इंदौर नगर निगम का सख्त फरमान, अब ड्यूटी से पहले ब्रेथ एनालाइजर से होगी ड्राइवरों की शराब की जांच
इंदौर नगर निगम ने कर्मचारियों के लिए सख्त नियम बनाए हैं। अब गाड़ी चलाने से पहले ब्रेथ एनालाइजर से शराब पीने की जांच होगी, हालिया हंगामे के बाद लिया फैसला।
इंदौर: मध्य प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर से नगर निगम का एक नया और कड़ा फरमान सामने आया है। निगम की ओर से यह ताजा फैसला मुख्य रूप से 'ड्रिंक एंड ड्राइव' (शराब पीकर गाड़ी चलाने) की लगातार सामने आ रही घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए लिया गया है। अब नए नियमों के तहत नगर निगम के कोई भी सफाई कर्मचारी, कचरा गाड़ी चालक या अन्य वाहन ड्राइवर ड्यूटी के दौरान शराब पीकर वाहन नहीं चला सकेंगे। इंदौर नगर निगम ने यह तय किया है कि गाड़ी का स्टेरिंग थामने और ड्यूटी ज्वाइन करने से पहले अब सभी वाहन चालकों और कर्मचारियों की ब्रेथ एनालाइजर (Breath Analyzer) मशीन के जरिए शराब सेवन की अनिवार्य रूप से जांच की जाएगी।
🚫 शराब पीकर ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त नियम
स्वच्छता में देश भर में सिरमौर रहे इंदौर शहर के कुल 85 वार्डों में कचरा कलेक्शन करने वाली गाड़ियों के अलावा अन्य जरूरी कार्यों में सैकड़ों वाहन और गाड़ियां तैनात हैं, जिनके माध्यम से शहरभर में स्वच्छता का कामकाज सुचारू रूप से चलाया जाता है।
लेकिन पिछले कुछ समय से ऐसे कई मामले और शिकायतें सामने आ रही थीं, जिनमें नगर निगम के ड्राइवर या तो ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में धुत पाए गए, या फिर उन्होंने नशे की हालत में शहर के बीचों-बीच हंगामा कर निगम की साफ-सुथरी छवि को धूमिल किया। हाल ही में मुंबई अस्पताल चौराहे के पास नगर निगम का एक कर्मचारी डस्टबिन के पास ही शराब के नशे में पूरी तरह सुधबुध खोकर पड़ा हुआ मिला था, जिसका वीडियो भी काफी वायरल हुआ था।
💢 पिछले दिनों द्वारकापुरी थाने में निगम कर्मियों ने किया था भारी हंगामा
इसके अलावा, कुछ दिन पहले ही द्वारकापुरी थाने के भीतर भी नगर निगम के कुछ कर्मचारियों ने शराब के नशे में जमकर हंगामा किया था। उस दौरान थाने के अंदर ही कर्मचारियों के बीच आपसी कहासुनी के बाद जमकर मारपीट भी हुई थी।
इन तमाम घटनाओं के अलावा वार्ड 28 का एक दरोगा भी अपनी ड्यूटी के दौरान सरेआम शराब पीता हुआ पाया गया था, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर काफी सर्कुलेट हुए थे। इस तरह के लगातार सामने आ रहे अनुशासनहीनता और शर्मनाक मामलों से परेशान होकर आखिरकार नगर निगम प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी शराबी कर्मचारियों पर नकेल कसने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है।
🔬 अब ड्यूटी से पहले ब्रेथ एनालाइजर मशीन से होगी अनिवार्य जांच
इस पूरी नई व्यवस्था को लेकर इंदौर नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने जानकारी देते हुए बताया, ''अब किसी भी कर्मचारी को ड्यूटी ज्वाइन करने से ठीक पहले ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट से गुजरना होगा। जो भी कर्मचारी या ड्राइवर ड्यूटी के दौरान शराब पिए हुए पाए जाएंगे, उनके खिलाफ बेहद कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।''
उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि शहर के सभी कचरा संग्रहण वाहनों पर जो सफाई कर्मी या ड्राइवर कचरा कलेक्शन अथवा गाड़ी चलाने के कार्य में लगाए गए हैं, उन सबकी रोजाना ब्रेथ एनालाइजर से जांच करवाना अब अनिवार्य कर दिया गया है।
📋 पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरुआत, जल्द सभी जोन कार्यालयों में होगा लागू
कमिश्नर ने बताया कि फिलहाल इस व्यवस्था को एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है, लेकिन आने वाले कुछ ही दिनों के भीतर इसे शहर के सभी जोनल कार्यालयों में सख्ती के साथ लागू कर दिया जाएगा।
इधर, इस पूरे मामले पर निगम के कुछ अन्य कर्मचारियों का कहना है कि विभाग के कुछ चुनिंदा कर्मचारियों की लापरवाह हरकतों की वजह से आज पूरे निगम को इस स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, अब जब नगर निगम प्रशासन ने ब्रेथ एनालाइजर जांच को अनिवार्य कर दिया है, तो सभी चालकों और कर्मचारियों को इस पूरी प्रक्रिया से गुजरना ही होगा।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)