मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने भंग किए सभी विभाग और प्रकोष्ठ, नए सिरे से होगा संगठन का पुनर्गठन
दिल्ली में हुई बैठक के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस ने सभी विभाग, प्रकोष्ठ और जिला इकाइयों को भंग कर दिया है। अब नए सिरे से संगठन का पुनर्गठन किया जाएगा।
भोपाल: नई दिल्ली में पार्टी आलाकमान के साथ हुई मध्य प्रदेश के वरिष्ठ पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक के बाद, प्रदेश कांग्रेस ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लेते हुए अपने सभी विभागों, प्रकोष्ठों तथा उनकी जिला और ब्लॉक स्तरीय सभी इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। यह बड़ा निर्णय प्रदेश में पार्टी के 'संगठन सृजन अभियान' के तहत लिया गया है। अब राज्य में नए सिरे से संगठन के पुनर्गठन का काम किया जाएगा और बहुत जल्द प्रदेश कार्यकारिणी का गठन भी नए सिरे से किया जाएगा। हाल ही में हुए दतिया उपचुनाव के नतीजों से उत्साहित कांग्रेस पार्टी अब आगामी चुनावों की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए संगठन की कमान पूरी तरह से ऊर्जावान, सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ताओं को सौंपने की तैयारी कर रही है।
📊 जिला अध्यक्षों की वर्किंग रिपोर्ट तैयार, चार श्रेणियों में बंटे चेहरे
कांग्रेस पार्टी अब जिला स्तर पर संगठन की रोजमर्रा की गतिविधियों और उनकी सक्रियता की लगातार कड़ी समीक्षा कर रही है।
पार्टी द्वारा पिछले साल अगस्त के महीने में जिन जिला अध्यक्षों की नियुक्तियां की गई थीं, उन्हें पिछले एक साल के दौरान लगातार विभिन्न प्रकार के राजनीतिक टास्क सौंपे गए थे। इसके अलावा, पिछले एक साल के अंतराल में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर जितने भी सामाजिक और राजनीतिक मुद्दे उठे, उन पर जिला अध्यक्षों की भूमिका की भी जांच की गई है।
इसे लेकर प्रदेशभर के सभी जिला अध्यक्षों की एक विस्तृत वर्किंग रिपोर्ट (Working Report) तैयार की गई है। इसमें उन्हें सौंपे गए कामों, समय-समय पर स्थानीय स्तर पर उठाए गए जनहित के मुद्दों, और पार्टी के धरना-प्रदर्शनों में उनकी प्रत्यक्ष सक्रियता को उनकी कार्यकुशलता की मुख्य कसौटी बनाया गया है।
🗂️ डी कैटेगरी वाले खराब परफॉर्म करने वाले अध्यक्षों पर गिरेगी गाज
इस पूरी समीक्षा प्रक्रिया के तहत सभी जिला अध्यक्षों को मुख्य रूप से चार श्रेणियों—ए, बी, सी और डी कैटेगरी (A, B, C & D Categories) में बांटा गया है।
इसमें सबसे खराब परफॉर्मेंस यानी 'डी' कैटेगरी वाले जिला अध्यक्षों को जल्द से जल्द उनके पद से हटाए जाने की सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, जो अध्यक्ष 'बी' और 'सी' कैटेगरी में आए हैं, उन्हें उनके कामकाज में तेजी लाने और सुधार करने की कड़ी नसीहत दी जाएगी, ताकि वे आगे अपनी कार्यशैली को सुधार सकें।
⚡ प्रदेश कार्यकारिणी का भी होगा नए सिरे से गठन, बोले जीतू पटवारी
उधर, ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा संगठनात्मक पुनर्गठन की इस व्यापक प्रक्रिया के अंतर्गत सभी विभागों, प्रकोष्ठों और उनकी इकाइयों को भंग किए जाने के बाद, अब बहुत जल्द पूरी प्रदेश कार्यकारिणी को भी भंग कर नई और मजबूत कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस पूरे बदलाव पर अपनी बात रखते हुए कहा कि, "प्रदेश में पार्टी संगठन को और अधिक मजबूत और धारदार बनाने के लिए 'संगठन सृजन अभियान' चलाया जा रहा है।"
उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके तहत पार्टी में संगठन को जमीनी स्तर पर नए सिरे से तैयार किए जाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है, और आने वाले समय में पार्टी के भीतर केवल उन्हीं सक्रिय, जुझारू और समर्पित कार्यकर्ताओं को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी, जो आगामी राजनीतिक चुनौतियों का पूरी ताकत और मुस्तैदी के साथ डटकर सामना कर सकें।
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