पशुपालन विभाग में तबादलों को लेकर हंगामा, सीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग

मध्य प्रदेश में पशुपालन विभाग के तबादलों से नाराज पशु चिकित्सकों ने मुख्यमंत्री कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर स्थानांतरण नीति की अनदेखी और मनमानी की जांच की मांग की है।

Aug 05, 2026 - 11:11
0
पशुपालन विभाग में तबादलों को लेकर हंगामा, सीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग

भोपाल । मध्य प्रदेश के पशुपालन विभाग में हाल ही में हुए तबादलों को लेकर veterinarians (पशु चिकित्सकों) और सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। इसी असंतोष के चलते मंगलवार को नाराज अधिकारियों ने मंत्रालय पहुंचकर मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में एक ज्ञापन सौंपा और इन सभी विवादित तबादलों की निष्पक्ष जांच कराए जाने की पुरजोर मांग की है। इस दौरान करीब 20 अधिकारी मंत्रालय में मौजूद रहे।

📄 मुख्यमंत्री के वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपा गया ज्ञापन

नाराज पशु चिकित्सकों ने मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई और पशुपालन विभाग के सचिव सुदाम खाड़े से मुलाकात कर उन्हें विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से यह शिकायत की गई है कि इन तबादलों की पूरी प्रक्रिया के दौरान राज्य सरकार की आधिकारिक स्थानांतरण नीति (Transfer Policy) के नियमों का बिल्कुल भी पालन नहीं किया गया है। अधिकारियों का आरोप है कि केवल प्रशासनिक आवश्यकता का ढोंग रचकर ये सारे तबादले पूरी तरह से मनमाने तरीके से किए गए हैं।

⚠️ तबादलों में मनमाने रवैये और नियमों की अनदेखी का गंभीर आरोप

ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कई डॉक्टर ऐसे हैं जो लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं, लेकिन उनके स्थानांतरण नहीं किए गए। इसके विपरीत, कुछ अन्य चिकित्सकों को बिना किसी ठोस कारण के बेहद दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में लंबी दूरी पर भेज दिया गया है।

तबादला सूची तैयार करते वक्त गंभीर बीमारियों, शारीरिक दिव्यांगता, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और पति-पत्नी की एक ही स्थान पर पदस्थापना जैसी विशेष मानवीय परिस्थितियों की भी पूरी तरह से अनदेखी की गई है। इतना ही नहीं, जो कर्मचारी अपनी सेवानिवृत्ति (Retirement) के बेहद करीब पहुँच चुके हैं, नियमों को ताक पर रखकर उनके भी तबादले कर दिए गए हैं।

🔄 विवादों के चलते मंत्री से वापस ले लिया गया था विभाग

आपको बता दें कि पशु चिकित्सकों और सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों को मिलाकर कुल 166 स्थानांतरण इस समय गंभीर विवादों के घेरे में हैं, और शासन स्तर पर इनकी आधिकारिक जांच भी चल रही है।

उल्लेखनीय है कि गत 1 जून से 16 जून तक चली स्थानांतरण अवधि के दौरान पशुपालन विभाग के तत्कालीन मंत्री लखन पटेल थे। हालांकि, इन तबादलों को लेकर उपजे भारी विवाद और शिकायतों के बाद पिछले महीने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनसे यह विभाग वापस ले लिया था और पशुपालन विभाग का जिम्मा खुद अपने पास रख लिया था, जबकि लखन पटेल को बाद में आनंद विभाग की जिम्मेदारी सौंप दी गई थी।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User