Bhopal Medical Success: 32 साल के युवक को था फेफड़ों का कैंसर, भोपाल के जेपी अस्पताल में बिना चीर-फाड़ सफल जांच

भोपाल के जेपी अस्पताल में 32 वर्षीय युवक में लंग एडेनोकार्सिनोमा की पहचान। बिना धूम्रपान के कैंसर का दुर्लभ मामला, आधुनिक ब्रोंकोस्कोपी से हुआ सफल इलाज।

Jun 19, 2026 - 15:11
0
Bhopal Medical Success: 32 साल के युवक को था फेफड़ों का कैंसर, भोपाल के जेपी अस्पताल में बिना चीर-फाड़ सफल जांच

भोपाल। क्या आप जानते हैं कि फेफड़ों का कैंसर केवल बुजुर्गों या धूम्रपान करने वालों को ही होता है? भोपाल के जेपी जिला अस्पताल ने इस धारणा को चुनौती देते हुए एक बेहद दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण मामले का सफल खुलासा किया है। डॉक्टरों ने मात्र 32 साल के एक ऐसे युवक में लंग एडेनोकार्सिनोमा (फेफड़ों का कैंसर) की सटीक पहचान की है, जिसने कभी धूम्रपान को हाथ तक नहीं लगाया था। यह मामला चिकित्सा विज्ञान की दृष्टि से अत्यंत दुर्लभ माना जा रहा है।

🩺 गंभीर स्थिति और सटीक डायग्नोसिस

मरीज जब जेपी अस्पताल पहुँचा, तो उसका दाहिना फेफड़ा सिकुड़ रहा था और उसमें भारी मात्रा में पानी भर चुका था। इसे अक्सर लोग टीबी या साधारण संक्रमण मानकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन अस्पताल के पल्मोनोलॉजिस्ट्स ने मामले की गंभीरता को समझा। डॉ. अंकित तोमर, डॉ. नवीन शर्मा और डॉ. निशा बड़वे की टीम ने निर्णय लिया कि मरीज की 'ब्रोंकोस्कोपी-गाइडेड बायोप्सी' की जाएगी, ताकि बीमारी की जड़ तक पहुँचा जा सके।

🔬 आधुनिक तकनीक: ब्रोंकोस्कोपी (बिना चीर-फाड़ का इलाज)

डॉक्टरों ने इस जटिल जांच के लिए अत्याधुनिक 'मिनिमल इनवेसिव' तकनीक का इस्तेमाल किया। इसमें एक बेहद पतली और लचीली ट्यूब (ब्रोंकोस्कोप) को सांस की नली के जरिए फेफड़ों तक पहुँचाया जाता है। इस ट्यूब में लगे कैमरे की मदद से डॉक्टर फेफड़ों के अंदर का लाइव हाल देखकर जांच के लिए सैंपल लेते हैं। इस तकनीक की सबसे बड़ी खूबी यह है कि मरीज को कोई बड़ा घाव नहीं होता और जांच के अगले ही दिन उसे अस्पताल से छुट्टी मिल गई।

📉 समय पर पहचान से मिली जीवनदान की उम्मीद

हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट में जैसे ही 'लंग एडेनोकार्सिनोमा' की पुष्टि हुई, टीम ने बिना समय गंवाए मरीज की 'टारगेटेड थेरेपी' शुरू कर दी। डॉक्टर बताते हैं कि युवाओं में इस कैंसर के लक्षण मिलना अत्यंत गंभीर विषय है, लेकिन समय रहते पहचान होने से अब मरीज के पूरी तरह स्वस्थ होने की उम्मीद काफी बढ़ गई है। सरकारी जेपी अस्पताल में इस आधुनिक तकनीक के आने के बाद से अब तक 20 से अधिक जटिल मामलों की जांच सफलतापूर्वक की जा चुकी है, जो आम मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User