सीएम मोहन ने सांदीपनि आश्रम में की पूजा-अर्चना, 1068 नए शिक्षकों को दिया गुरु सम्मान
गुरु पूर्णिमा पर उज्जैन पहुंचे सीएम मोहन यादव ने 587 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी। सांदीपनि आश्रम में पूजन किया और नई छात्रवृत्ति योजना का शुभारंभ किया।
उज्जैन: धर्म नगरी अवंतिका (उज्जैन) में गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर चारों ओर बेहद हर्षोल्लास और उत्सव का माहौल बना हुआ है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस विशेष अवसर पर विभिन्न धार्मिक और विकास कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए अपनी गृह नगरी उज्जैन पहुँचे। उन्होंने यहाँ 500 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से होने वाले विभिन्न देवस्थानों के निर्माण, जीर्णोद्धार कार्यों का भूमिपूजन किया और साथ ही करोड़ों रुपए की लागत से तैयार किए गए अत्याधुनिक 'गीता भवन' का आधिकारिक लोकार्पण भी किया। अपने इस दौरे के दौरान सीएम सबसे पहले अपने पैतृक निवास गीता कॉलोनी पहुँचे, जिसके बाद वे वाल्मीकि धाम गए और अंत में भगवान श्रीकृष्ण की पवित्र शिक्षा स्थली महर्षि सांदीपनि आश्रम पहुँचे। वहाँ उन्होंने गुरु सांदीपनि, भगवान श्रीकृष्ण, दाऊजी बलराम और सुदामा का विधिवत पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
🏛️ 587.23 करोड़ की लागत से धार्मिक स्थलों और देवस्थानों का होगा जीर्णोद्धार
ऐसी धार्मिक मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी शिक्षा इसी ऐतिहासिक सांदीपनि आश्रम में रहकर ग्रहण की थी। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान कृष्ण ने यहाँ मात्र 64 दिनों की अल्प अवधि में ही संपूर्ण 64 कलाओं और 14 विद्याओं में महारत हासिल की थी।
यही मुख्य वजह है कि गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर सांदीपनि आश्रम में हर साल विशेष और भव्य धार्मिक आयोजनों किए जाते हैं। मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, ''आज से लगभग 5000 वर्ष पूर्व भगवान श्री कृष्ण ज्ञान प्राप्त करने के लिए सांदीपनि आश्रम पधारे थे। यह हमारा परम सौभाग्य है कि आज गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर 587.23 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से यहाँ के विभिन्न देवस्थानों के जीर्णोद्धार, विकास कार्यों की सौगात और भव्य गीता भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला है। हम सब गुरु पूर्णिमा के इस पवित्र पर्व पर गुरु महिमा का गान करते हुए अपने जीवन को धन्य बनाएँ, मेरी तरफ से प्रदेशवासियों को ढेरों शुभकामनाएँ और बधाइयाँ।''
🙏 मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सांदीपनि आश्रम में की विधि-विधान से पूजा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आश्रम पहुँचकर महर्षि सांदीपनि की प्रतिमा का पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ पूजन तथा आरती की। इस दौरान उन्होंने सांदीपनि महाराज को पुष्पमाला अर्पित कर उनका आशीर्वाद लिया।
वहाँ मौजूद बटुक ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ इस संपूर्ण पूजन को संपन्न कराया। इस विशेष अवसर पर सांदीपनि आश्रम में सुबह से ही देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रही।
आश्रम के पुजारी पंडित कीर्ति रूपम व्यास ने पूरी जानकारी देते हुए बताया कि, ''मुख्यमंत्री ने गुरु सांदीपनि का विधिवत पूजन-अर्चन किया और भगवान श्रीकृष्ण को पवित्र तुलसी की माला अर्पित की। षोडशोपचार मंत्रों के साथ यह पूजन संपन्न हुआ। पिछले वर्ष सीएम यादव ने सांदीपनि आश्रम परिसर में 'कृष्ण लोक' और 'सांदीपनि लोक' विकसित करने की बड़ी घोषणा की थी, और इस बार गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर उन सभी विकास कार्यों का आधिकारिक भूमिपूजन भी किया जा रहा है। इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के जरिए भगवान श्रीकृष्ण और सांदीपनि आश्रम से जुड़े इस महान पौराणिक स्थल का देश-दुनिया में और भी व्यापक प्रचार-प्रसार होने की पूरी उम्मीद है।''
