रक्षाबंधन से पहले डीए (DA) बढ़ाने की मांग, 18 अगस्त को मंत्रालय के घेराव की चेतावनी
मध्य प्रदेश में 7 महीने से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) नहीं मिलने से कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने 18 अगस्त को राज्य मंत्रालय के घेराव की चेतावनी दी है।
भोपाल: आगामी रक्षाबंधन के पावन पर्व से ठीक पहले मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) देने का मुद्दा अब एक बहुत बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक रूप लेता जा रहा है। पिछले 7 महीनों से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत नहीं मिलने के कारण राज्य के लाखों कर्मचारियों में सरकार के प्रति नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।
इसी क्रम में 'तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ' ने सरकार को खुली चेतावनी दी है कि यदि आगामी 10 अगस्त तक सरकार ने उनकी इन लंबित और जायज मांगों पर कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया, तो वे मजबूरन 18 अगस्त को भोपाल में राज्य मंत्रालय पर एक विशाल प्रदेश-स्तरीय प्रदर्शन करेंगे। ऐसे में पहले से ही चल रहे विभिन्न मुद्दों के बीच अब कर्मचारियों का यह संभावित आंदोलन राज्य सरकार की मुश्किलें और अधिक बढ़ा सकता है।
📅 रक्षाबंधन से पहले महंगाई भत्ता और राहत बढ़ाने की पुरजोर मांग
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, ''प्रदेश के लगभग 7.50 लाख कार्यरत नियमित कर्मचारी और 4.50 लाख से अधिक सेवानिवृत्त पेंशनभ कर्मचारी पिछले पूरे 7 महीने से 2 प्रतिशत बढ़े हुए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।''
कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि 1 जनवरी 2026 से प्रभावी करते हुए महंगाई भत्ता और महंगाई राहत को 58 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 60 प्रतिशत किया जाए। संघ का यह भी तर्क है कि केंद्र सरकार पहले ही अपने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों को इसका पूरा लाभ दे चुकी है, और यहाँ तक कि अखिल भारतीय सेवा (All India Services) के अधिकारियों को भी संशोधित दरों के अनुसार भुगतान किया जा चुका है, फिर राज्य के कर्मचारियों के साथ यह देरी क्यों की जा रही है?
📉 आसमान छूती महंगाई ने बिगाड़ा कर्मचारियों का मासिक बजट
कर्मचारी संघ का यह साफ कहना है कि बीते 7 महीनों के दौरान घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में करीब 89 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है, जबकि पेट्रोल के दाम में भी लगभग 9 रुपये प्रति लीटर का इजाफा दर्ज किया गया है।
इसके अलावा, खाने-पीने की जरूरी खाद्य सामग्रियों की कीमतें भी लगातार आसमान छू रही हैं, जिससे आम कर्मचारियों का पूरा मासिक बजट और पारिवारिक गणित पूरी तरह से बिगड़ चुका है। संघ का सीधा और गंभीर आरोप है कि इस भीषण महंगाई के दौर में भी सरकार केवल लगभग 450 करोड़ रुपये की सांकेतिक बचत करने के चक्कर में कर्मचारियों के हक का महंगाई भत्ता रोके बैठी है।
📋 सरकार की टेंशन बढ़ा सकती हैं कर्मचारियों की ये अन्य प्रमुख मांगें
आपको बता दें कि केवल महंगाई भत्ते का मामला ही नहीं, बल्कि इसके अलावा कर्मचारी संगठन सरकार के सामने कई अन्य गंभीर मांगें भी रख रहे हैं।
वे प्रदेश में तुरंत 'कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना' पूरी पारदर्शिता के साथ लागू करने, अनुकंपा नियुक्ति के नियमों में से 'सीपीसीटी' (CPCT) की अनिवार्यता को हमेशा के लिए समाप्त करने, तथा हाल ही में नियुक्त किए गए नए कर्मचारियों के लिए थोपी गई '70-80-90 प्रतिशत वेतन व्यवस्था' को पूरी तरह से खत्म करने की जोरदार मांग कर रहे हैं। संगठन का स्पष्ट कहना है कि इन तमाम महत्वपूर्ण और जमीनी मुद्दों पर लंबे समय से सरकार की तरफ से कोई भी ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
✊ 18 अगस्त को राज्य मंत्रालय के घेराव की पुख्ता तैयारी
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए साफ कर दिया है कि यदि आगामी 10 अगस्त तक उनकी मांगों के समर्थन में औपचारिक आदेश जारी नहीं किए जाते हैं, तो वे 18 अगस्त को राजधानी भोपाल में राज्य मंत्रालय का जोरदार घेराव करेंगे।
इस आंदोलन की रणनीति तैयार करने में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अतुल मिश्रा, कार्यकारी अध्यक्ष विजय रघुवंशी, संरक्षक शिव शंकर रजक, मोहन अय्यर, महामंत्री उमाशंकर तिवारी, रत्नेश मिश्रा और भोपाल जिला अध्यक्ष मोहम्मद सलीम पूरी तरह से जुटे हुए हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द ही उचित निर्णय नहीं लिया, तो यह आगामी प्रदर्शन एक बड़े और उग्र प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप ले सकता है।
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