मेक इन इंडिया को बढ़ावा, वित्त वर्ष 2027 के बजट में ऑटो पीएलआई के लिए बड़ा प्रावधान
वित्त वर्ष 2026-27 में ऑटो पीएलआई योजना के तहत इंसेंटिव भुगतान 4,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। बजाज ऑटो जैसी कंपनियों को इसका बड़ा लाभ मिल रहा है।
भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग इस समय एक बहुत बड़े तकनीकी, औद्योगिक और संरचनात्मक बदलाव के दौर से गुजर रहा है. देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की लगातार बढ़ती मांग और एडवांस्ड ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (AAT) के व्यापक विस्तार के बीच केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (Auto PLI) योजना अब अपने सबसे प्रभावी और तेज चरण में प्रवेश कर चुकी है. वित्तीय वर्ष 2026-27 (FY27) के दौरान ऑटो पीएलआई योजना के अंतर्गत कुल इंसेंटिव डिस्बर्समेंट (यानी प्रोत्साहन राशि का भुगतान) ₹4,000 करोड़ के आंकड़े को आसानी से छूने का अनुमान लगाया गया है.
शुरुआती वर्षों में अपने विनिर्माण संयंत्र (Manufacturing Plants) स्थापित करने और भारी पूंजी निवेश (Capex) करने के बाद अब देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियां और ऑटो कंपोनेंट मेकर्स ने बड़े पैमाने पर कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर दिया है, जिसका सीधा फायदा अब भारी-भरकम इंसेंटिव पेआउट के रूप में साफ दिखने लगा है. आखिर ऑटो पीएलआई के तहत इंसेंटिव के इस भुगतान में इतनी तेजी क्यों आ रही है? और इससे 'मेक इन इंडिया', इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट और आम भारतीय ग्राहकों पर क्या सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा? आइए इसे विस्तार से समझते हैं.
💰 इस फाइनेंशियल ईयर में बांटे जाएंगे कुल 4 हजार करोड़ रुपये
सरकार को पूरी उम्मीद है कि इस चालू फाइनेंशियल ईयर में ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स इंडस्ट्री के लिए चलाई जा रही प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (Auto-PLI) के तहत लगभग 4,000 करोड़ रुपये पात्र कंपनियों के बीच वितरित किए जाएंगे.
यह प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) उन योग्य और प्रमाणित कंपनियों को दी जाएगी, जो वित्तीय वर्ष 2026 के दौरान अपनी अतिरिक्त बिक्री (Incremental Sales) के लक्ष्यों को सफलतापूर्वक हासिल करेंगी. वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने जानकारी दी है कि दिग्गज वाहन निर्माता कंपनी 'बजाज ऑटो' को इस फाइनेंशियल ईयर में इस स्कीम के तहत सबसे पहले लगभग 750 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि मिल चुकी है. पिछले सप्ताह ही इन सभी दावों का विधिवत निपटारा किया गया है. एक सीनियर अधिकारी ने ईटी की रिपोर्ट में यह भी बताया कि बजाज ऑटो इस वित्तीय वर्ष में आधिकारिक तौर पर दावा करने और इंसेंटिव पाने वाली देश की पहली प्रमुख कंपनी बन गई है. उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि ये इंसेंटिव कंपनी द्वारा हासिल की गई लगभग 6,000 करोड़ रुपये की शानदार अतिरिक्त बिक्री के एवज में दिए जा रहे हैं.
📊 वित्तीय वर्ष 2027 के बजट में 5,939.87 करोड़ रुपये का बड़ा प्रावधान
बीते अगस्त महीने में जारी किए गए एक आधिकारिक बयान में पुणे स्थित ऑटो प्रमुख बजाज ऑटो ने बताया था कि उसे Auto-PLI योजना के तहत कुल 13 विभिन्न वाहनों के लिए औपचारिक मंजूरी मिल चुकी है.
इसमें दो-पहिया (Two-Wheelers) और तीन-पहिया (Three-Wheelers) दोनों कैटेगरी के आधुनिक वाहन शामिल हैं, और कंपनी ने यह दावा किया था कि उसने इस स्कीम के घरेलू मूल्य संवर्धन यानी डोमेस्टिक वैल्यू एडिशन (DVA) के सभी मानकों को पूरी तरह पूरा कर लिया है. वित्त वर्ष 2027 के आधिकारिक बजट में इस योजना के लिए 5,939.87 करोड़ रुपये का भारी प्रावधान किया गया है, जो कि पिछले फाइनेंशियल ईयर के महज 2,091.26 करोड़ रुपये के मुकाबले लगभग तीन गुना अधिक है. आपको बता दें कि इस महत्वपूर्ण स्कीम को मूल रूप से सितंबर 2021 में कुल ₹25,938 करोड़ के विशाल बजट आवंटन के साथ मंजूरी दी गई थी.
⚙️ कड़े नियमों, अतिरिक्त उत्पादन और DVA लक्ष्यों पर आधारित है योजना
नियमों के मुताबिक, वर्ष 2023-24 से ही कंपनियों को अतिरिक्त उत्पादन, पूंजीगत निवेश और कड़े डोमेस्टिक वैल्यू एडिशन (DVA) के लक्ष्यों को पूरा करने जैसी निर्धारित शर्तों के आधार पर ही ये इंसेंटिव दिए जाने का प्रावधान किया गया है.
पिछले साल दिसंबर के महीने में केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय ने एक अनुमान जताते हुए कहा था कि Auto-PLI योजना के सभी लाभार्थियों ने कुल मिलाकर लगभग 32,879 करोड़ रुपये की जबरदस्त बिक्री दर्ज की है. संसद में एक सवाल का लिखित जवाब देते हुए भारी उद्योग राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने सदन को बताया था कि शुरुआती चरण में कुल पांच प्रमुख आवेदकों को 1,350.83 करोड़ रुपये की राशि सफलतापूर्वक बांटी जा चुकी है. सरकार की इस पारदर्शी और प्रोत्साहन भरी नीति से आने वाले समय में देश का ऑटो सेक्टर पूरी दुनिया में एक मजबूत ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभरकर सामने आएगा.
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