🎓 'भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति योजना' का हुआ भव्य शुभारंभ
गुरु पूर्णिमा के इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन संस्कारों और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों से नई पीढ़ी को मजबूती से जोड़ने के लिए पूरे मध्य प्रदेश में 'महर्षि सांदीपनि गुरु पर्व' का आयोजन करवाया।
मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार एवं 'श्रीकृष्ण पाथेय न्यास' के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) राम तिवारी ने बताया कि इस पूरे आयोजन का सबसे बड़ा मुख्य आकर्षण 'भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति योजना' का शुभारंभ रहा। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास द्वारा शुरू की गई इस अनूठी योजना के तहत पूरे प्रदेश भर से कुल 102 मेधावी छात्रों (जिनमें 51 स्कूली और 51 महाविद्यालयीन/विश्वविद्यालयीन छात्र शामिल हैं) का चयन किया जाएगा।
चयनित होने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को प्रोत्साहन के रूप में एक लाख रुपए की बड़ी छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। यह पूरी प्रतियोगिता भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जित की गई 14 विद्याओं, 64 कलाओं, महर्षि सांदीपनि के जीवन और भारतीय ज्ञान परंपरा के इतिहास पर आधारित होगी, जिसमें विजेताओं का अंतिम चयन एक पूरी तरह से पारदर्शी लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।
इसके अलावा, राम तिवारी ने यह भी जानकारी दी कि गुरु पूर्णिमा के इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा खुद लिखित पुस्तक ‘भारतीय गुरु परंपरा के शिल्पी महर्षि सांदीपनि’ का भी लोकापर्ण किया गया।
🏢 भव्य गीता भवन और नवीन संकुल भवन का हुआ लोकार्पण
गुरु पूर्णिमा के इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री ने लगभग 5.1 हेक्टेयर के विशाल क्षेत्र में नवनिर्मित 'गीता भवन' का लोकार्पण किया। यह भवन अत्याधुनिक सुख-सुविधाओं से पूरी तरह सुसज्जित है।
इस परिसर में 1250 लोगों की एक साथ बैठने की क्षमता वाला एक भव्य और अत्याधुनिक ऑडिटोरियम, ग्रीन रूम, मल्टीपरपज हॉल, प्रशासनिक कक्ष और चार अतिरिक्त कक्षों का निर्माण किया गया है। देवास रोड के पास बनाए गए इस भवन की कुल लागत 34 करोड़ रुपए है। इस अत्याधुनिक भवन को भविष्य में सभी प्रकार के धार्मिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामाजिक आयोजनों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने शहर के माधव साइंस कॉलेज परिसर में लगभग 5.5 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किए गए एक अन्य नवीन बहुउद्देशीय संकुल भवन का भी लोकार्पण किया।
📜 मध्य प्रदेश के 1068 नव-नियुक्त शिक्षकों को मिला 'गुरु सम्मान'
गुरु पूर्णिमा के इस पावन पर्व पर मध्य प्रदेश के उज्जैन, इंदौर और भोपाल संभाग के कुल 1068 नवनियुक्त प्राथमिक शिक्षकों को भगवान श्रीकृष्ण के गुरु सांदीपनि की इस पावन नगरी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के हाथों 'गुरु सम्मान' प्रदान किया गया।
सम्मानित होने वाले इन शिक्षकों में उज्जैन संभाग के 424, इंदौर संभाग के 407 और भोपाल संभाग के 237 शिक्षक शामिल रहे। शिक्षा विभाग में लंबे समय से चली आ रही शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के पूरी होने के बाद इन नियुक्तियों को सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने की दिशा में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
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