहीं, आरोपियों ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को जान से मारने की धमकियां दीं और इलाके की कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ने का पूरा प्रयास किया। स्थिति को और अधिक भयावह बनाते हुए उन्होंने रसोई गैस सिलेंडर का पाइप तक बाहर निकाल लिया और खुद तथा अपने बच्चों को भी नुक्सान पहुंचाने की धमकी देने लगे। इस खतरनाक और असहज स्थिति को देखते हुए मौके पर मौजूद पुलिस बल ने तुरंत सख्त कदम उठाया और थाटीपुर थाने में आरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज कर लिया।
📋 कलेक्टर द्वारा गठित किया गया था विशेष प्रशासनिक दल
जिला प्रशासन द्वारा यह पूरी कार्रवाई कलेक्टर न्यायालय द्वारा गत 22 सितंबर 2023 और 03 अक्टूबर 2024 को पारित किए गए आदेशों, तथा उच्च न्यायालय द्वारा गत 20 जुलाई को दिए गए स्पष्ट निर्देशों के तहत सुनिश्चित की जा रही थी।
इस उच्च स्तरीय अमले का गठन अनुविभागीय दण्डाधिकारी (SDM) मुरार, नरेश गुप्ता द्वारा किया गया था। इस गठित दल में तहसीलदार सिटी सेंटर कुलदीपक दुबे, तहसीलदार तहसील मुरार मुधलिका सिंह तोमर, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट सिटी सेंटर सुरेश यादव, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट मुरार मुन्नालाल गौड़, थाटीपुर थाने के थाना प्रभारी और नगर पालिक निगम ग्वालियर के मदाखलत अधिकारी (Encroachment Officer) प्रमुख रूप से शामिल किए गए थे, जिन्हें शांतिपूर्ण तरीके से कब्जा दिलवाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
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