कबाड़ से कमाल! रामनगर सिविल अस्पताल में बेकार सामग्री से बना आकर्षक योग सेंटर और गार्डन
मैहर जिले के रामनगर सिविल अस्पताल में पुरानी बेकार सामग्री और कबाड़ का उपयोग करके एक खूबसूरत योग सेंटर और हरा-भरा गार्डन तैयार किया गया है।
मैहर : जिले के रामनगर में कबाड़ (Waste) का उपयोग कर नवाचार (Innovation) करने का एक बेहतरीन और अनोखा तरीका सामने आया है। रामनगर स्थित सिविल अस्पताल में बेकार समझी जाने वाली और कबाड़ के रूप में निकलने वाली सामग्री से एक शानदार योग सेंटर (Yoga Center) का निर्माण किया गया है।
इसके साथ ही अस्पताल परिसर में एक हरा-भरा और सुंदर गार्डन भी डेवलप किया गया है। अब इस नवाचार का सकारात्मक असर भी अस्पताल में दिखने लगा है। दूर-दराज से आने वाले मरीज इस पार्क में आकर सुकून से बैठते हैं। मरीजों का भी यही कहना है कि यहाँ का खुशनुमा माहौल देखकर उनकी आधी बीमारी तो वैसे ही ठीक हो जाती है।
♻️ बेकार वाहनों के कबाड़ और पुराने टायरों का किया गया बेहतरीन रीयूज
रामनगर अस्पताल में मुख्य रूप से कंडम वाहनों के कबाड़ और खराब पहियों का उपयोग कर यह योग सेंटर बनाया गया है। पुराने टायरों को बड़ी ही खूबसूरती से काटकर बैठने के लिए कुर्सियां (Chairs) बनाई गई हैं, और बच्चों के खेलने के लिए आकर्षक झूले भी तैयार किए गए हैं।
इसके साथ ही शारीरिक व्यायाम के लिए भी कई तरह की जरूरी सामग्री का निर्माण किया गया है। यहाँ सुबह-शाम मरीजों के साथ-साथ आम लोग भी व्यायाम और कसरत करने आते हैं। वाहनों के लोहे के कबाड़ से कई नई और रचनात्मक आकृतियां बनाकर पूरे गार्डन को बेहद खूबसूरती से सजाया गया है, जिसमें अलग-अलग तरह के औषधीय और छायादार पेड़-पौधे भी लगाए गए हैं।
⏳ दो साल की लगातार मेहनत के बाद पूरी तरह बदल गया अस्पताल का कायापलट
अस्पताल के पिछले हिस्से में स्थित योगा सेंटर के पास लोगों को आराम से घूमने-फिरने के लिए गार्डन के बीच से एक साफ-सुथरा रास्ता (Path) बनाया गया है। इस गार्डन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए कई खराब सामग्री को जोड़कर मजबूत जाली (Fencing) बनाई गई है।
गार्डन में कुछ विशेष प्रकार के पौधे लगाए गए हैं, जिन्हें ट्रिम करके लोहे की आकृतियों का आकार दिया जा रहा है, जो देखने में काफी आकर्षक लगते हैं। कबाड़ से इस योग सेंटर और गार्डन को बनाने की बेहतरीन शुरुआत वर्ष 2024 में तत्कालीन अस्पताल प्रभारी डॉ. विनय रवि सिंह द्वारा की गई थी। इसके बाद से लगातार अस्पताल परिसर में यह काम चलता रहा, और इसी का सुखद नतीजा है कि आज रामनगर अस्पताल में 'कबाड़ से कमाल' तक का सफर पूरी तरह साकार हो चुका है।
🚶♂️ मॉर्निंग वॉक करने और सेल्फी लेने पहुंच रहे शहरवासी
अब इस अस्पताल परिसर का माहौल इतना अच्छा हो गया है कि रोजाना सुबह यहाँ भर्ती मरीजों के साथ-साथ स्थानीय लोग भी योगाभ्यास (Yoga) और मॉर्निंग वॉक (Morning Walk) करने के लिए पहुँच रहे हैं।
इसी सुंदर परिसर में एक छोटा सा और प्यारा सा आशियाना (Shelter) भी बनाया गया है, जहाँ लकड़ी के पुराने टुकड़ों और गाड़ी के खराब कांच की सहायता से एक शानदार डाइनिंग टेबल का निर्माण किया गया है। यहाँ भर्ती मरीजों के परिजन आराम से बैठकर अपना लंच करते हैं और इस खूबसूरत माहौल में सेल्फी (Selfie) भी लेते हैं।
वर्तमान अस्पताल प्रभारी डॉ. शिव प्रताप सिंह ने इस पूरे प्रोजेक्ट के बारे में बताया कि, ''रामनगर सिविल अस्पताल में स्वच्छता और प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह नवाचार किया गया है। कबाड़ के जुगाड़ से पूरे परिसर की कायापलट की गई है और इसे हमारे डॉक्टरों व अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा अपने घर की तरह सजाया और संवारा गया है।''
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)