नौलखा के बाद अब तीन ईमली बना अवैध बस अड्डों का केंद्र, नायता मुंडला बस स्टैंड की उपयोगिता पर उठ रहे सवाल

इंदौर के नायता मुंडला बस स्टैंड से बसों का संचालन लगातार घट रहा है और बसें तीन ईमली से संचालित हो रही हैं। इससे यात्रियों को परेशानी और जाम की समस्या बढ़ रही है।

Jul 30, 2026 - 10:48
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नौलखा के बाद अब तीन ईमली बना अवैध बस अड्डों का केंद्र, नायता मुंडला बस स्टैंड की उपयोगिता पर उठ रहे सवाल

इंदौर। शहर के मुख्य अंतरराज्यीय बस अड्डे के रूप में बड़े पैमाने पर विकसित किए गए नायता मुंडला बस स्टैंड से बसों का संचालन लगातार घटता जा रहा है। नौलखा बस स्टैंड बंद होने के बाद वहां से संचालित होने वाली करीब 80 बसों को नायता मुंडला स्थानांतरित किया गया था। शुरुआती कुछ महीनों तक तो लगभग 80 बसें नियमित रूप से यहीं से संचालित होती रहीं, लेकिन अब इनकी संख्या में भारी गिरावट आई है और यह घटकर महज करीब 45 ही रह गई है।

🚏 तीन ईमली क्षेत्र में ही यात्रियों को उतार रही हैं अधिकांश बसें

नौलखा से चलने वाली बसों को नायता मुंडला स्थानांतरित किए जाने का बस संचालक शुरुआत से ही कड़ा विरोध कर रहे थे, लेकिन प्रशासनिक दबाव के चलते बसों को वहां स्थानांतरित करना पड़ा था। इसके बाद दबाव बनाकर कुछ लोकल बस संचालकों ने चुपचाप बसें तीन ईमली से ही चलाना शुरू कर दिया, जिसके लिए मुख्य रूप से नायता मुंडला क्षेत्र में स्थानीय परिवहन (लोकल पब्लिक ट्रांसपोर्ट) के पर्याप्त साधन नहीं होने का हवाला दिया गया।

धीरे-धीरे इस तरह से संचालित होने वाली बसों की संख्या बढ़ती गई और नायता मुंडला से बसों का आवागमन कम होता चला गया। कई निजी बस संचालकों ने तो तीन ईमली और उसके आसपास के अन्य स्थानों पर अपने दफ्तर और बुकिंग काउंटर फिर से शुरू कर दिए हैं। दिन के समय तो ठीक, लेकिन अब रात के वक्त आने वाली अधिकांश बसें भी नायता मुंडला बस स्टैंड तक पहुँचने के बजाय सीधे तीन ईमली क्षेत्र में ही यात्रियों को नीचे उतार रही हैं। इससे इस नए और आधुनिक बस स्टैंड की उपयोगिता और सार्थकता पर बड़े सवाल उठने लगे हैं।

🚨 तीन ईमली चौराहे पर खड़ी अवैध बसों पर की जा रही है कार्रवाई

इस पूरे मामले पर आरटीओ (RTO) प्रदीप शर्मा का कहना है कि तीन ईमली चौराहा पर अनाधिकृत रूप से खड़ी होने वाली बसों पर कई बार सख्त कार्रवाई की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है, ताकि तीन ईमली चौराहे पर बसों का अनावश्यक जमावड़ा न लगे और यातायात सुचारू रूप से चलता रहे।

🚶‍♂️ यात्रियों को उठानी पड़ रही है भारी परेशानी और अतिरिक्त खर्च

नायता मुंडला बस स्टैंड पर बसों के नियमित रूप से नहीं पहुँचने का सबसे अधिक और बुरा खामियाजा आम यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। कई यात्री अपनी यात्रा पर निकलने से पहले अपने निजी वाहन नायता मुंडला बस स्टैंड की पार्किंग में खड़े कर जाते हैं, लेकिन वापसी के दौरान जब बसें उन्हें सीधे तीन ईमली उतार देती हैं, तो उन्हें वहाँ से ऑटो या अन्य महंगे साधनों का सहारा लेकर वापस बस स्टैंड तक पहुँचना पड़ता है।

इससे यात्रियों का अतिरिक्त समय और जेब का खर्च दोनों ही काफी बढ़ रहे हैं। हालांकि बस संचालक सवारियां भरने के लिए कई बार औपचारिक तौर पर नायता मुंडला बस स्टैंड पहुँचते हैं, लेकिन रात के समय बसों का अंतिम पड़ाव तीन ईमली को ही बना दिया गया है।

🚦 तीन ईमली चौराहे पर बढ़ रहा भारी यातायात दबाव और जाम

नौलखा बस स्टैंड को शहर के बाहर स्थानांतरित जरूर कर दिया गया, लेकिन बसों का संचालन वापस तीन ईमली से शुरू होने के कारण उस पूरे चौराहे पर यातायात का दबाव बहुत अधिक बढ़ गया है और आए दिन भयंकर जाम की स्थिति बनने लगी है।

चौराहे पर पालदा रोड की मुख्य सड़क पर दोनों तरफ अवैध रूप से बसों का लंबा जमघट लगा रहता है, जिसके चलते पीछे आने वाले अन्य चार पहिया और दो पहिया वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं। इसके बावजूद स्थानीय यातायात विभाग और परिवहन विभाग की ओर से अपेक्षित और सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है।

🚌 नायता मुंडला से चल रही हैं दस लोकल बसें

दूसरी ओर, नायता मुंडला बस स्टैंड के संचालक राहुल श्रोती का कहना है कि इस परिसर को शहर के एक प्रमुख और आधुनिक बस टर्मिनल के रूप में विकसित किया गया है।

यहाँ से एआईसीटीएसएल (AICTSL) की प्रधानमंत्री ई-बस सेवा की करीब 10 बसें तीन ईमली, राजवाड़ा और लक्ष्मीबाई नगर तक नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं, जो रात के 10 बजे तक यात्रियों को आवागमन की सुविधा प्रदान करती हैं। उन्होंने दावा किया कि बस स्टैंड पर यात्रियों के ठहरने और अन्य सभी तरह की आधुनिक सुविधाएं पूरी तरह से उपलब्ध हैं।

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