ट्रांसमिशन लाइनों के नीचे बने सैकड़ों मकान: इंदौर के कई क्षेत्र गंभीर खतरे में

Jul 18, 2025 - 20:24
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ट्रांसमिशन लाइनों के नीचे बने सैकड़ों मकान: इंदौर के कई क्षेत्र गंभीर खतरे में

इंदौर:- शहर की कई कॉलोनियों और इलाकों में सैकड़ों मकान ऐसे क्षेत्रों में बने हुए हैं, जहां एक्स्ट्रा हाई टेंशन ट्रांसमिशन लाइनें पहले से ही क्रियाशील हैं। यह निर्माण कार्य केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों की खुली अवहेलना है। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (MPPTCL) ने ऐसे अनधिकृत निर्माणों पर सख्त नजर रखते हुए पिछले तीन वर्षों में 892 नोटिस जारी किए हैं।

जानलेवा खतरे की जद में कॉलोनियां

इंदौर के लिंबोदी, मुसाखेड़ी, खजराना, मुखर्जी नगर, बाणगंगा, नेमावर रोड, सुखलिया, देवास नाका और खंडवा रोड जैसे क्षेत्रों में ट्रांसमिशन लाइनों के नीचे या आसपास रहवासी और व्यावसायिक निर्माण हो चुके हैं। यहां विद्युत सुरक्षा की न्यूनतम दूरी का पालन नहीं किया गया है, जिससे कभी भी गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं।

दुर्घटनाओं ने दिखाई सच्चाई

इन क्षेत्रों में हो चुकी घटनाएं इस खतरे को और भी स्पष्ट करती हैं:

खजराना: टीनशेड लगाते समय मजदूर की मौत

भोपाल: निर्माण के दौरान श्रमिक गंभीर रूप से घायल

जबलपुर: ट्रांसमिशन लाइन के नीचे हाईवा वाहन की टक्कर

इन उदाहरणों से यह साफ है कि यह खतरा सिर्फ सैद्धांतिक नहीं, बल्कि पूरी तरह यथार्थ है।

27 मीटर का कॉरिडोर जरूरी क्यों?

CEA के मानकों के अनुसार, 132 केवी या इससे अधिक वोल्टेज वाली ट्रांसमिशन लाइन के नीचे कम से कम 27 मीटर की सुरक्षा दूरी होना अनिवार्य है। यह दूरी इसलिए जरूरी है ताकि हवा में झूलती बिजली की तारों से कोई संपर्क न हो और जान-माल की हानि न हो।

600 से 950 गुना अधिक खतरा

घरों में आमतौर पर 230 वोल्ट बिजली का उपयोग होता है, जो कि खुद में खतरनाक है। लेकिन ट्रांसमिशन लाइनें 132,000 से 220,000 वोल्ट तक की तीव्रता से चलती हैं  यानी घरेलू बिजली की तुलना में 600 से 950 गुना अधिक घातक। यह दिखाता है कि ऐसे क्षेत्रों में रहना कितना बड़ा जोखिम हो सकता है।

लगातार हो रहे व्यवधान

MPPTCL इंदौर की कार्यपालन अभियंता श्रीमती नम्रता जैन ने जानकारी दी कि जनवरी 2025 से अब तक इंदौर में ट्रांसमिशन लाइनों में 33 बार विद्युत व्यवधान हुआ, जिनमें से 16 बार का कारण मानव या वस्तु का प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश रहा।

जनजागरूकता के लिए अभियान जारी

श्रीमती जैन के अनुसार, ऐसे सभी क्षेत्रों में जहां ट्रांसमिशन लाइनें पहले से कार्यरत हैं और नियमों को अनदेखा कर निर्माण कर लिया गया है, वहां पर घर-घर जाकर सुरक्षा नियमों की जानकारी चस्पा की जा रही है।

साथ ही पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है और यह बताया जा रहा है कि ट्रांसमिशन लाइनों से किस प्रकार के जानलेवा खतरे हो सकते हैं।

ट्रांसमिशन लाइनों के आसपास निर्माण करना न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि यह पूरे मोहल्ले और क्षेत्रवासियों की जान को खतरे में डालता है। MPPTCL द्वारा चलाए जा रहे नोटिस और जागरूकता अभियान निश्चित ही इस दिशा में एक बड़ा कदम है, लेकिन जन भागीदारी और प्रशासनिक सख्ती के बिना इस गंभीर समस्या से निपटना कठिन होगा।

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